नॉर्थ ईस्ट डायरी: भाजपा के मुख्यमंत्री ने कहा, मीडिया को सरकार की आलोचना से नहीं हिचकना चाहिए

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में त्रिपुरा, मिज़ोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम, नगालैंड और मणिपुर के प्रमुख समाचार.

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असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल. (फोटो साभार: फेसबुक/Sarbananda Sonowal)

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में त्रिपुरा, मिज़ोरम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, असम, नगालैंड और मणिपुर के प्रमुख समाचार.

Sonowal with Journalists family Photo from twitter
शुक्रवार एक समारोह में लापता/शहीद हुए पत्रकारों के परिवार को वित्तीय सहायता देते मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल (फोटो: twitter/@sarbanandsonwal)

गुवाहाटी:  असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अपनी सरकार के प्रदर्शन पर मीडिया की आलोचना का स्वागत किया और पत्रकारों से अनुरोध किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में उनकी मदद करें.

उन्होंने कहा कि मीडिया ने हमेशा राज्य में अग्रसक्रिय भूमिका निभाई है. वह सरकार के कामकाज पर करीबी नजर रखती है और उन्हें अवश्य ऐसा करना जारी रखना चाहिये. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अगर हम कोई गलती करते हैं तो मीडिया को हमारी आलोचना करने से नहीं हिचकना चाहिये.

शुक्रवार को उन्होंने पत्रकारों के परिवारों को वित्तीय सहायता देने के बाद यहां यह बात कही. इन पत्रकारों की या तो उग्रवादियों ने हत्या कर दी थी या ये लापता हो गए.

सोनोवाल ने कहा कि कोई भी योजना या धन का आवंटन परिवर्तन नहीं ला सकता, जब तक कि मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर पंचायत कार्यालय तक पूरी व्यवस्था भ्रष्टाचार मुक्त न हो.

उन्होंने कहा, ‘बदलाव तभी संभव होगा जब गरीब से गरीब व्यक्ति दावा कर सकता है कि उसे सरकार से राहत मिली है और जब तक ऐसा नहीं होता है तब तक हम सफल होने का दावा नहीं कर सकते हैं.’

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 32 पत्रकारों के रिश्तेदारों में प्रत्येक को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि का वितरण किया. सोनोवाल ने कहा कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके अभियान में मदद करने के लिये मीडिया की आभारी है.

उन्होंने कहा, ‘समाज, राज्य और देश के लिये अपने प्राण न्योछावर करने वाले पत्रकारों के बलिदान को हम व्यर्थ नहीं जाने दे सकते और शांतिपूर्ण, आतंक मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, प्रदूषण मुक्त और आर्थिक रूप से पुनरुत्थानशील राज्य का निर्माण करने के लिये संयुक्त रूप से प्रयास करना चाहिये.’

भाजपा की चुनावी तैयारी शुरू, नगालैंड में रिजीजू और त्रिपुरा में हिमंत बिस्वा शर्मा बने चुनाव प्रभारी

फोटो: पीटीआई
हिमंत बिस्वा शर्मा और किरेन रिजीजू (फोटो: पीटीआई)

नयी दिल्ली:  भाजपा ने शनिवार को पूर्वोत्तर में पार्टी के महत्वपूर्ण रणनीतिकार हिमंत बिस्वा शर्मा को त्रिपुरा और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू को नगालैंड का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया.

इन दोनों राज्यों में विधानसभा चुनाव अगले साल के शुरू में होने की संभावना है. त्रिपुरा भगवा पार्टी के उच्च एजेंडे में शामिल है, जहां यह वाम मोर्चा सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए दिन-रात काम कर रही है.

एक बयान में कहा गया कि पार्टी प्रमुख अमित शाह ने ये नियुक्तियां की हैं.

इन दोनों राज्यों में भाजपा हाशिए पर रही है, लेकिन 2014 में केंद्र में सत्तारूढ़ होने और पार्टी का नेतृत्व अमित शाह के हाथों में आने के बाद इसने काफी पैठ हासिल की है. अब कुछ पूर्वोत्तर राज्यों में सरकार में है.

