ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तानी गोलाबारी में एक सैनिक समेत 13 नागरिक मारे गए, कई घायल

'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकवादी शिविरों पर किए गए हमलों के बाद बुधवार को पूरे दिन पाकिस्तान की ओर से सीमा पार से भारी गोलीबारी हुई. इसमें पुंछ में एक सैनिक समेत 13 लोगों की जान गई है वहीं 59 लोग घायल हुए हैं.

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के मेंढर इलाके में बुधवार, 7 मई, 2025 को नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार पाकिस्तानी सेना द्वारा रात भर भारी गोलीबारी के बाद एक घर के क्षतिग्रस्त हिस्से को देखता एक व्यक्ति. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकवादी शिविरों पर किए गए हमलों के बाद भारत ने बुधवार को पूरे दिन पाकिस्तान की ओर से सीमा पार से भारी गोलीबारी की सूचना दी.

बुधवार देर रात भारतीय सेना ने पुष्टि की कि पाकिस्तानी गोलीबारी में एक सैनिक – हरियाणा के पलवल जिले के 32 वर्षीय लांस नायक दिनेश कुमार – जम्मू-कश्मीर के पुंछ में इस गोलीबारी में शहीद हो गए.

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की गोलीबारी में 13 नागरिकों की जान चली गई है. सभी 13 लोगों की जान पुंछ में गई, और 59 लोग घायल हुए, जिनमें से 44 पुंछ में हैं.

यह गोलीबारी भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले करने के कुछ घंटों बाद हुई. यह हमला दो सप्ताह पहले पहलगाम आतंकी हमले के प्रतिरोधस्वरूप किया गया था.

कश्मीर घाटी के उरी और तंगधार सेक्टरों में भी भारी गोलीबारी सुनी गई, सबसे ज़्यादा नुकसान जम्मू के पुंछ शहर में हुआ, जहां 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद पहली बार सार्वजनिक स्थानों के अलावा आवासीय और सरकारी इमारतों पर भी फायरिंग हुई.

एक जवान शहीद, कई नागरिकों की जान गई

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुंछ में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नागरिक हताहतों की पुष्टि की और कहा कि मृतकों में सात से 14 वर्ष की आयु के चार बच्चे शामिल हैं, जिनमें से दो भाई-बहन थे. पुंछ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. परवेज खान ने 12 लोगों की मौत और 42 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है.

नगरोटा स्थित ह्वाइट नाइट कोर ने कहा कि 5 फील्ड रेजिमेंट रॉयल आर्टिलरी के लांस नायक दिनेश कुमार भी गोलीबारी में मारे गए. इसने एक्स पर पोस्ट किया, ‘जीओसी और ह्वाइट नाइट कोर के सभी रैंक 5 एफडी रेजिमेंट के एल/एनके दिनेश कुमार के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं, जिन्होंने 07 मई 25 को पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी के दौरान अपनी जान कुर्बान कर दी.’

उन्होंने बताया कि मृतक नागरिकों में मनकोट के बलविंदर कौर या रूबी, पुंछ के मोहम्मद ज़ैन या अयान, मंडी के उनकी बहन जोया खान, सुक्का कथा के मोहम्मद अकरम, सैंडीगेट के अमरीक सिंह, रणजीत सिंह और अमरजीत सिंह, बांदीचेचियान के मोहम्मद रफी, बैला के मोहम्मद इकबाल, भैंच दलेरा की शकीला बी, काजी मोहरा की मरियम खातून और डुंगस के विहान भार्गव शामिल हैं.

डॉ. खान ने बताया, ’42 घायलों में से चार को विशेष उपचार के लिए जीएमसी जम्मू रेफर कर दिया गया है. उनकी हालत स्थिर है.’

नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘पाकिस्तानी गोलीबारी में 12 नागरिक मारे गए, जिनमें 7, 12, 13 और 14 साल के चार नाबालिग शामिल हैं.’

एक महिला समेत सिख समुदाय के चार लोगों की भी मौत हो गई. अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी में दारुल उलूम मदरसा के एक मुस्लिम मौलवी क्वारी मोहम्मद इकबाल की भी मौत हो गई.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने पहले भी पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर मोर्टार से गोलीबारी की है, लेकिन स्थानीय निवासियों ने कहा कि फायरिंग कभी भी सीमावर्ती शहर के इतने अंदर और विशेष रूप से आवासीय क्षेत्रों में नहीं पहुंची थी.

गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष नरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने दशकों में ऐसी गोलीबारी नहीं देखी है. उन्होंने कहा, ‘1971 के युद्ध के बाद यह पहली बार है कि इतनी तीव्र और बेरोकटोक गोलीबारी की गई है. वे पूरे शहर को निशाना बना रहे हैं… अंदर तक. यह कल रात करीब 1.30 बजे शुरू हुआ और लगातार बढ़ता ही गया.’

अधिकारियों ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए पांच सीमावर्ती जिलों – जम्मू, सांबा, कठुआ, राजौरी और पुंछ – में स्कूल और कॉलेज बंद करने का आदेश दिया है. जम्मू, श्रीनगर और लेह सहित सीमा के नज़दीकी शहरों के हवाई अड्डों ने परिचालन निलंबित कर दिया है.

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गोलीबारी की निंदा की

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पाकिस्तान ने नागरिक आबादी को निशाना बनाने के लिए अपनी हदें पार कर दी हैं. मैंने सीमा और नियंत्रण रेखा पर सभी जिला कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की और स्थिति का जायजा लिया तथा हम स्थिति से निपटने की कोशिश कर रहे हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हम केवल यही उम्मीद कर सकते हैं कि यह सब जल्द ही खत्म हो जाए. अगर दूसरी तरफ से बंदूकें बंद हो जाती हैं, तो यहां भी बंदूकें बंद हो जाएंगी. वर्तमान में हमारे नागरिक क्षेत्र उनके निशाने पर हैं.’

पुंछ शहर के निवासी दर्शन भारती ने कहा, ‘ग्रामीण जम्मू में अपने रिश्तेदारों के घर जा रहे हैं.’ उन्होंने कहा कि वह अपने परिवार को जम्मू ले जा रहे हैं. ‘लेकिन लोगों में दहशत है. ईंधन स्टेशनों पर लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं,’ .