राजस्थान: कोटा में नीट की तैयारी कर रहा छात्र मृत पाया गया, आत्महत्या का संदेह

कोटा में मंगलवार को नीट की तैयारी कर रहा बिहार के छपरा का एक छात्र अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया. पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला बताया है. इस घटना के साथ ही इस साल राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में ऐसे मामलों की संख्या 12 हो गई है.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: India Rail Info)

नई दिल्ली: राजस्थान के कोटा में मंगलवार को स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रहा एक 18 वर्षीय छात्र अपने छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय पुलिस अधिकारी अरविंद सिंह भारद्वाज ने कहा कि 18 वर्षीय छात्र बिहार के छपरा का रहने वाला था और एक साल पहले कोटा आया था. भारद्वाज ने कहा, ‘मंगलवार की सुबह उन्होंने अपने छात्रावास के कमरे के पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली.’

उन्होंने कहा कि उनके छात्रावास के कमरे से बरामद एक नोट में कहा गया है कि न तो नीट के दबाव और न ही उसके परिवार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए. भारद्वाज ने कहा कि बाकी विवरण उसके परिवार की अनुमति के बिना साझा नहीं किए जा सकते. उन्होंने कहा, ‘यह व्यक्तिगत लगता है.’

इसके साथ ही इस साल राजस्थान के कोचिंग हब में ऐसे मामलों की संख्या 12 हो गई है.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारद्वाज ने बताया कि यह कदम उठाने से पहले छात्र ने अपनी बहन को वॉट्सऐप पर एक संदेश भेजा, जिसके बाद उन्होंने छात्रावास के केयरटेकर को फोन करके अपने भाई के कमरे को चेक करने के लिए कहा.

केयरटेकर ने छात्र के कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जो मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा. सर्किल इंस्पेक्टर ने बताया कि छात्र कमरे के अंदर लटका हुआ मिला. उन्होंने बताया कि छात्रावास के कमरे में लगे पंखे में आत्महत्या रोधी उपकरण लगा हुआ था, लेकिन छात्र ने फांसी लगाने के लिए इस्तेमाल की गई रस्सी को उपकरण के ऊपर लगे लोहे के हुक से बांध दिया.

ज्ञात हो कि वर्ष 2023 में छात्रों में आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि के बीच जिला प्रशासन ने सभी छात्रावासों और पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों को ‘छात्रों को मानसिक सहायता और सुरक्षा के लिए’ कमरों में स्प्रिंग-लोडेड पंखे लगाने का आदेश दिया था.

बता दें कि पिछले साल राजस्थान में कम से कम 23 छात्रों ने आत्महत्या की थी, जिनमें से 20 कोटा में थे. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 2023 में जिले में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 26 छात्रों ने आत्महत्या की थी, जो 2015 के बाद से सबसे अधिक है.

पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, कोटा में 2022 में 15, 2019 में 18, 2018 में 20, 2017 में 7, 2016 में 17 और 2015 में 18 छात्रों की मौत आत्महत्या से हुई है. 2020 और 2021 में छात्रों की आत्महत्या का कोई मामला सामने नहीं आया था, क्योंकि कोविड-19 महामारी के कारण कोचिंग संस्थान बंद हो गए थे या ऑनलाइन मोड पर चल रहे थे.