पांच दिन बाद भी पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा पकड़े गए बीएसएफ जवान की स्थिति अज्ञात

पाकिस्तान की सीमा में गलती से दाख़िल होने के बाद पकड़े गए बीएसएफ जवान के बारे में पांच दिन बाद भी पाकिस्तान रेंजर्स ने कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, आमतौर पर ऐसी घटनाओं के कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान रेंजर्स बीएसएफ को विरोध पत्र भेजते हैं, लेकिन इस मामले में अब तक ऐसा नहीं हुआ.

Attari: Border Security Force (BSF) personnel stand guard along the international border as security beefs up amid escalating tension between India and Pakistan, at Attari near Amritsar, Thursday, Feb. 28, 2019. (PTI Photo) (PTI2_28_2019_000121B)
(प्रतीकात्मक फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: पाकिस्तान की सीमा में गलती से दाख़िल होने के बाद पकड़े गए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान के बारे में पांच दिन बाद भी पाकिस्तान रेंजर्स ने कोई औपचारिक जानकारी नहीं दी है.

द हिंदू के अनुसार यह जानकारी सोमवार (28 अप्रैल) को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने दी. अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के जवान पूर्णम कुमार साहू जो बीएसएफ की 182वीं बटालियन में तैनात हैं, 23 अप्रैल को फिरोज़पुर सीमा पर गश्त के दौरान किसानों के साथ थे, जब वह अनजाने में करीब चार से पांच मीटर पाकिस्तान की सीमा में दाख़िल हो गए. 

उन्होंने कहा कि आमतौर पर ऐसी घटनाओं के कुछ ही घंटों के भीतर पाकिस्तान रेंजर्स बीएसएफ को विरोध पत्र भेजते हैं, लेकिन इस मामले में अब तक कोई औपचारिक विरोध पत्र नहीं भेजा गया है.

अधिकारी ने कहा,‘घटना के बाद से कई फ्लैग मीटिंग्स हो चुकी हैं लेकिन अब तक जवान के लोकेशन के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी पाकिस्तान रेंजर्स ने नहीं दी है.’ 

अख़बार के अनुसार, अधिकारी ने बताया, ‘सीमा पर पाकिस्तानी रेंजर्स की तैनाती बहुत सीमित है. वे वहां नियमित गश्त भी नहीं करते. घटना वाले दिन वे मौके पर अचानक पहुंचे और बताया कि उन्होंने कॉन्स्टेबल को पकड़ा, फिर उसे अपने साथ ले गए.’

बीएसएफ की 182वीं बटालियन के कॉन्स्टेबल पी.के. साहू को 23 अप्रैल को पंजाब के फिरोजपुर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के बाद पाकिस्तान रेंजर्स ने पकड़ लिया. बताया गया कि शॉ किसानों की सुरक्षा में तैनात थे, जो बाड़ के दूसरी तरफ भारतीय क्षेत्र में फसल काट रहे थे. ऐसे इलाकों में काम करने वाले किसानों के साथ बीएसएफ के ‘किसान गार्ड’ तैनात रहते हैं.

अधिकारी ने कहा, ‘ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जवान को रेंजर्स पोस्ट से किसी और स्थान पर ले जाया गया है. उसकी मौजूदा स्थिति अज्ञात है.’ 

इस बीच पाकिस्तानी मीडिया में हाल ही में दो तस्वीरें सामने आई थीं- एक में कॉन्स्टेबल साहू की आंखों पर पट्टी बंधी थी, जबकि दूसरी में उनकी सर्विस राइफल और बेल्ट ज़मीन पर रखी हुई दिखाई गई थी.

पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत के सीमा पार से रिश्ते तनावपूर्ण बने हुए हैं, ऐसे समय में जवान का पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा पकड़े जाना चिंता का सबब बना हुआ है.