त्रिपुरा: महिला कांग्रेस अध्यक्ष समेत कांग्रेस विधायक रतन लाल नाथ हुए भाजपा में शामिल

अगरतला: त्रिपुरा में कांग्रेस विधायक रतन लाल नाथ और सत्तारूढ़ माकपा के कुछ सदस्य अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले शुक्रवार को यहां भाजपा में शामिल हो गये.

नाथ के अलावा त्रिपुरा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और अगरतला नगर परिषद की पार्षद हिमानी देववर्मा भी भाजपा से जुड़ गयीं.

भाजपा महासचिव राम माधव ने नाथ को भगवा ध्वज प्रदान कर उन्हें पार्टी में शामिल किया. अन्य नये सदस्यों का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विप्लव कुमार देव ने स्वागत किया.

नाथ के शामिल होने से त्रिपुरा की 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या बढ़कर सात हो गयी है.

अरुणाचल प्रदेश: उपचुनाव में भाजपा ने दोनों सीटों पर जीत दर्ज की

फोटो: पीटीआई
फोटो: पीटीआई

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश की पाक्के कसांग और लिकाबली विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी भाजपा ने आज जीत दर्ज करके दोनों सीटें कांग्रेस से हथिया ली है.

इस तरह 60 सदस्यीय राज्य विधानसभा में अब भाजपा के 49 विधायक हो गये हैं. पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के नौ, कांग्रेस का एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक है.

पाक्के कसांग सीट पर भाजपा के बी.आर वाघे ने 475 वोटों के कम अंतर से जीत दर्ज करके कांग्रेस के अपने एकमात्र प्रतिद्वंद्वी और पूर्व उपमुख्यमंत्री कामेंग डोलो को पराजित किया. संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी डीजे भट्टाचार्य ने बताया कि वाघे को 3,517 मत मिले जबकि डोलो को 3,042 वोट प्राप्त हुए.

लिकाबली सीट पर भाजपा के कार्दो नेयिगयोर ने पीपीए के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी गुमके रिबा को 305 मतों से हराकर जीत दर्ज की. भाजपा उम्मीदवार को 3,461 मत मिले जबकि पीपीए उम्मीदवार को 3,156 वोट मिले.

कांग्रेस उम्मीदवार मोदाम दिनी को केवल 362 मत मिले. इस सीट पर एकमात्र निर्दलीय उम्मीदवार सेंगो तेइपोडिया को 675 वोट हासिल हुए.

इन सीटों पर 21 दिसम्बर को हुए उपचुनाव में 68.5 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जोमदे केना का चार सितम्बर को निधन हो गया था जिसके बाद लिकाबली सीट रिक्त हो गई थी.

गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने 15 मार्च, 2014 को कामेंग डोलो के चुनाव को अमान्य घोषित कर दिया था, जिसके बाद पाक्के-केसांग सीट खाली हो गई थी.

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजीजू ने उपचुनावों में जीत के लिए भाजपा सदस्यों को बधाई दी है.

मिज़ोरम: एचपीसी (डी) वार्ता टली

आइज़ोल: मिज़ोरम सरकार और मणिपुर के मार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) के बीच क्रिसमस से पहले फिर से बहाल होने के लिए प्रस्तावित शांति वार्ता टाल दी गयी है. यह जानकारी गृह विभाग के अधिकारियों ने दी है.

अधिकारियों ने बताया कि रूपरेखा समझाौता अभी भी मुख्यमंत्री लाल थनहवला के पास है जिसका मसौदा अधिकारी स्तरीय पिछली वार्ता के दौरान तैयार किया गया था. प्रस्तावित रूपरेखा समझाौते के राजनीतिक पहलुओं पर गौर करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है.

मुख्यमंत्री स्वयं समिति का नेतृत्व कर रहे हैं. अधिकारी स्तरीय वार्ता गत वर्ष 10 अगस्त को शुरू हुई थी और 22 अक्तूबर को समाप्त हुई थी.

वार्ता का राजनीतिक स्तर पर मूल्यांकन किया जाना था क्योंकि रूपरेखा समझाौते के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी और दोनों पक्षों के बीच एक आम समझाौता हुआ था.

