नई दिल्ली: इस महीने की शुरुआत में सांप्रदायिक तनाव भड़कने के बाद असम के धुबरी की अपनी दूसरी यात्रा में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने कहा कि सरकार भारत-बांग्लादेश सीमावर्ती जिले में एक स्थायी सैन्य अड्डा स्थापित करने की संभावना तलाश रही है.
बता दें कि धुबरी शहर में 7 से 9 जून के बीच हनुमान मंदिर के पास कथित तौर पर मवेशियों के सिर रखे जाने के बाद सांप्रदायिक तनाव फैल गया था. इसके बाद असम सरकार ने जिले में व्यापक कार्रवाई की. मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने शूट एट साइट (देखते ही गोली मारने) के आदेश जारी किए थे.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को धुबरी के दौरे के दौरान शर्मा ने आरोप लगाया कि शहर में अशांति पैदा करने के लिए ‘बाहरी ताकतों’ और एक सांप्रदायिक समूह का हाथ है.
मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘150 असामाजिक तत्वों को हिरासत में लेने के साथ-साथ हमारी जीरो टॉलरेंस नीति जारी है. हम सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ अपनी चौकसी कम नहीं कर रहे हैं. हम इस संवेदनशील जिले में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए भारतीय सेना का एक स्थायी बेस स्थापित करने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं.’
तनाव के बाद उठाए गए सख्त कदमों के तहत शर्मा ने 13 जून को धुबरी का दौरा करने के दौरान रात में देखते ही गोली मारने के आदेश जारी किए थे. असम पुलिस ने मंदिर की घटना और उसके बाद हुई झड़पों में शामिल लोगों के अलावा अन्य लोगों को भी गिरफ्तार करने का व्यापक अभियान चलाया.
शर्मा के 13 जून के दौरे के बाद की रात को 38 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनके खिलाफ पुलिस ने कहा कि अन्य मामलों में उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट थे. इससे पहले 8 और 9 जून के सांप्रदायिक तनाव के सिलसिले में कुल 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
मंगलवार के दौरे के दौरान सीएम शर्मा ने घोषणा की कि तनाव शुरू होने के बाद से कुल 150 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. शर्मा के पिछले दौरे के बाद जिले में पुलिस अधिकारियों के बड़े फेरबदल के तहत जिले में स्थानांतरित की गईं धुबरी एसएसपी लीना डोले ने कहा कि इन 150 लोगों में कई तरह के ‘उपद्रवी’ शामिल हैं.
उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘इस महीने की शुरुआत में हुई घटनाओं के सिलसिले में कुल नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं. गिरफ्तार किए गए 150 लोगों में से एक वर्ग को इन एफआईआर के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है. कुछ लोग ड्रग्स और मवेशी चोरी से जुड़े उपद्रवी हैं. अन्य वे हैं जिनके खिलाफ अदालतों ने वारंट जारी किए हैं.’
शर्मा ने मंगलवार को बताया कि मंदिर परिसर में संदिग्ध मवेशियों के अवशेष छोड़ने के पीछे मिंटू अली नामक व्यक्ति की पहचान ‘मास्टरमाइंड’ के रूप में की गई है. उन्होंने कहा, ‘उसकी पहचान हो गई है, लेकिन वह फरार है. हमें उसका मोबाइल फोन भी मिल गया है. हमें उम्मीद है कि वह बहुत जल्द आत्मसमर्पण कर देगा.’
ज्ञात हो कि धुबरी जिले में मुस्लिम बहुसंख्यक हैं, जिनमें से ज़्यादातर बांग्ला भाषी हैं. 2011 की जनगणना के अनुसार, जिले की आबादी में मुसलमानों की हिस्सेदारी लगभग 74% है.
