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गुजरात: दो ज़िलों से पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, अफ़ग़ानी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने को कहा गया

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 16 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए गुजरात के मेहसाणा और आनंद ज़िलों के कलेक्टरों को पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफ़ग़ानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बुद्ध, जैन, पारसी, ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान करने की अनुमति दी है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें गुजरात के दो जिलों- मेहसाणा और आनंद- के कलेक्टरों को पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई समुदाय के लोगों को नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान करने की अनुमति दी है.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, अपनी अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने नागरिकता अधिनियम-1955 की धारा 16 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करने का हवाला दिया है.

गृह मंत्रालय ने अधिसूचना में सभी शर्तों का पालन करने के लिए भी कहा है, जिसमें भारत के नागरिक के रूप में पंजीकरण के लिए आवेदन करना या उक्त नियमों के तहत भारतीय नागरिक के रूप में  प्रमाण पत्र प्रदान करना शामिल है, जो आवेदक द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा.

आवेदन का सत्यापन जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा किया जाएगा और आवेदन व उस पर रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर केंद्र सरकार को उपलब्ध कराई जाएगी. आवेदक नागरिकता पाने के लिए उपयुक्त है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए कलेक्टर जो भी जांच जरूरी समझते हैं, कर सकते हैं.

ऐसी जांच पूरी करने के लिए वे विभिन्न एजेंसियों को सत्यापन और टिप्पणी के लिए आवेदन ऑनलाइन आगे बढ़ा सकते हैं.

बता दें कि बीते अगस्त माह में गुजरात के गृह मंत्री हर्ष सांघवी ने अहमदाबाद कलेक्ट्रेट में 40 पाकिस्तानी हिंदुओं को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपा था.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि 2017 से जिला कलेक्टर द्वारा कुल 1,032 पाकिस्तानियों को नागरिकता दी गई है.

2016 और 2018 की गजट अधिसूचनाओं के अनुसार अहमदाबाद, गांधीनगर और कच्छ के जिला कलेक्टरों को अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों सहित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का अधिकार दिया गया है.

नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की जांच राज्य और केंद्र, दोनों सरकारों के खुफिया विभाग की टीमों द्वारा की जाती है.

विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि 2022 में अब तक 107 पाकिस्तानी हिंदुओं को अहमदाबाद के जिला कलेक्टर द्वारा भारतीय नागरिक नागरिकता दी गई है.