सिनलुंग पर्वतीय विकास परिषद (एसएचडीसी) को अधिक राजनीतिक और वित्तीय स्वायाता समझाौते के मुख्य बिंदुओं में शामिल था.

मेघालय: मुख्य चुनाव आयुक्त ने की चुनाव तैयारियों की सराहना

New Delhi: Achal Kumar Jyoti assumes charge as the Election Commissioner in New Delhi on Wednesday. PTI Photo by Shirish Shete (PTI5_13_2015_000039B)
मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोती (फाइल फोटो: पीटीआई)

शिलांग: मुख्य चुनाव आयुक्त एके जोती ने कहा है कि चुनाव आयोग मेघालय में चुनाव तैयारियों को लेकर खुश है, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होना है.

उन्होंने यहां राज्य चुनाव मशीनरी की समीक्षा के लिए अपना दो दिवसीय दौरा संपन्न करने पर यह कहा.

जोती ने कहा कि समीक्षा जरूरी थी क्योंकि चुनाव एक बहुआयामी प्रक्रिया है और इसमें कई सारे अन्य विभाग भी शामिल हैं. चुनाव सभी नागरिकों और मतदाताओं को प्रभावित करता है.

सीईसी ने कहा,  ‘हम राज्य की चुनाव तैयारियों के बारे में जान कर खुश हैं.’

जोती और दो चुनाव आयुक्तों- सुनील अरोड़ा और ओम प्रकाश रावत, ने मुख्य सचिव वाई शेरिंग और पुलिस महानिदेशक एसबी सिंह के साथ बैठक के बाद अपनी समीक्षा पूरी की.

चुनाव आयोग ने कहा कि यह राज्य में  पिंक बूथ भी स्थापित करेगी, जैसा कि उसने चुनाव प्रक्रिया में अधिक संख्या में महिलाओं को आकर्षित करने के लिए गुजरात और हिमाचल प्रदेश में किया था.

अरुणाचल प्रदेश: मुख्यमंत्री ने की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात

Pema Khnadu Modi Twitter
फोटो: twitter/@PemaKhanduBJP

इटानगर: अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य में राजकाज को बेहतर बनाने के लिए उनकी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में बताया.

खांडू नयी दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग स्थित मोदी के आवास पर उनसे मिले और क्षेत्र में संपर्क (कनेक्टिविटी) के अभाव को समझाने और उसका समर्थन करने के लिए केंद्र सरकार का शुक्रिया अदा किया.

मुख्यमंत्री ने मोदी को बताया कि ट्रांस अरुणाचल हाईवे परियोजना से संपर्क की कमी को दूर किया जा सकेगा.अगले तीन वर्ष में पूरी होने वाली इस परियोजना पर 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी.

उन्होंने सीमावर्ती राज्यों में ढांचागत निर्माण की जरूरत को रेखांकित करने के लिए उनका आभार जताया. इस काम के लिए एक व्यापक पैकेज तैयार किया जा रहा है.

खांडू ने कहा कि एक सीमावर्ती राजमार्ग बनाने का प्रस्ताव भी गृह मंत्रालय के विचाराधीन है और उम्मीद है कि उसे भी जल्द ही शुरू किया जाएगा.

उन्होंने कुछ अन्य परियोजनाओं के लिए भी प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और इटानगर में ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के लिए प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत रूप से दिलचस्पी लेने का आग्रह किया. उन्होंने राज्य के विकास से जुड़ी कुछ और परियोजनाओं को भी जल्द शुरू करने का आग्रह किया.

असम: गृह सचिव ने कहा नागरिकों को दूसरे एनआरसी मसौदे में नाम शामिल करने का मौका मिलेगा

शुक्रवार 22 दिसंबर को गुवाहाटी में मीडिया को संबोधित करते केंद्रीय गृह सचिन राजीव गाबा (फोटो: पीटीआई)
शुक्रवार 22 दिसंबर को गुवाहाटी में मीडिया को संबोधित करते केंद्रीय गृह सचिन राजीव गाबा (फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: केंद्रीय गृह सचिव राजीव गाबा ने शुक्रवार को कहा कि 31 दिसंबर को प्रकाशित होने वाले अपडेटेड राष्ट्रीय नागरिक पंजिका (एनआरसी) के मसौदे में जिन लोगों के नाम नहीं होंगे उन्हें दूसरे मसौदे में अपना नाम शामिल कराने का एक और मौका मिलेगा.

