विमान दुर्घटना: दो दिन बाद भी मृतकों की आधिकारिक संख्या पता नहीं, ब्लैक बॉक्स बरामद 

अहमदाबाद में एयर इंडिया विमान हादसे के 24 घंटें से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधिकारियों ने अभी तक मृतकों की अंतिम संख्या नहीं बताई है. अधिकारियों का कहना है कि शवों की पहचान करना और लापता लोगों का पता लगाना एक चुनौती है.

अहमदाबाद हवाई अड्डे के पास एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उठता धुआं, गुरुवार, 12 जून, 2025. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: गुजरात के अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान 12 जून को उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद हादसे का शिकार हो गया था. ये विमान दुर्घटनाग्रस्त होते हुए बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की इमारत से टकराया था, जिसके चलते विमान में सवार यात्रियों के साथ ही ज़मीन पर मौजूद कई लोगों के भी मारे जाने की खबर है.

रिपोर्ट के मुताबिक, इस हादसे के 24 घंटें से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अधिकारियों ने अभी तक मृतकों की अंतिम संख्या नहीं बताई है. इस बीच दुर्घटनास्थल से विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया गया है.

इस संबंध में एयर इंडिया ने शुक्रवार (13 जून) सुबह बताया कि विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई है, लेकिन बीजे मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पर विमान के गिरने से कितने लोगों की जान गई है, इसकी संख्या अभी तक आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं की गई है. बता दें कि जब हादसा हुआ उस वक्त हॉस्टल मेस में छात्र भोजन कर रहे थे.

गुरुवार शाम अहमदाबाद पुलिस ने विमान दुर्घटना में घायल हुए 25 लोगों की सूची जारी की थी.

मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने दुर्घटना के बाद अहमदाबाद का दौरा किया, लेकिन अभी भी इस हादसे में जान गंवाने वालों का कुल लोगों की संख्या जारी नहीं गई है.

राम मोहन नायडू, जिन्हें दुर्घटना स्थल से बैकग्राउंड म्यूजिक और स्लो मोशन एडिट के साथ वीडियो पोस्ट करने के लिए सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना करना पड़ा था, ने कहा था कि विमान हादसे को लेकर गुरुवार को जांच के आदेश दिए गए थे.

इस मामले को लेकर शुक्रवार शाम मंत्री ने बताया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा अहमदाबाद में दुर्घटना स्थल से 28 घंटे के भीतर फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया गया है, लेकिन उन्होंने इसमें हताहतों की संख्या नहीं बताई.

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 249 लोगों की मौत की खबर है. अधिकारी हताहतों की अंतिम संख्या तक पहुंचने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, क्योंकि शवों की पहचान करना और लापता लोगों का पता लगाना एक चुनौती है.

पुलिस और राज्य स्वास्थ्य विभाग की टीमें 241 मृत यात्रियों की पहचान निर्धारित करने के लिए डीएनए मिलान पर निर्भर हैं.

वहीं, शुक्रवार को जमीन पर मरने वालों के कम से कम आठ शव उनके परिवारों को सौंप दिए गए.

करीब 265 शव बरामद किए गए: पुलिस उपायुक्त 

पुलिस उपायुक्त (जोन 4) कानन देसाई ने गुरुवार को बताया कि करीब 265 शव बरामद किए गए हैं. मेडिकल कॉलेज ने दुर्घटनास्थल पर मौजूद चार एमबीबीएस छात्रों और एक डॉक्टर की पत्नी की मौत की गिनती की है. लेकिन इस डेटा के अनुसार कम से कम 16 अन्य लोगों के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है, जिनकी मौत जमीन पर होने की संभावना है.

एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने अखबार को बताया, ‘जब तक हम पहचान की पुष्टि नहीं कर लेते, तब तक यह कहना बहुत मुश्किल होगा कि कितनी मौतें हुईं, क्योंकि यह संभव है कि एक ही शव के हिस्सों को दो व्यक्तियों के अवशेष मान लिया गया हो.’

सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक शव परीक्षण जारी था. एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि जमीन पर मरने वालों की पहचान करना आसान हो गया है क्योंकि वे विमान में सवार लोगों की तुलना में ज़्यादा नहीं जले हैं.

इस संबंध में मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. मीनाक्षी पारिख ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया कि उन्हें तीसरे वर्ष के दो मेडिकल छात्रों और एक डॉक्टर के तीन पारिवारिक सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘अभी तक लापता लोगों का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है.’

अधिकारियों ने शवों से मिलान के लिए पीड़ितों के सगे संबंधियों के 219 डीएनए नमूने एकत्र किए हैं. एक सरकारी अधिकारी की मानें, तो कम से कम 21 नमूने विदेशी नागरिकों के हैं.

अहमदाबाद पुलिस ने मेघानीनगर पुलिस स्टेशन में दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया है, जिसके अधिकार क्षेत्र में यह हादसा हुआ था. शव परीक्षण के बाद पंचनामा बनाकर मृतकों की पहचान की जांच के लिए चालीस पुलिस टीमें बनाई गई हैं.

गुजरात सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया, ‘घटना में मारे गए आस-पास के रिहायशी इलाकों के आठ लोगों के शवों की पहचान कर ली गई है और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया गया है.’

