त्रिपुरा: टिपरा मोथा ने जनजातीय मांगों के समर्थन में केंद्र के ख़िलाफ़ प्रदर्शन की धमकी दी

त्रिपुरा का विपक्षी दल टिपरा मोथा राज्य की जनजातीय आबादी के संवैधानिक समाधान की मांग कर रहा है. आदिवासियों के लिए ग्रेटर टिपरालैंड राज्य और त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त ज़िला परिषद को सीधे वित्तपोषण जैसी अपनी अन्य मांगों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ कई वार्ताओं में भी शामिल रहा है.

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प्रद्योत किशोर देबबर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक)

त्रिपुरा का विपक्षी दल टिपरा मोथा राज्य की जनजातीय आबादी के संवैधानिक समाधान की मांग कर रहा है. आदिवासियों के लिए ग्रेटर टिपरालैंड राज्य और त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त ज़िला परिषद को सीधे वित्तपोषण जैसी अपनी अन्य मांगों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ कई वार्ताओं में भी शामिल रहा है.

प्रद्योत किशोर देबबर्मा. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: टिपरा मोथा पार्टी ने घोषणा की है कि वह राज्य की जनजातीय आबादी को ‘संवैधानिक समाधान’ देने में केंद्र सरकार की ओर से ‘देरी’ के विरोध में त्रिपुरा की जीवन रेखा कहे जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 8 को अवरुद्ध करेगी.

पार्टी के अध्यक्ष बिजॉय कुमार हरंगखाल ने रविवार को पार्टी की केंद्रीय कार्य समिति और जिला नेताओं की बैठक के बाद यह घोषणा की.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इससे पहले पार्टी के संस्थापक प्रद्योत किशोर देबबर्मा ने पार्टी की मांग के समर्थन में दबाव बनाने के लिए आमरण अनशन पर जाने की धमकी दी थी. बाद में उन्हें केंद्र सरकार और वरिष्ठ भाजपा नेताओं के साथ बैठक के लिए नई दिल्ली बुलाया गया था.

प्रद्योत के नई दिल्ली में डेरा डालने के बावजूद बिजॉय ने कहा कि अगरतला से 30 किमी दूर हताई कोटोर में बुधवार (28 फरवरी) को होने वाला पार्टी का आंदोलन योजना के अनुरूप ही होगा. प्रद्योत ने दो दिन पहले कहा था कि अगर दो-तीन दिन में केंद्र के साथ बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई तो वह आमरण अनशन (मृत्यु तक अनशन) शुरू कर देंगे.

बिजॉय ने केंद्र सरकार पर पार्टी के जनाधार को कमजोर करने का आरोप लगाया.

विधानसभा में प्रमुख विपक्षी दल टिपरा मोथा आदिवासियों के लिए ग्रेटर टिपरालैंड राज्य और त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद को सीधे वित्त पोषण जैसी अपनी अन्य मांगों को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ कई वार्ताओं में शामिल रहा है.

2022 में ग्रेटर टिपरालैंड की मांग पर चर्चा के लिए एक वार्ताकार नियुक्त करने के गृहमंत्री अमित शाह के आश्वासन के साथ चर्चा शुरू हुई थी. इसके बाद त्रिपुरा में पूर्वोत्तर मामलों पर गृह मंत्रालय के सलाहकार एके मिश्रा के साथ चर्चा की गई.

सत्तारूढ़ भाजपा के आदिवासी सहयोगी, इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा; आदिवासी कबीले के नेता; भाजपा आदिवासी विंग जनजाति मोर्चा और अन्य राजनीतिक दलों की जनजातीय शाखाओं के साथ भी बातचीत हुई और टिपरा मोथा नेता समाधान की तलाश में अक्सर नई दिल्ली जाते रहे हैं.

इस महीने की शुरुआत में नई दिल्ली में एक बैठक बेनतीजा समाप्त होने के बाद टिपरा मोथा नेताओं ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था, लेकिन आगामी संसदीय चुनावों के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने के लिए एक बैठक में भाग लिया था.