वह भारतीय महापंजीयक के साथ असम में एनआरसी के अपडेशन तथा राज्य में सुरक्षा स्थिति  की समीक्षा करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘इस बात पर बार-बार बल दिया गया है कि यह एनआरसी का पहला मसौदा है. जिन लोगों के नाम पहले मसौदे में नहीं आएंगे, उन्हें घबराने की जरुरत नहीं है, बाद में जांच और दस्तावेज सत्यापान के मौके होंगे.’

उन्होंने कहा, ‘दूसरा मसविदा होगा. नियमानुसार दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की गुजाइंश है. इसके लिए स्पष्ट व्यवस्था है.’ असम के लोगों के लिए कानून का शासन और न्यायिक प्रक्रिया उपलब्ध है.

गाबा ने कहा, ‘एनआरसी का काम चल रहा है. यह भारतीय महापंजीयक का विशाल कार्य है. राज्य सरकार मशीनरी, जिला उपायुक्त कार्यालय को उससे जोड़ा गया है. सुप्रीम कोर्ट उस पर कड़ी नजर रख रहा है.’

उन्होंने कहा कि असम में सुरक्षा स्थिति सुधर रही है. सेना, अर्धसैनिकबल और असम राइफल के अधिकारियों वाले यूनाफाइड कमांड स्ट्रक्चर ने उन्हें राज्य की सुरक्षा स्थिति से अवगत कराया.

नगालैंड: सीएमओ ने मुख्यमंत्री के फर्जी त्यागपत्र को लेकर प्राथमिकी दर्ज कराई

FAke resignation of TR Zeliang
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग का फर्ज़ी इस्तीफ़ा

कोहिमा: नगालैंड के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने टीआर जेलियांग और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों के फर्जी त्यागपत्र के सोशल मीडिया पर प्रसार के मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी है.

पुलिस ने बताया कि मुख्यमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी (ओएसडी) ने कोहिमा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई.

प्राथमिकी में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री के फर्जी पत्र का प्रसार का किया जा रहा है. इसमें कहा गया है कि उस पर मुख्यमंत्री का फर्जी हस्ताक्षर भी किया गया है.

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में इसे जालसाजी का गंभीर मामला बताया गया है. उसके मुताबिक यह साइबर अपराध की तरह है जो समाज में भ्रम और अशांति पैदा करने के मकसद से किया गया है.

कोहिमा पुलिस ने कहा कि उसने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है.

मणिपुर: दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों तक दूसरा व्यापारिक गलियारा विकसित करेगा

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मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (फोटो: पीटीआई)

इंफाल: मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने केंद्र की एक्ट ईस्ट नीति के तौर पर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों तक दूसरे व्यापारिक गलियारे के रूप में चूराचांदपुर जिले के बहियांग शहर को विकसित करने की योजना की घोषणा की.

बीरेन ने झोउ समुदाय के स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने के लिए चूराचांदपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार बहियांग में एक व्यापार केंद्र भी स्थापित करेगी जिसके लिए इलाके में सड़क संपर्क खासतौर से सिंगहाट से गुजरने वाले 62 किलोमीटर लंबे चूराचांदपुर-बहियांग मार्ग को बेहतर बनाया जाएगा.

भारत-म्यामांर सीमा से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित बहियांग तेंगनोपाल जिले में मोरेह शहर के बाद दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का दूसरा प्रवेश द्वार बन जाएगा.

मुख्यमंत्री ने सड़क विकास कार्य की समीक्षा करने के लिए अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ बहियांग का दौरा करने का वादा किया और उन्होंने कहा कि मणिपुर को तब तक  विकसित राज्य  नहीं कहा जा सकता जब तक दूरदराज के इलाकों में पर्याप्त बुनियादी ढांचा विकसित न हो जाए.

