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संघर्षविराम की घोषणा के बाद विदेश सचिव पर हमलावर ट्रोल्स, मिस्री ने एक्स एकाउंट लॉक किया

विदेश सचिव विक्रम मिस्री द्वारा अपना निजी एक्स एकाउंट को लॉक किए जाने की ख़बर तब सामने आई, जब दक्षिणपंथी यूज़र्स ने उन्हें 'देशद्रोही' कहा और पाकिस्तान के साथ भारत के संघर्षविराम के लिए उन्हें दोषी ठहराया. इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में उनके परिवार पर भी अभद्र टिप्पणियां की गईं.

द वायर स्टाफ
12/05/2025
राजनीति
विदेश सचिव ने सोसल मीडिया पर अपने अकाउंट को लॉक किया.
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नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच शनिवार (10 मई) को संघर्षविराम की घोषणा के बाद रविवार (11 मार्च) को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अपने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल को लॉक कर दिया. उनका हैंडल प्रोटेक्टेड मोड में दिख रहा है, जिसका मतलब है कि अब केवल वही लोग उनके पोस्ट देख सकते हैं, जिन्हें वे खुद फॉलो करते हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटनाक्रम सोशल मीडिया पर संघर्षविराम की घोषणा के बाद हो रही उनकी ट्रोलिंग के बीच सामने आया है. अभी तक विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित केंद्र सरकार के किसी भी मंत्री ने इस ट्रोलिंग की निंदा नहीं की है या उनके समर्थन में सामने नहीं आए हैं.

मालूम हो कि पहलगाम आतंकी हमले की जवाबी कार्रवाई के तौर पर भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिए जाने के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच करीब चार दिनों तक तनावपूर्ण सैन्य गतिरोध चला. भारत सरकार की ओर से शानिवार शाम इस पर संघर्षविराम की घोषणा की गई थी.

उल्लेखनीय है कि विदेश सचिव मिस्री के एक्स एकाउंट को लॉक किए जाने की खबर तब सामने आई, जब दक्षिणपंथी एक्स एकाउंट यूजर्स ने उन्हें ‘देशद्रोही’ कहा और पाकिस्तान के साथ भारत के सिंघर्षविराम के लिए उन्हें दोषी ठहराया. इतना ही नहीं इस पूरे मामले में उनके परिवार को भी घसीट लिया गया और उनके द्वारा साझा किए गए पुराने पोस्ट निकाल कर उनकी बेटी को विदेश में पढ़ाई करने और म्यांमार से रोहिंग्या शरणार्थियों को कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए निशाना बनाया गया.

ज्ञात हो कि विदेश सचिव के रूप में मिस्री ने ऑपरेशन सिंदूर के लॉन्च होने के बाद पाकिस्तान के साथ चार दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग का नेतृत्व किया था.

द वायर ने अपनी एक रिपोर्ट में पहले बताया था कि मिस्री संघर्ष के दौरान सरकार द्वारा दिए गए संतुलित बयानों का चेहरा थे, जिसमें उनका यह बयान भी शामिल था कि ‘सरकार की आलोचना करना लोकतंत्र की पहचान है,’ जबकि भाजपा और दक्षिणपंथी हैंडल इस पर अलग-अलग राय रखते हैं.

इसी कड़ी में भाजपा ने जब अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से दावा किया कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी अब्दुल रऊफ अजहर भारत के हमलों में मारा गया था, तब मिस्री ने कहा कि ‘इस समय इसकी कोई जानकारी नहीं है.’

ऐसे में संघर्षविराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद ही दक्षिणपंथी सोशल मीडिया यूजर्स ने पाकिस्तान के साथ संघर्षविराम को लेकर नरमी बरतने के लिए मिस्री पर निशाना साधा.

एक्स यूजर्स द्वारा विदेश सचिव की ट्रोलिंग.

सोशल मीडिया एकाउंट्स ने उनकी पत्नी और बेटी के साथ पोस्ट की गई एक पुरानी तस्वीर ढूंढ कर और मिस्री को पाकिस्तान के सामने कथित तौर पर नतमस्तक होने के लिए देशद्रोही करार देते हुए कई अभद्र टिप्पणियां कीं.

इन एकाउंट्स ने उन पर  संघर्षविराम पर सहमति जताकर ‘भारत के सैन्य लाभ को खत्म करने’ का भी आरोप लगाया. उन्हें पाकिस्तान के सामने ‘नतमस्तक’ होने के साथ अपनी बेटी को विदेश में बसाने के लिए भी अपशब्द कहे गए.

इन दक्षिणपंथी यूजर्स ने मिस्री की बेटी को भी नहीं बख्शा और म्यांमार में शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र उच्चायोग के साथ काम करने के दौरान एक छात्रा के रूप में उनकी प्रोफ़ाइल ढूंढ निकाली और उन पर रोहिंग्या मुसलमानों को कानूनी सहायता प्रदान करने का आरोप लगाया.

विदेश सचिव के बेटी को निशाना बनाते हुए भी कई पोस्ट किए गए.

