अहमदाबाद विमान दुर्घटना: जान गंवाने वाले केबिन क्रू में मणिपुर की दो महिलाएं भी शामिल

गुरुवार को हुए एयर इंडिया विमान हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई थी. इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले केबिन क्रू सदस्यों में मणिपुर की दो महिलाएं शामिल थीं, जिनमें से एक मेईतेईऔर दूसरी कुकी-ज़ो समुदाय की थीं.

नगनथोई शर्मा कोंगब्राइलाटपम (बाएं) और लैमनुनथेम सिंगसन. (फोटो साभार: एक्स)

नई दिल्ली: अहमदाबाद में गुरुवार (12 जून) को हुए एयर इंडिया विमान हादसे में 241 लोगों की मौत हो गई थी. इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले केबिन क्रू सदस्यों में मणिपुर की दो महिलाएं शामिल थीं, जिनमें से एक मेईतेई और दूसरी कुकी-ज़ो समुदाय से थीं.

मालूम हो कि मई 2023 से ये दोनों समुदाय क्रूर जातीय संघर्ष में उलझे हुए हैं, जिसके चलते राज्य में कई लोगों की मौत हो गई और विभाजन की एक गहरी खाई देखने को मिली थी.

द टेलीग्राफ की खबर के मुताबिक, थौबल के एक अधिकारी ने बताया कि विमान की केबिन क्रू सदस्यों में 22 वर्षीय नगनथोई शर्मा कोंगब्राईलटपम भी शामिल थीं, जो मणिपुर के थौबल जिले के थौबल अवांग लेईकाई की निवासी थीं.

अखबार के अनुसार, नगनथोई अक्टूबर 2022 में एयर इंडिया में शामिल हुई थीं.

बताया गया है कि नगनथोई ने गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे अपनी बड़ी बहन को फोन करके बताया कि वह उस दिन लंदन के लिए उड़ान भरने वाले विमान में जाएंगी.

उनके पिता नंदेश कुमार शर्मा ने अखबार को बताया, ‘उसने कहा कि वह अगले कुछ दिनों तक फोन नहीं कर पाएगी और 15 जून को वापस आने के बाद संपर्क करेगी. यह उसका हमारे लिए आखिरी कॉल था.’

नगनथोई की एक छोटी बहन भी हैं. उनके पिता के बताया कि नगनथोई जब 19 साल की थी, तभी एयर इंडिया में शामिल हो गई थीं. इंफाल के डीएम कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई के दौरान वह अपने दोस्तों के साथ एयर इंडिया की नौकरी के लिए इंटरव्यू देने गई थीं. इसके बाद वे मुंबई चली गईं और इस साल मार्च में मणिपुर आई थीं. यह उनके द्वारा अपने पिता की मदद करने का एक रास्ता था, जो उस समय अस्पताल में भर्ती थे.

नंदेश ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘उसने हम सभी की बहुत अच्छी तरह से देखभाल की.’

विमान पर चालक दल के सदस्यों में कुकी-ज़ो समुदाय से आने वाली लैमनुनथेम सिंगसन भी थीं, जिनकी उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच थी.

टेलीग्राफ को कुकी-ज़ो नागरिक समाज संगठन के एक सदस्य ने बताया कि सिंगसन मूल रूप से इंफाल की रहने वाली थीं, लेकिन हिंसा भड़कने के बाद उन्हें अपने परिवार के साथ कांगपोकपी जिले में जाना पड़ा.

ज्ञात हो कि हिंसा के कारण इंफाल एक मेइती-बहुल शहर और कांगपोकपी एक कुकी-ज़ो-बहुल जिला बन गया था.

पत्रकार देबनिश अचोम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट करते हुए कहा, ‘कांगपोकपी जिले के नगांबोम वेंग, जहां लैमनुनथेम का परिवार एक छोटे से किराए के घर में रहता है, लोगों की भीड़ के बीच एक भारी सन्नाटा छाया हुआ है.’

अचोम के अनुसार, लैमनुनथेम की मां नेमनेइलिंग सिंगसन को उनकी बेटी ने बताया था कि वे ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के लिए अहमदाबाद जा रही हैं. यह उनकी आखिरी बातचीत थी.

लैमनुनथेम का कज़िन होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने एक्स पर लिखा कि वह इंग्लैंड के फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड की एक बड़ी प्रशंसक थी.

इस संबंध में मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह, जिन्होंने राज्य में संघर्ष को रोकने में अपनी विफलता पर बढ़ती आलोचना के बीच इस्तीफा दे दिया था, ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि मणिपुर की दो युवा केबिन क्रू सदस्य, कोंगराबैलाटपम नगंतोई शर्मा और लामनुनथेम सिंगसन, अहमदाबाद में हुई एयर इंडिया दुर्घटना में अपनी जान गंवाने वालों में शामिल थीं.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘दोनों ही जिंदादिल थीं, समर्पण और गर्व के साथ अपनी सेवा दे रहीं थीं. उनका अचानक चले जाना उनके परिवारों, दोस्तों और हम सभी के लिए बहुत बड़ी क्षति है. उनकी आत्मा को शांति मिले और उनके प्रियजनों को इस अकल्पनीय दर्द से उबरने की शक्ति मिले.’