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पैरोल पर बाहर आए गुरमीत राम रहीम का ऑनलाइन प्रवचन; कुछ भाजपा नेता भी शामिल हुए

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पैरोल मिलने और सत्संग के इस ऑनलाइन कार्यक्रम की कड़ी आलोचना की जा रही है. हरियाणा में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि ऐसा राज्य में अगले महीने के उप-चुनाव और पंचायत चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया गया है.

गुरमीत राम रहीम. (फोटो साभार: फेसबुक)

करनाल: पैरोल पर बाहर आया डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पिछले कुछ दिनों से ऑनलाइन सत्संग कर रहा है, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हरियाणा इकाई के कई नेताओं ने भाग लिया है.

राम रहीम के पैरोल पर बाहर रहने का समय एक बार फिर क्षेत्र में कुछ चुनावों की तारीखों से मेल खा रहा है. इस वर्ष यह ऐसा तीसरा उदाहरण है. हरियाणा में अगले महीने पंचायत चुनाव और आदमपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं.

इससे पहले राम रहीम को जून 2022 में एक महीने की पैरोल पर रिहा किया गया था और फरवरी 2022 में उसकी तीन सप्ताह की फर्लो (एक प्रकार की छुट्टी) मंजूर की गई थी. इस दौरान उसे परिवार के सदस्यों के अलावा किसी से मिलने नहीं दिया गया था. उसकी 21 दिन की रिहाई के दौरान उसे जेड प्लस सुरक्षा दिया गया था.

राम रहीम को तीन सप्ताह की छुट्टी पंजाब विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले मिली थी. पंजाब खासकर बठिंडा, संगरूर, पटियाला और मुक्तसर में इस पंथ के बड़ी संख्या में अनुयायी हैं.

साल 2017 में बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पिछले सप्ताह शुरू हुई 40 दिनों की पैरोल पर है. उसे पैरोल मिलने और इस ऑनलाइन कार्यक्रम की कड़ी आलोचना की जा रही है. हरियाणा में विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि ऐसा राज्य में अगले महीने के उप-चुनाव और पंचायत चुनावों को प्रभावित करने के लिए किया गया है.

डेरा प्रमुख अपनी दो शिष्यों के साथ बलात्कार के लिए 20 साल की जेल की सजा काट रहा है. वह हरियाणा में 46 नगर पालिकाओं के चुनाव से पहले जून में एक महीने की पैरोल पर जेल से बाहर आया था.

डेरा प्रमुख को पंजाब विधानसभा चुनाव से करीब दो हफ्ते पहले सात फरवरी से तीन सप्ताह की छुट्टी दी गई थी. हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बड़ी संख्या में सिरसा डेरा के अनुयायी हैं.

55 वर्षीय सिरसा डेरा प्रमुख राम रहीम उत्तर प्रदेश के बागपत में डेरा के बरनावा आश्रम से ऑनलाइन सत्संग कर रहा है.

हरियाणा के उप-विधानसभाध्यक्ष रणबीर गंगवा बुधवार को हिसार में ऑनलाइन प्रवचन सुनने के लिए डेरा के अनुयायियों की एक सभा में मौजूद थे. इस दौरान उन्होंने सिरसा डेरा से अपने परिवार के जुड़ाव की चर्चा की.

इससे पहले करनाल की मेयर रेणु बाला, उप महापौर नवीन कुमार और वरिष्ठ उप महापौर राजेश अग्गी सहित कुछ अन्य भाजपा नेताओं के साथ मंगलवार (18 अक्टूबर) को एक ऑनलाइन सत्संग में शामिल हुईं.

डेरा प्रमुख को बीते 14 अक्टूबर को 40 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था. उसके बाद डेरा प्रमुख रोहतक की सुनारिया जेल से बरनावा आश्रम गया.

ऑनलाइन सत्संग के दौरान डेरा प्रमुख से बातचीत करते हुए उप-विधानसभाध्यक्ष गंगवा ने कहा कि वह डेरा प्रमुख द्वारा दिए गए आशीर्वाद से खुश हैं.

रेणु बाला ने डेरा प्रमुख को ‘पिताजी’ के रूप में संबोधित किया और कहा कि डेरा प्रमुख का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई साल पहले वह करनाल आए थे और स्वच्छता का संदेश दिया, जिससे शहर को मदद मिली.

वह कार्यक्रम के एक वीडियो में कहती सुनाई दे रही हैं, ‘भविष्य में भी आप करनाल आएं और एक बार फिर स्वच्छता का संदेश दें और हमें अपना आशीर्वाद दें.’

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘मुझे साध संगत द्वारा सत्संग में आमंत्रित किया गया था. उत्तर प्रदेश से ऑनलाइन सत्संग हुआ. मेरे वार्ड में बहुत से लोग बाबा से जुड़े हुए हैं. हम सामाजिक जुड़ाव से कार्यक्रम में पहुंचे और इसका भारतीय जनता पार्टी और आगामी उपचुनाव से कोई लेना-देना नहीं है.’

यह पूछे जाने पर कि क्या वह धर्मगुरु (राम रहीम) का आशीर्वाद लेंगी, महापौर ने कहा, ‘लोगों का आशीर्वाद होना आवश्यक है.’

उन्होंने इस बात पर जोर देने की कोशिश की कि सभी दोषियों को पैरोल के लिए आवेदन दायर करने का अधिकार है और राम रहीम सिंह के मामले में कोई विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है.

महापौर ने कहा, ‘हो सकता है कि उन्होंने दिवाली के त्योहार के लिए पैरोल ली हो और हमें इसे चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए.’

गंगवा ने बृहस्पतिवार को फोन पर संपर्क करने पर कहा कि उन्हें डेरा प्रमुख के ऑनलाइन सत्संग में भाग लेने में कुछ भी गलत नहीं लगता. उन्होंने कहा कि दशकों से वह और उनका परिवार डेरा से जुड़ा है और यह व्यक्तिगत विश्वास और पसंद का मामला है.

डेरा प्रमुख की पैरोल के समय को लेकर उठे विवाद के बारे में गंगवा ने कहा, ‘उन्हें ऐसे समय भी पैरोल मिला था, जब कोई चुनाव नहीं था, इसलिए मुझे इसमें कोई मुद्दा नहीं दिखता.’

हरियाणा के आदमपुर विधानसभा क्षेत्र में 3 नवंबर को उपचुनाव के लिए मतदान होना है. वहीं राज्य के नौ जिलों में 9 और 12 नवंबर को पंचायतों के लिए मतदान होगा.

गौरतलब है कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 28 अगस्त, 2017 में सिरसा में अपने आश्रम में दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई थी. सिरसा में डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय है.

उसे पंचकूला में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने दोषी ठहराया था. वह रोहतक के सुनारिया जेल में बंद है.

यह फैसला आने के बाद राम रहीम के समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया था, जिसमें 30 से अधिक लोग मारे गए थे और करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ था.

जनवरी 2019 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

16 साल पुराने इस मामले में अदालत ने गुरमीत राम रहीम के साथ ही तीन अन्य दोषियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी.

गुरमीत राम रहीम को 2002 में डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या की साजिश रचने के लिए भी पिछले साल चार अन्य लोगों के साथ दोषी ठहराया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)