नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस के अवर पर केरल के राज भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में कथित तौर पर ‘भारत माता’ की तस्वीर को श्रद्धांजलि देने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, केरल सरकार में मंत्री पी. प्रसाद ने गुरुवार (5 जून) को तिरुवनंतपुरम स्थित राज भवन में भारत माता की तस्वीर को लेकर पौधारोपण कार्यक्रम का बहिष्कार किया.
प्रसाद ने यह कहते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार किया कि भारत माता मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ी हुई है.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, प्रसाद ने कहा, ‘राजभवन में होने वाले आधिकारिक कार्यक्रमों में इस तरह की रस्म कभी नहीं निभाई गई… यह संविधान के खिलाफ है. राज्यपाल के कार्यालय ने इस पर जोर दिया. हम भारत माता के खिलाफ नहीं हैं… हमारे यहां अक्सर सरकारी कार्यक्रमों और आधिकारिक ओणम समारोहों में बच्चे भारत माता की तरह सजते हैं. लेकिन आधिकारिक समारोह के लिए इस तस्वीर का उपयोग करना असंवैधानिक है. ‘
प्रसाद ने कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया और बाद में अलग से पौधे लगाए.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता बिनॉय विश्वम ने इस घटना के बारे में कहा, ‘क्या भारत माता की तस्वीर तभी पूरी होगी जब वह आरएसएस का झंडा थामेंगी? क्या यह तभी पूरी होगी जब वह शेर के पास खड़ी होगी? राजभवन को कभी भी आरएसएस के ऐसे अड़ियल रुख के लिए मंच नहीं बनना चाहिए.’
विपक्षी कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ वामपंथी सरकार का समर्थन किया.
विपक्षी कांग्रेस नेता वीडी सतीसन ने कहा, ‘राजभवन को कभी भी ऐसे आयोजनों और कार्रवाइयों का मंच नहीं बनना चाहिए. यह राज्य के मुखिया का कार्यालय है. जब गुरुमूर्ति को राज्यपाल के घर आमंत्रित किया गया था, तब हमने यह मुद्दा उठाया था.’
इस मुद्दे पर बोलते हुए राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर ने कहा कि उनका कार्यालय भारत माता की तस्वीर नहीं हटा सकता. भारत माता के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
आर्लेकर ने कहा, ‘मुझे बताया गया कि एक मंत्री चाहते थे कि मंच से भारत माता की तस्वीर हटा दी जाए. मैंने कहा कि हम सब कुछ करने की कोशिश करेंगे लेकिन हम भारत माता की तस्वीर नहीं हटा सकते. ये वे आदर्श हैं जिनके लिए हम जी रहे हैं और हम इनसे दूर नहीं हो सकते. शायद यही वजह है कि दोनों मंत्री यहां नहीं आए. मुझे नहीं पता कि उनके मन में किस तरह की सोच है.’
