केंद्रीय विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों और ग़ैर-शिक्षकों के 58,000 पद ख़ाली

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने लोकसभा में बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों के 12,099 तथा ग़ैर-शिक्षण कर्मचारियों के 1,312 पद ख़ाली हैं. इसी तरह जवाहर नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों के 3,271 तथा ग़ैर-शिक्षण कर्मचारियों के 1,756 पद खाली हैं.

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(प्रतीकात्मक फोटो: फेसबुक)

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने लोकसभा में बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों के 12,099 तथा ग़ैर-शिक्षण कर्मचारियों के 1,312 पद ख़ाली हैं. इसी तरह जवाहर नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों के 3,271 तथा ग़ैर-शिक्षण कर्मचारियों के 1,756 पद खाली हैं.

(प्रतीकात्मक फोटो: फेसबुक)

नई दिल्ली: देश भर में केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 58,000 से ज्यादा पद खाली हैं. सरकार ने यह जानकारी दी.

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों के 12,099 तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 1,312 पद खाली हैं. इसी तरह जवाहर नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों के 3,271 तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 1,756 पद खाली हैं.

उच्च शिक्षण संस्थानों में सर्वाधिक खाली पद केंद्रीय विश्वविद्यालयों में हैं, जहां शिक्षकों के 6,180 तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 15,798 पद अभी भरे जाने हैं.

मंत्री के जवाब के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में शिक्षकों के 4,425 और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 5,052 पद, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) तथा भारतीय आभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में शिक्षकों के 2,089 तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 3,773 पद खाली हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, इसी तरह भारतीय विज्ञान संस्थान और भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान में रिक्त शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों की संख्या 353 और 625 है.

केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों और केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों में खाली पद. (स्रोत: लोकसभा)

भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम) में 1,050 टीचिंग और गैर-शैक्षणिक पद खाली हैं.

सरकार ने कहा, ‘सेवानिवृत्ति, इस्तीफे, पदोन्नति और उन्नयन या नई धाराओं को मंजूरी देने के साथ-साथ छात्रों की संख्या में वृद्धि के कारण अतिरिक्त आवश्यकता के कारण रिक्तियां उत्पन्न होती हैं.’

सरकार ने कहा, ‘रिक्तियों को भरना एक सतत प्रक्रिया है और संबंधित संस्थान के प्रासंगिक भर्ती नियमों के प्रावधानों के अनुसार रिक्तियों को भरने का प्रयास किया जाता है.’

उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) और नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस) द्वारा अस्थायी अवधि के लिए शिक्षकों को भी अनुबंध के आधार पर नियुक्त किया जाता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शिक्षण की प्रक्रिया बाधित न हो.

उन्होंने कहा, ‘फैकल्टी की कमी को पूरा करने के लिए उच्च शिक्षा संस्थान में विजिटिंग या एडजंक्ट फैकल्टी, एमेरिटस प्रोफेसर की भर्ती और नियुक्ति का प्रावधान है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)