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बायजूस अगले छह महीनों में पांच प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी करेगी

ऐप आ​धारित कोचिंग सेवा प्रदान करने वाली कंपनी बायजूस ने कहा कि कंपनी अगले छह महीनों में पांच प्रतिशत यानी लगभग 2,500 कर्मचारियों की छंटनी करेगी. इसके अलावा यह भारत और विदेशी कारोबार के लिए 10,000 शिक्षकों को नियुक्त करेगी.

(फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: ऐप आ​धारित कोचिंग सेवा प्रदान करने वाली कंपनी बायजूस (BYJU’s) की मार्च, 2023 तक अपनी मार्केटिंग और परिचालन लागत को अधिकतम करके लाभ की स्थिति में पहुंचने की योजना है. इसके लिए कंपनी अगले छह महीनों में पांच प्रतिशत यानी लगभग 2,500 कर्मचारियों की छंटनी करेगी.

कंपनी की सह-संस्थापक दिव्या गोकुलनाथ ने बताया कि कंपनी नई भागीदारियों के जरिये विदेशों में ब्रांड जागरूकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना शुरू करेगी. इसके अलावा यह भारत और विदेशी कारोबार के लिए 10,000 शिक्षकों को नियुक्त करेगी.

गोकुलनाथ ने कहा, ‘हमने पूरे भारत में महत्वपूर्ण ब्रांड जागरूकता पैदा की है. अब हमारी मार्च, 2023 तक लाभप्रदता को हासिल करने की योजना है. इसके लिए हमने एक मार्ग बनाया है. योजना के तहत मार्केटिंग बजट को अधिकतम किया जाएगा और खर्चों की प्राथमिकता तय की जाएगी.’

उन्होंने कहा, ‘यह नई योजना हमें दक्षता बढ़ाने, बेकार चीजों से बचने में मदद करेगी. हमारा हाइब्रिड शिक्षण मॉडल- ‘ट्यूशन केंद्र’ और हमारा ‘ऑनलाइन शिक्षण मॉडल’ जो बायजूस की कक्षाएं या हमारा ‘लर्निंग ऐप’ है. विशेष रूप से हमने हमारे पहले दो उत्पादों के लिए 10,000 शिक्षकों को नियुक्त करने की योजना बनाई है.’

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गोकुलनाथ ने कहा कि आकाश और ग्रेट लर्निंग अलग-अलग संगठनों के रूप में काम करना जारी रखेंगे.

उन्होंने कहा, ‘यह (नई योजना) हमें दक्षता बढ़ाने, अतिरेक से बचने में मदद करेगी. इसलिए भूमिकाओं का भी युक्तिकरण होगा. हमारा हाइब्रिड शिक्षण मॉडल जो कि ट्यूशन सेंटर है और हमारा ऑनलाइन शिक्षण मॉडल जो बायजूस की कक्षाएं या हमारा शिक्षण ऐप है, बहुत अच्छा बढ़ रहा है. हम जो कर रहे हैं उसके अनुसार हमारा राजस्व ट्रैक पर होगा.’

उन्होंने कहा कि अतिरेक और भूमिकाओं के दोहराव से बचने के लिए और प्रौद्योगिकी का बेहतर लाभ उठाकर बायजूस के 50,000 कर्मचारियों में से लगभग पांच प्रतिशत को उत्पाद, सामग्री, मीडिया और प्रौद्योगिकी टीमों में युक्तिसंगत बनाने की उम्मीद है.

गोकुलनाथ ने कहा, ‘अगले छह महीनों में भारत में लगभग आधी नई भर्तियां होंगी. हम अंग्रेजी और स्पेनिश बोलने वाले बाजार में काम करेंगे. शिक्षक अमेरिका और भारत से होंगे. हम लैटिन अमेरिका में भी विस्तार करने की सोच रहे हैं.’

उन्होंने कहा कि वह फीफा जैसे ब्रांडों के साथ अपनी साझेदारी का लाभ उठाएगी और नई साझेदारी मूल्यवर्धन पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो कंपनी सीखने के मामले में करती है.

बायजूस को 31 मार्च, 2021 को समाप्त वित्त वर्ष में 4,588 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 19 गुना अधिक है.

लेकिन 31 मार्च, 2022 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी ने कहा कि राजस्व चार गुना बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गया, लेकिन उसने उस वर्ष के लाभ या हानि की संख्या का खुलासा नहीं किया.

बता दें कि बीते जुलाई महीने में ऐप आ​धारित कोचिंग सेवा प्रदान करने वाली कंपनी बायजूस (BYJU’S) ने कहा था कि उसने अपनी अनुषंगी कंपनियों व्हाइटहैट जूनियर (WhiteHat Jr) और टॉपर (Toppr) से 500 से कम कर्मचारियों को निकाला है, जबकि निकाले गए कर्मचारियों ने समूह की ने दावा किया था कि अकेले टॉपर से ही 1,100 कर्मचारियों को निकाला गया है.

मालूम हो कि इस साल अनएकेडमी, वेंदातू, लीडो, फ्रंट रो जैसे एडटेक फर्मों ने इस साल कुल मिलाकर हजारों लोगों की छंटनी की है.

बीते मई महीने में शिक्षा प्रौद्योगिकी कंपनी वेदांतू (Vedantu) ने वैश्विक परिस्थितियों और ‘मंदी’ की आशंका का हवाला देते हुए 424 और कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया था. उससे 15 दिन पहले वेदांतू ने 200 कर्मचारियों की छंटनी की थी.

इस साल बीते अप्रैल माह में अनएकेडमी (Unacademy) ने करीब 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला था. शिक्षा-प्रौद्योगिकी कंपनी अनएकेडमी ने खराब प्रदर्शन और काम के हिसाब से जरूरत नहीं होने के आधार पर अपने कर्मचारियों को निकाल दिया था.

वहीं, फरवरी में लीडा लर्निंग को अपना संचालन बंद करना पड़ा था, जिसके कारण एक हजार लोग बेरोजगार हो गए थे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)