नई दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा केरल का महात्मा गांधी कॉलेज ऑफ मास कम्युनिकेशन (मैगकॉम), जो ‘भारत का पहला जेएनयू-संबद्ध पत्रकारिता कॉलेज’ होने का दावा करता है, ने 17 अप्रैल को अपना पहला दीक्षांत समारोह आयोजित करने की घोषणा की है.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, इस कार्यक्रम को लेकर महात्मा गांधी कॉलेज ऑफ मास कम्युनिकेशन का कहना है कि इसमें जेएनयू की कुलपति शांतिश्री धुलीपुडी पंडित भी उपस्थित रहेंगी. हालांकि, जेएनयू के अधिकारियों ने इस संस्थान से खुद को दूर करने की कोशिश करते हुए कहा है कि यह जेएनयू से मान्यता प्राप्त या संबद्ध नहीं है.
जेएनयू ने इस संस्थान से सिर्फ शैक्षणिक सहयोग के लिए पीजी डिप्लोमा कोर्स के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं.
वैसे, जेएनयू का यह दावा उसकी अपनी वेबसाइट पर दी गई जानकारी से मेल नहीं खाता है. वेबसाइट पर मैगकॉम को ‘मान्यता प्राप्त शोध संस्थान’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है.
विश्वविद्यालय के अनुसार, इसके मान्यता प्राप्त संस्थानों की सूची में 7 रक्षा संस्थान और 23 रिसर्च संस्थान हैं, जिनका वेबसाइट पर जिक्र इस प्रकार किया गया है,’जेएनयू ने देश भर में निम्नलिखित प्रतिष्ठित संस्थानों को मान्यता और एक्रीडेशन दिया है. इससे विश्वविद्यालय के वास्तविक राष्ट्रीय चरित्र में वृद्धि हुई है. इन संस्थानों के प्रतिनिधि जेएनयू के विभिन्न शैक्षणिक और वैधानिक निकायों में काम करते हैं. इस तरह जेएनयू की फैकल्टी भी इन संस्थानों के शैक्षणिक निकायों में भाग लेती है.’
इस संबंध में अखबार ने जेएनयू की कुलपति पंडित से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी.
मालूम हो कि मैगकॉम के आधिकारिक संरक्षक आरएसएस से संबद्ध पत्रिका केसरी के प्रधान संपादक हैं. केसरी की शुरुआत 1951 में हुई थी और यह केरल के कोझिकोड स्थित केसरी भवन से संचालित होती है.
कॉलेज के निदेशक एके अनुराज ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि उनके जनसंचार में पीजी डिप्लोमा कोर्स को एक साल तक चली प्रक्रिया के बाद 2024 में जेएनयू द्वारा संबद्धता दी गई थी.
दीक्षांत समारोह के लिए आयोजकों द्वारा भेजे गए निमंत्रण में लिखा है, ‘भारत का पहला जेएनयू-संबद्ध पत्रकारिता कॉलेज एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के लिए तैयार हो रहा है… हमारा पहला दीक्षांत समारोह. इस बैच में 14 छात्र हैं, जिनमें से 12 को दीक्षांत समारोह में डिग्री मिलेगी.’
अनुराज ने दावा किया, ‘हमारे छात्रों को जेएनयू नामांकन संख्या दी गई थी और उनकी डिग्री जेएनयू द्वारा प्रदान की जाएगी.’
केसरी के मुख्य संपादक एनआर मधु, जो मैगकॉम के आधिकारिक संरक्षक हैं, ने कहा कि जेएनयू की कुलपति इस अवसर पर उपस्थित रहेंगी.
हालांकि, जेएनयू के शीर्ष सूत्रों ने अखबार को बताया, ‘संस्थान की जेएनयू के साथ कोई मान्यता या संबद्धता नहीं है. जेएनयू ने केवल पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. यह केवल अकादमिक आदान-प्रदान और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान तक ही सीमित है.’
पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा के अलावा, कॉलेज कंटेंट और तकनीकी लेखन में पीजी डिप्लोमा भी प्रदान करता है.
मधु ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हम पत्रकारिता में पीजी कोर्स शुरू करके इस क्षेत्र का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं.’
उन्होंने कहा, ‘इस कॉलेज की स्थापना ‘राष्ट्रवादी पत्रकारिता’ विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी. यह एक ऐसा समय है जब मीडिया में कई राष्ट्र-विरोधी तत्व सक्रिय हैं और हम राष्ट्रवादी पत्रकारिता को बढ़ावा देना चाहते हैं.’
मधु ने बताया कि कॉलेज का विस्तार भी हो रहा है, इसके परिसर में एक स्टूडियो भी बनाया जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘हमारे पास विस्तार की गुंजाइश है क्योंकि हमारे पास कोझिकोड में 1 लाख वर्ग फुट की प्राइम प्रॉपर्टी बिल्डिंग है. हम अपने छात्रों के लिए एक स्टूडियो बनाने में 1 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रहे हैं.’
इस पत्रकारिता स्कूल के पाठ्यक्रम में भारत में पत्रकारिता का इतिहास, समाचार और समसामयिक मामले, जनसंचार और मीडिया कानून शामिल हैं. स्कूल समाचार पत्र, रेडियो, टेलीविजन, डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के लिए रिपोर्टिंग का प्रशिक्षण देता है. यह छात्रों को अनुवाद, संचार भाषा, समाचार और फीचर के लिए लेखन और संपादन कौशल भी सिखाता है. साथ ही, स्कूल मीडिया के छात्रों को वॉयस मॉड्यूलेशन और बॉडी लैंग्वेज सिखाता है.