राज्य सरकार के मुताबिक, अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में करीब 50 घायलों को लाया गया था. इनमें से 16 का उपचार बाह्यरोगी के रूप में किया जा रहा है, जबकि 31 का उपचार अस्पताल में चल रहा है. बयान में कहा गया है कि इनमें से कम से कम 12 को जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी.

मालूम हो कि शुक्रवार की सुबह पीएम मोदी ने अहमदाबाद के दुर्घटना स्थल दौरा किया था और सिविल अस्पताल में पीड़ितों से मुलाकात की थी. पीएम ने इस हादसे में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति – 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक विश्वास रमेश और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपानी के परिवार से भी मुलाकात की थी, जो विमान में सवार थे.

उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘आज अहमदाबाद में दुर्घटनास्थल का दौरा किया. तबाही का मंजर दुखद है. अधिकारियों और टीम से मुलाकात की जो घटना के बाद अथक परिश्रम कर रहे हैं. हमारी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने इस अकल्पनीय त्रासदी में अपने प्रियजनों को खो दिया है.’

अस्पताल में पीड़ितों से मिलने के बाद, मोदी ने ट्वीट किया कि उन्होंने ‘उन्हें आश्वासन दिया है कि हम इस कठिन समय में उनके और उनके परिवारों के साथ हैं.’

उन्होंने आगे लिखा, ‘पूरा देश उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है.’

पीआईबी और डीडी न्यूज पर मोदी के अहमदाबाद दौरे के वीडियो पोस्ट किए गए, जिसमें विमान के मलबे के नीचे खड़े मोदी की तस्वीर भी शामिल है. हालांकि, उन्होंने मीडिया को कोई बयान नहीं दिया.

कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने इस खबर पर शोक जताया

इससे पहले गुरुवार को ब्रिटिश प्रधानमंत्री किएर स्टारमर ने इस हादसे पर दुख जताया था. इस दुर्घटना में 53 ब्रिटिश नागरिकों के मारे जाने की खबर है. इस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने इस खबर पर शोक जताते हुए अपनी संवेदनाएं जाहिर की थी.

गुरुवार शाम को ही अहमदाबाद में दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने और शहर के सिविल अस्पताल में अधिकारियों और पीड़ितों से मिलने के बाद अमित शाह ने गुजरात सरकार के राहत प्रयासों की सराहना की थी और कहा था कि विमान में 1.5 लाख टन ईंधन होने के कारण किसी के बचने की कोई संभावना नहीं थी.

उन्होंने कहा था कि ‘कोई भी दुर्घटना को रोक नहीं सकता.’

शाह ने गुरुवार रात पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, ‘मैं एक बार फिर दोहराना चाहता हूं कि यह एक दुर्घटना है और कोई भी दुर्घटना को रोक नहीं सकता. लेकिन ऐसी घटना के लिए सरकार की 365 दिन और 24 घंटे की सतर्कता की परीक्षा तब होती है जब ऐसी घटना होती है. और आज पूरे देश के सामने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में गुजरात के आपदा प्रबंधन की तैयारी देखी गई है.’

शाह ने कहा था कि गुजरात सरकार ने स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन विभाग समेत आपदा प्रबंधन के सभी विभागों को तुरंत अलर्ट कर दिया और भारत सरकार ने राहत अभियान शुरू करने के लिए सीएपीएफ से भी संपर्क किया, ‘किसी को भी बचाना संभव नहीं था’ क्योंकि विमान में 1.5 लाख टन ईंधन था.

शाह ने कहा कि ‘मृतकों की सही संख्या की पुष्टि डीएनए पहचान पूरी होने के बाद ही अधिकारी करेंगे’ लेकिन उन्होंने मृतकों की संख्या की गणना और डीएनए पहचान के बीच संबंध के बारे में स्पष्ट नहीं किया, जो पीड़ितों की संख्या के बजाय पीड़ितों की पहचान करेगी.

इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्री नायडू ने शुक्रवार शाम को कहा कि एएआईबी द्वारा अहमदाबाद में दुर्घटना स्थल से 28 घंटे के भीतर फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स) बरामद कर लिया गया है. हालांकि, उन्होंने मृतकों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी.

शुक्रवार को एनडीआरएफ के महानिदेशक हरिओम गांधी ने पत्रकारों से कहा कि दुर्घटना की जांच के लिए छह टीमें काम कर रही हैं, लेकिन उन्होंने कोई और जानकारी नहीं दी.

उन्होंने कहा, ‘छह टीमें यहां हैं और फिलहाल काम कर रही हैं. संबंधित अधिकारियों द्वारा आधिकारिक जानकारी दी जाएगी. हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया प्रतीक्षा करें, हम जल्द ही सभी सवालों के जवाब देंगे.’

गुरुवार शाम को अहमदाबाद के पुलिस आयुक्त जीएस मलिक ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया था कि विमान में केवल एक व्यक्ति जीवित बचा है, लेकिन उन्होंने छात्रावास पर हुए हमले में मरने वालों की संख्या का खुलासा नहीं किया और कहा कि मरने वालों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है.

अहमदाबाद में एक शीर्ष पुलिस अधिकारी विधि चौधरी ने रॉयटर्स को बताया कि गुरुवार को 240 से अधिक लोग मारे गए थे, जबकि पहले ये संख्या 294 बताई गई थी.