नई दिल्ली: श्रीनगर में बुधवार (30 अप्रैल) को देश के विभिन्न हिस्सों में पहलगाम आतंकी हमले के बाद कश्मीरी छात्रों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया.
इस विरोध प्रदर्शन को कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) का भी समर्थन मिला.
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद से देश के कई राज्यों से कश्मीरी छात्रों पर हमले और दुर्व्यवहार की कई घटनाएं सामने आई हैं.

पहलगाम हमले के बाद पहले छह दिनों के भीतर देशभर से कम से कम 17 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कश्मीरी छात्रों के साथ मारपीट की गई है.

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि उनकी सरकार उन राज्यों की सरकारों के संपर्क में है, जहां से इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं.
उन्होंने कहा था, ‘मैं इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी संपर्क में हूं और उनसे विशेष सतर्कता बरतने का अनुरोध किया है.’ अब्दुल्ला ने यह बयान तब दिया था जब जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही घटनाओं को उजागर किया था.