असम: 2017 रहा घोटालों, गिरफ्तारियों, एनआरसी और बाढ़ का साल

Morigaon: Villagers sit on a boat as they are transported to safety after their houses got submerged in flood waters at Balimukh village in Morigaon district of Assam. PTI Photo(PTI7_1_2017_000189B)
असम में इस साल तीन दशकों की सबसे भयावह बाढ़ आई, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ और करीब160 लोगों की जानें गयीं (फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी: असम वर्ष 2017 में भ्रष्टाचार संबंधी कई मामलों, राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) में अपडेट और बाढ़ के कारण खबरों में रहा.

भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर राज्य विशेष रूप से चर्चाओं में रहा क्योंकि मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने विभिन्न विभागों में घोटालों का पता लगाने के लिए अपने सतर्कता प्रकोष्ठ द्वारा जांच करवाई जिसके बाद कई वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी हुई.

सबसे चर्चित करोड़ों रुपयों का असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) का नौकरी के लिए नकदी घोटाला रहा जिसमें उसके पूर्व चेयरमैन राकेश पॉल को पिछले साल गिरफ्तार किया गया था और जांच के बाद असम सिविल सेवा एवं असम पुलिस सेवा के 2015 बैच के 25 अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया.

गिरफ्तार होने वालों में एक पूर्व कांग्रेस मंत्री का बेटा, एक भाजपा विधायक और एक सांसद के रिश्तेदार तथा पूर्व नौकरशाह शामिल हैं. ये सभी जेल में बंद हैं और गौहाटी उच्च न्यायालय उनकी जमानत नामंजूर कर चुका है.

एक अन्य चर्चित भ्रष्टाचार मामला सूचना एवं लोक सेवा निदेशालय में 32 करोड़ रुपये का घोटाला था जिसमें इसके तत्कालीन निदेशक रंजीत गोगोई की गिरफ्तारी हुई.

राज्य में असम के लिए राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर चर्चाओं में रहा. इसका मसौदा 31 दिसंबर तक जारी किया जाएगा. यह समय सीमा सुप्रीम कोर्ट ने तय की थी.

असम में रह रहे असली भारतीय नागरिकों के नाम अलग से लिखने के लिए एनआरसी तैयार किया जा रहा है.

इसके अलावा, असम में इस साल तीन दशकों की सबसे भयावह बाढ़ आई और इसमें ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों में उफान आया, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ और 160 लोगों की जान चली गई.

नगालैंड: विधानसभा चुनाव में उतरेंगे एनपीएफ के सभी 47 विधायक

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एनपीएफ अध्यक्ष शुरहोजेली लिजित्सू के साथ टीआर जेलियांग (फाइल फोटो: पीटीआई)

 

कोहिमा: सत्तारूढ़ नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के सभी 47 विधायक अगले साल होने वाले नगालैंड विधानसभा चुनाव लड़ेंगे और वर्तमान मुख्यमंत्री टीआर जेलियांग मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे. पार्टी ने यह फैसला किया है.

यह घटनाक्रम इस मायने से काफी अहम है कि एनपीएफ अंतर्कलह में घिर गयी थी और इसी माह के प्रारंभ में दो धड़ों में सुलह समझाौते के साथ उसका समापन हुआ.

सोमवार रात एनपीएफ विधायक दल की बैठक के बाद जारी बयान में पार्टी ने घोषणा की कि 47 एनपीएफ विधायक पार्टी अध्यक्ष डॉ. शुरहोजेली लिजित्सू के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगे तथा जेलियांग मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे.

वर्तमान नगालैंड विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 13 मार्च तक है . चुनाव की तारीख की अभी घोषणा नहीं हुई है.

एनपीएफ जुलाई में तब अंतर्कलह में फंस गयी थी जब 36 विधायक तत्कालीन मुख्यमंत्री लिजित्सू को कुर्सी से हटाने के लिए जेलियांग गुट के साथ हो गये. दोनों धड़ों ने सुलह और फिर से एक हो जाने के लिए नौ दिसंबर को एक समझौते पर दस्तखत किये.

बयान के अनुसार बैठक में यह भी फैसला किया गया कि पार्टी सदस्यों के खिलाफ जारी निलंबन एवं निष्कासन के सभी आदेश रद्द कर दिये जाएंगे और अदालतों में लंबित मामले वापस ले लिये जाएंगे. राज्य में 60 सदस्यीय विधानसभा है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)