असम: छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद एनआईटी सिलचर के प्रोफेसर गिरफ़्तार

एनआईटी, सिलचर के एक सहायक प्रोफेसर को एक छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद शुक्रवार को कछार पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया. छात्रा ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर ने उन्हें उनके अंकों पर चर्चा के बहाने क्लास के बाद अपने कमरे में बुलाया और दरवाजा बंद कर अनुचित तरीके से छुआ.

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), सिलचर. (फोटो साभार: फेसबुक)

नई दिल्ली: असम के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), सिलचर के एक सहायक प्रोफेसर को एक छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद शुक्रवार को कछार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कछार के पुलिस अधीक्षक नुमाल महत्ता ने पुष्टि की कि 2018 से संस्थान में सहायक प्रोफेसर डी. कोटेश्वर राजू को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया.

एक छात्रा ने गुरुवार को संस्थान में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें राजू पर छेड़छाड़ और मानसिक व यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. छात्रा ने आरोप लगाया है कि राजू ने उन्हें उनके अंकों पर चर्चा करने के बहाने कक्षा के बाद अपने कक्ष में बुलाया और दरवाजा बंद करने के लिए कहने के बाद उन्हें अनुचित तरीके से छुआ.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा ने हाथ से लिखे एक नोट में कहा, ‘उन्होंने मुझसे मेरे अंकों का कारण बताने को कहा और अचानक मुझे छूना शुरू कर दिया. उन्होंने मुझसे सहज महसूस करने को कहा और कहा कि अगर मैं उसकी बात मानूं तो मेरे अंक मैनेज हो सकते हैं.’ यह नोट सोशल मीडिया पर शेयर किया गया था.

छात्रा ने बताया कि राजू ने उसकी जांघों, पेट, गर्दन और होठों को छुआ. छात्रा ने कहा, ‘उन्होंने मुझे अपने साथ बैठने को कहा, बाद में मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरे शरीर के अंगों के बारे में बात करने लगा. इस बीच एक दोस्त ने मुझे बुलाया और मैं उस कमरे से बाहर निकल गई.’

आरोपों के बाद छात्रों ने राजू को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. शुक्रवार सुबह जब अधिकारियों ने राजू को निलंबित करने का आश्वासन दिया तो प्रदर्शन खत्म कर दिया गया.

छात्रों ने राजू पर बार-बार अपराध करने का आरोप लगाया और कहा कि यह उसके खिलाफ दूसरी आधिकारिक शिकायत है. एक छात्र ने कहा, ‘हम नहीं चाहते कि ऐसा व्यक्ति हमें पढ़ाए.’

छात्रों की शिकायत के बाद की गई कार्रवाई रिपोर्ट जारी करते हुए एनआईटी रजिस्ट्रार आशिम रॉय ने कहा कि राजू को शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.

संस्थान की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘मामले की जांच के लिए मामले को तुरंत संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति को भेज दिया गया… विभागीय कक्ष…जहां कथित घटना हुई थी, उसे सील कर दिया गया है.’

पहले भी लगे थे आरोप

हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, एक स्थानीय अदालत ने 2021 में एक छात्रा द्वारा राजू पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद सबूतों की कमी और कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए उन्हें दोषमुक्त कर दिया था.

2021 में उनके खिलाफ शिकायत करने वाली छात्रा काम के लिए बेंगलुरु चली गई थी, जिससे उनके लिए मामले को आगे बढ़ाने के लिए असम जाना मुश्किल हो गया. एक अन्य छात्रा ने कहा, ‘इससे प्रोफेसर को दोषमुक्त होने में मदद मिली, लेकिन उन्होंने अपना व्यवहार नहीं बदला.’

इस बीच, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के तहत एनआईटी की आंतरिक शिकायत समिति ने नई शिकायत की जांच शुरू कर दी है.