नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने एक स्कूल प्रिंसिपल के वॉट्सऐप स्टेटस को लेकर स्कूल में तोड़फोड़ की और आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पोस्ट में प्रिंसिपल ने कथित तौर पर भगवान राम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि यह विरोध उस वॉट्सऐप स्टेटस के खिलाफ था, जो वायरल हुआ. इसमें भगवान राम के खिलाफ टिप्पणी की गई थी. इस मामले में विहिप ने पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई है.
इस संबंध में मंगलवार (1 अप्रैल) को घटना के वीडियो सामने आए, जिसमें प्रदर्शनकारियों को पोस्टर फाड़ते, संपत्ति को नुकसान पहुंचाते और स्कूल की खिड़कियों को तोड़ते हुए देखा जा सकता है.
प्रदर्शनकारियों ने स्कूल निदेशक से माफ़ी की मांग की और धमकी दी कि अगर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की तो वे बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे. प्रदर्शनकारी करीब तीन घंटे तक स्कूल में रहे और पुलिस द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद ही वे वहां से हटे.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अख़बार को बताया, ‘मामले की जांच चल रही है. हमने अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की है. यह सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी जांच चल रही है कि आरोपी व्यक्ति ने वास्तव में पोस्ट अपलोड किया था और यह कोई एआई इमेज नहीं थी. स्कूल प्रिंसिपल से जल्द ही पूछताछ की जाएगी. हमने शांति बनाए रखने के लिए यहां अतिरिक्त बल तैनात किया है.’
मालूम हो कि स्कूल प्रशासन ने अभी तक प्रिंसिपल के खिलाफ आरोपों का जवाब नहीं दिया है.
पुलिस ने बताया कि पोस्ट वायरल होने के बाद प्रदर्शनकारी स्कूल पहुंचे थे.
पुलिस अधिकारी ने यह भी बताया कि कार्यकर्ता स्कूल में कीचड़ से भरे बैग लेकर पहुंचे थे, जिसे उन्होंने पुलिस और स्कूल स्टाफ की मौजूदगी के बावजूद स्कूल परिसर में फेंक दिया. प्रदर्शनकारियों ने अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए स्कूल की दीवारों पर काला पेंट भी पोत दिया.
