छात्रों को 2025-26 तक 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा में दो बार बैठने का विकल्प मिलेगा: शिक्षा मंत्री

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 2020 में पेश की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एक उद्देश्य छात्रों पर शैक्षणिक तनाव को कम करना है. 2025-26 शैक्षणिक सत्र से छात्रों को 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में दो बार बैठने का मौका मिलेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके पास अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर हो. 

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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान. (फोटो साभार: फेसबुक)

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 2020 में पेश की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का एक उद्देश्य छात्रों पर शैक्षणिक तनाव को कम करना है. 2025-26 शैक्षणिक सत्र से छात्रों को 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में दो बार बैठने का मौका मिलेगा, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके पास अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर हो.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार (19 फरवरी) को कहा कि छात्रों को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से साल में दो बार 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने का विकल्प मिलेगा.

प्रधान छत्तीसगढ़ में पीएम श्री (प्राइम मिनिस्टर स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना शुरू करने के बाद बोल रहे थे, जिसके तहत राज्य के 211 स्कूलों को अपग्रेड किया जाएगा. यह समारोह रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में आयोजित किया गया था.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि 2020 में पेश की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) का एक उद्देश्य छात्रों पर शैक्षणिक तनाव को कम करना है. उन्होंने कहा कि 2025-26 शैक्षणिक सत्र से छात्रों को 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में दो बार बैठने का मौका मिलेगा.

पिछले साल अगस्त में शिक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित नए पाठ्यक्रम ढांचे (एनसीएफ) के अनुसार, बोर्ड परीक्षाएं साल में कम से कम दो बार आयोजित की जाएंगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि छात्रों के पास अच्छा प्रदर्शन करने के लिए पर्याप्त समय और अवसर हो. उन्हें सर्वश्रेष्ठ स्कोर बरकरार रखने का विकल्प भी मिलेगा.

समारोह में उपस्थित छात्रों से यह पूछते हुए कि क्या वे इस फैसले से खुश हैं, केंद्रीय मंत्री ने उनसे दोनों परीक्षाओं में उपस्थित होने के बाद प्राप्त सर्वोत्तम अंकों को अपने पास रखने के लिए कहा.

उन्होंने कहा, ‘एनईपी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का दृष्टिकोण छात्रों को तनाव मुक्त रखना, उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से समृद्ध करना, छात्रों को संस्कृति से जोड़े रखना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है. यह 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने का सूत्र है.’

प्रधान ने राज्य में पिछली कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि शिक्षा उनकी प्राथमिकता नहीं थी, लेकिन भाजपा के सत्ता में आने और पिछले साल दिसंबर में नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के पदभार संभालने के बाद इस प्रमुख क्षेत्र को अत्यधिक महत्व मिला है.

प्रधान ने कहा कि पीएम श्री (PM SHRI) योजना के पहले चरण में छत्तीसगढ़ में 211 स्कूलों (193 प्राथमिक स्तर और 18 माध्यमिक) को ‘हब एंड स्पोक’ मॉडल पर 2 करोड़ रुपये (प्रत्येक पर) खर्च करके अपग्रेड किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के अनुरोध के अनुसार, योजना के अगले चरण में अधिक माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को शामिल किया जाएगा.

प्रधान ने कहा कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी करेगा और उन्हें उम्मीद है कि चार साल में होने वाले इस आयोजन में देश के लिए 10 प्रतिशत पदक छत्तीसगढ़ के एथलीटों से आने चाहिए और इसकी तैयारी इसी साल से शुरू होनी चाहिए.

समारोह में मुख्यमंत्री साय, स्कूल एवं उच्च शिक्षा मंत्री अग्रवाल और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.

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