जेएनयू छात्रा ने यौन उत्पीड़न की शिकायत पर प्रशासन की निष्क्रियता के ख़िलाफ़ धरना शुरू किया

जेएनयू की एक छात्रा ने दो पूर्व छात्रों समेत चार लोगों के ख़िलाफ़ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि उनकी शिकायत पर प्रशासन की निष्क्रियता के मद्देनज़र उन्होंने परिसर के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है.

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने चार लोगों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए उनकी शिकायत पर प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है और यूनिवर्सिटी कैंपस के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है.

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक, उनका आरोप है कि 31 मार्च की रात कैंपस में दो पूर्व छात्रों समेत चार लोगों ने उनका यौन उत्पीड़न किया. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

हालांकि, शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं. छात्रा ने दावा किया, ‘मुझे शिकायत दर्ज कराए हुए 30 घंटे से अधिक समय बीत गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है. बहुत सारी औपचारिकताएं की जा रही हैं, मैं और मेरे दोस्त प्रशासन के पास हैं, अपनी कक्षाएं छोड़ रहे हैं, न्याय की मांग कर रहे हैं और वह सब कुछ कर रहे हैं जो हम कर सकते हैं लेकिन अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं.’

इसी बीच, विश्वविद्यालय ने कहा कि वह उचित प्रक्रिया का पालन कर रहा है. जेएनयू के मुख्य प्रॉक्टर सुधीर कुमार ने कहा, ‘हम उचित प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं जिसमें समय लगता है. हमें आरोपियों को अपना बचाव करने का मौका भी देना होगा.’

शिकायतकर्ता ने परिसर में अपनी सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा, ‘जिस व्यक्ति ने मुझे और मेरे मित्र को परेशान किया वह उसी छात्रावास में रहता है जिसमें मैं रहती हूं और मुझसे अपेक्षा की जाती है कि मैं उसी छात्रावास, उन्हीं गलियारों, उसी मेस में जाकर उस व्यक्ति का सामना करूं जिसने मुझे मानसिक रूप से इतना परेशान किया है.’

चीफ प्रॉक्टर ने पहले कहा था कि आरोपों का सामना कर रहे दो पूर्व छात्रों को ‘कैंपस से बाहर रहने’ को कहा गया है.

उन्होंने कहा, ‘हमने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रॉक्टर कार्यालय आरोपों की जांच कर रहा है. दोनों पूर्व छात्रों के परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. उचित प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.’

शिकायतकर्ता ने मामले में निष्क्रियता को लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की भागीदारी पर भी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि उनका को प्रभाव न देखने के बाद उन्होंने विरोध शुरू करने का फैसला किया.

उन्होंने कहा, ‘जेएनयूएसयू की निष्क्रियता को देखने के बाद मैंने मामले को अपने हाथों में लेने का फैसला किया. वे पीड़िता के बिना प्रॉक्टर से मिलने गए, जबकि मैं और मेरे दोस्त प्रशासन के साथ औपचारिकताओं को पूरा करने में व्यस्त थे.’

छात्रा ने एक आरोपी को तत्काल साबरमती हॉस्टल से गिरफ्तार करने, आरोपी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने, पूर्व छात्रों को बाहर करने का आदेश देने और अपनी तथा अपने दोस्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने की मांग की.

विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि कथित घटना तब हुई जब शिकायतकर्ता और उसका एक दोस्त देर रात करीब दो बजे जेएनयू रिंग रोड के पास टहल रहे थे. आरोप है कि एक कार में स्नातक कर चुके दो पूर्व छात्रों सहित चार लोगों ने कथित तौर पर उनका पीछा किया था. अधिकारी ने बताया कि इन लोगों ने कथित तौर पर छात्रा का यौन उत्पीड़न किया.

उधर, वाम नेतृत्व वाले छात्र संघ ने आरोप लगाया है कि दो पूर्व छात्रों सहित चार लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से हैं.

हालांकि, एबीवीपी ने इस आरोप से इनकार करते हुए दावा किया है कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है.

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