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कर्नाटक: आधार न होने पर गर्भवती को अस्पताल ने भर्ती नहीं किया, जुड़वा नवजात बच्चों समेत मौत

कर्नाटक के तुमकुरु ज़िला अस्पताल का मामला. मां समेत उसके जुड़वा बच्चों की मौत के बाद अस्पताल के प्रसूति वार्ड की तीन प्रभारी नर्सों और एक ऑन-ड्यूटी डॉक्टर को लापरवाही के लिए निलंबित करने के साथ मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: रॉयटर्स)

तुमकुरू/बेंगलुरु: तमिलनाडु की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बावजूद कर्नाटक के तुमकुरु शहर स्थित एक अस्पताल ने कथित तौर पर भर्ती करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसके जुड़वां नवजात बच्चों और उसकी मौत हो गई.

इस मामले में जिला स्वास्थ्य अधिकारी (डीएचओ) डॉ. मंजूनाथ डीएन ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को निलंबित करने की सिफारिश की है.

महिला के परिवार में कोई नहीं था. उसके पड़ोसियों ने बताया कि कस्तूरी (30 वर्ष) एक अन्य बेसहारा लड़की के साथ भारती नगर में किराये के मकान में रहती थीं. महिला को बुधवार (2 नवंबर) को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद उनके कुछ पड़ोसियों ने पैसे इकट्ठे किए और उन्हें ऑटोरिक्शा में तुमकुरु के जिला अस्पताल भेजा.

उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों ने यह कहते हुए उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया कि उनके पास आधार कार्ड या ‘मातृत्व कार्ड’ नहीं है और उन्हें घर भेज दिया.

महिला के पड़ोसियों ने बताया कि मौके पर मौजूद एक डॉक्टर ने उन्हें कहा कि वह उसे बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए एक पर्ची पर लिखकर देंगे. इसके बाद महिला दर्द में ही घर लौट आई.

तमिलनाडु की यह महिला मजदूरी करती थीं और वह एबुलेंस से बेंगलुरु जाने के लिए रुपये का प्रबंध न कर पाने की वजह से बुधवार रात अस्पताल से घर लौट आईं.

उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार (3 नवंबर) सुबह उनका दर्द बढ़ गया और उन्होंने एक बच्चे को जन्म दिया. दूसरे बच्चे को जन्म देते समय बहुत रक्तस्राव हुआ और उनकी मौत हो गई.

डॉ. मंजूनाथ ने बताया कि इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी.

गर्भवती महिला की मौत के बाद चिकित्सक व तीन नर्स निलंबित

इस घटना के बाद संबंधित अस्पताल के प्रसूति वार्ड की तीन प्रभारी नर्सों और एक ऑन-ड्यूटी डॉक्टर को लापरवाही के लिए निलंबित करने और मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं. कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री के. सुधाकर ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.

मंत्री ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त के नेतृत्व में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है, जो जांच कर तीन हफ्तों के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी.

उन्होंने कहा कि अगर दोषी पाया गया तो निलंबित कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी.

सुधाकर ने कहा, ‘तुमकुरु में एक गर्भवती महिला और दो नवजात शिशुओं की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से मैं बेहद दुखी हूं. अस्पताल का दौरा कर इस स्तब्ध कर देने वाली घटना का जायजा लेने के बाद इस मामले में जांच और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं.’

उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया, प्रसूति वार्ड की तीन प्रभारी नर्स और एक ऑन-ड्यूटी डॉक्टर की लापरवाही पाई गई. उन्होंने कहा, ‘मैंने आगे की जांच के साथ उनके तत्काल निलंबन का आदेश दिया है.’

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कई आदेशों के माध्यम से इसे स्पष्ट किया है कि अस्पताल के कर्मचारियों और डॉक्टरों का यह सर्वोपरि कर्तव्य है कि वे आपात स्थिति में मरीजों का इलाज करें और ऐसी गंभीर परिस्थितियों में कभी भी दस्तावेजीकरण पर जोर न दें.

उन्होंने कहा, ‘विभाग ने आदेश फिर से जारी किया है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि पहले गंभीर परिस्थितियों में मरीजों का हर कीमत पर इलाज किया जाए.’

उन्होंने कहा, ‘अगर इस मामले में निलंबित कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने के साथ बर्खास्त कर दिया जाएगा. मैं डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों से यह सुनिश्चित करने के लिए उचित उपाय करने का आग्रह करता हूं कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)