समर्थन में आया विपक्ष

इस मामले पर जहां सत्ता पक्ष की चुप्पी देखी गई, वहीं विपक्ष ने इसकी आलोचना की.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि नौकरशाह कार्यपालिका के अधीन काम करते हैं और उन्हें देश के कार्यकारी या राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिए गए किसी भी निर्णय के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘विक्रम मिस्री एक सभ्य और ईमानदार मेहनती राजनयिक हैं, जो हमारे देश के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं. हमारे सिविल सेवक कार्यपालिका के अधीन काम करते हैं, यह याद रखना चाहिए और उन्हें कार्यकारी या वतन ए अजीज चलाने वाले किसी भी राजनीतिक नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णयों के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए.’

Mr Vikram Misri is a decent and an Honest Hard working Diplomat working tirelessly for our Nation.
Our Civil Servants work under the Executive this must be remembered & they shouldn’t be blamed for the decisions taken by The Executive /or any Political leadership running Watan E… https://t.co/yfM3ygfiyt

— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) May 11, 2025

समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मिश्री के प्रति समर्थन दिखाते हुए एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘इस तरह के बयान देश के लिए समर्पित दिन-रात काम करने वाले ईमानदार अधिकारियों का मनोबल तोड़ते हैं. निर्णय लेना सरकार की जिम्मेदारी है, व्यक्तिगत अधिकारियों की नहीं. कुछ असामाजिक आपराधिक तत्व खुलेआम अधिकारी और उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा की सभी सीमाएं लांघ रहे हैं. ऐसे अवांछित पोस्ट करने वालों के खिलाफ संभावित कार्रवाई होनी चाहिए.’

निर्णय तो सरकार का होता है; किसी अधिकारी का नहीं।

ये बेहद संवेदनशील, निंदनीय, शर्मनाक, आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि देश के एक बहुत बड़े अधिकारी और उसके परिवार के ख़िलाफ़ कुछ असामाजिक-आपराधिक तत्व सरेआम अपशब्दों की सारी सीमाएं तोड़ रहे हैं लेकिन उनके मान-सम्मान की रक्षा… pic.twitter.com/scIUETtX1e

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 11, 2025

कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी विक्रम मिस्री के समर्थन में एक पोस्ट करते हुए लिखा, ‘मैं विदेश सचिव विक्रम मिस्री के परिवार को सोशल मीडिया पर ट्रोल करने की निंदा करता हूं. हमारे पेशेवर राजनयिकों और सिविल सेवकों को निशाना बनाया जाना कतई स्वीकार्य नहीं है. ये वो राजनयिक हैं जो राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित हैं और केवल देश के लिए काम करते हैं.’

I condemn the social media trolling directed at family of the Foreign Secretary @VikramMisri

It’s unacceptable to target our professional diplomats and civil servants — those who work dedicatedly to serve the nation. pic.twitter.com/n9FOotbbvx

— Sachin Pilot (@SachinPilot) May 11, 2025

कांग्रेस की केरल इकाई ने एक बयान में कहा कि जिस तरह पहलगाम के पीड़ित लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की पत्नी हिमांशी को नफरत की बजाय शांति की वकालत करने के लिए ट्रोल किया गया था, उसी तरह मिस्री के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है, क्योंकि ये मोदी भक्त अपने ‘भगवान’ को जवाबदेह ठहराने में खुद को असमर्थ पाते हैं, इसलिए वे उन्हें छोड़कर हर किसी पर हमला करते हैं. मोदी अब आईटी सेल के रूप में अपने द्वारा बनाए गए फ्रेंकस्टीन मॉन्स्टर से जूझ रहे हैं, और यह बहुत जल्द उन पर हमला करेगा.

केरल कांग्रेस ने लिखा है, ‘अब ये लोग विदेश सचिव विक्रम मिस्री पर निशाना साध रहे हैं, जैसे कि उन्होंने ही एकतरफ़ा सीज़फायर का फ़ैसला लिया हो, न कि मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह या जयशंकर ने.’

Last week, Modi bhakts launched a vicious character assassination campaign against Ms Himanshi Narwal, the widow of a soldier and officer, simply because she appealed for “no hate, no violence”.

Now, they’re targeting Foreign Secretary Vikram Misri, as though he unilaterally… pic.twitter.com/wHyCyRRR8F

— Congress Kerala (@INCKerala) May 11, 2025

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के प्रवक्ता मोहित भान ने कहा कि मिस्री का निशाना बनाना दिखाता है कि नफरत को ‘राष्ट्रवाद’ कहना हमारे समय का सबसे बड़ा झूठ है.

The abuse towards Vikram Misri & his daughter is an eye-opener. Calling this hate ‘Nationalism’ is the biggest lie of our time. For a decade, patriots,soldiers, scholars, diplomats have been attacked for rejecting bloodlust. Right Wing hate engine is India’s real threat & this… pic.twitter.com/jS6Mwn3Q1Q

— Mohit Bhan موہت بھان (@buttkout) May 11, 2025

उन्होंने कहा, ‘विक्रम मिस्री और उनकी बेटी के साथ दुर्व्यवहार आंखें खोलने वाला है. इस नफ़रत को ‘राष्ट्रवाद’ कहना हमारे समय का सबसे बड़ा झूठ है. एक दशक से देशभक्तों, सैनिकों, विद्वानों, राजनयिकों पर खूनखराबे को अस्वीकार करने के लिए हमला किया जा रहा है. दक्षिणपंथी नफ़रत का इंजन भारत के लिए असली ख़तरा है और इससे पहले कि यह हमें खत्म कर दे, इस सड़ांध को खत्म किया जाना चाहिए.’

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