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प्रिंट और डिजिटल मीडिया एसोसिएशन को सेल्फ-रेगुलेटरी संगठन के रूप में सरकार की मंज़ूरी

एक आधिकारिक आदेश के माध्यम से सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बताया है कि प्रिंट और डिजिटल मीडिया एसोसिएशन (पद्म) को एक स्व-नियामक निकाय के रूप में पंजीकृत किया गया है, जो डिजिटल मीडिया मचों पर समसायिक मामलों से संबंधित सामग्री से जुड़ी शिकायतों को देखेगा.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/@official.anuragthakur)

नई दिल्ली: सरकार ने देश भर में समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों के लिए प्रिंट और डिजिटल मीडिया एसोसिएशन (PADMA) को एक स्व-नियामक निकाय के रूप में मंजूरी दे दी है.

47 डिजिटल समाचार प्रकाशकों के साथ यह संगठन अपने मंचों पर डिजिटल मीडिया समाचार सामग्री से संबंधित शिकायतों को देखेगा.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, 2 दिसंबर को एक आधिकारिक आदेश के माध्यम से सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा, ‘यह सूचित किया जाता है कि प्रिंट और डिजिटल मीडिया एसोसिएशन को सदस्य प्रकाशकों के साथ एक स्व-नियामक निकाय के रूप में पंजीकृत किया गया है.’

आदेश के मुताबिक, संगठन की अध्यक्षता हाईकोर्ट के पूर्व जज मूल चंद गर्ग करेंगे और प्रसार भारती के अंशकालिक सदस्य अशोक कुमार टंडन एवं पत्रकार मनोज कुमार मिश्रा इसके सदस्य होंगे.

इसमें कहा गया है, ‘प्रिंट और डिजिटल मीडिया एसोसिएशन नियमों के तहत आचार संहिता से संबंधित शिकायतों के निवारण के उद्देश्य से नियम 12 के उप-नियम (4) और (5) में निर्धारित कार्य करेगा. निकाय यह भी सुनिश्चित करेगा कि सदस्य प्रकाशक नियमों के प्रावधानों का पालन करने के लिए सहमत हों, जिसमें नियम 18 के तहत आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करना भी शामिल है.’

इसके साथ, मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 12 के तहत मई 2021 से नौ स्व-नियामक निकायों को मंजूरी दे दी है. इनमें डिजीपब न्यूज इंडिया फाउंडेशन, ऑनलाइन मीडिया परिसंघ (इंडिया) और एनबीएफ- प्रोफेशनल न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी व अन्य शामिल हैं.

प्रिंट और डिजिटल मीडिया एसोसिएशन के सीईओ जितेंद्र मेहता ने कहा, ‘संगठन मुख्य रूप से डिजिटल मीडिया मचों पर समसायिक मामलों से संबंधित सामग्री से जुड़ी शिकायतों को देखेगा.’

सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के नियम 12 में कहा गया है कि स्व-नियामक निकाय ‘प्रकाशक द्वारा आचार संहिता का पालन सुनिश्चित करेंगे; आचार संहिता के पहलुओं पर प्रकाशकों को मार्गदर्शन प्रदान करेंगे; उन शिकायतों का समाधान करेंगे, जिन्हें प्रकाशकों द्वारा 15 दिनों के भीतर हल नहीं किया गया है; प्रकाशकों के निर्णय के विरुद्ध शिकायतकर्ता द्वारा दायर अपीलों को सुनेंगे; आचार संहिता का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए ऐसे प्रकाशकों को इस तरह के मार्गदर्शन या परामर्श जारी करेंगे.’