संसद सुरक्षा चूक: दिल्ली हाईकोर्ट ने दो आरोपियों को ज़मानत दी

13 दिसंबर 2023 को दो व्यक्ति लोकसभा की दर्शक दीर्घा से हॉल में कूदने के बाद धुएं के कैन खोल दिए थे. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने छह लोगों को यूएपीए के तहत गिरफ़्तार किया था, उनमें से नीलम आज़ाद और महेश कुमावत को दिल्ली हाईकोर्ट ने ज़मानत दे दी है.

लोकसभा में 13 दिसंबर 2023 को अराजकता फैलाने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है. (फोटो साभार: ट्विटर)

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार (2 जुलाई) को साल 2023 के संसद सुरक्षा चूक मामले में आरोपी नीलम आजाद, महेश कुमावत को जमानत दे दी है. उन्हें कठोर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया था.

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और हरीश वैद्यनाथन शंकर की पीठ ने नीलम आज़ाद और महेश कुमावत को 50-50 हज़ार रुपये के ज़मानत बॉन्ड और दो जमानतदारों की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया.

अदालत ने उन्हें घटना के बारे में कोई भी साक्षात्कार देने, प्रेस कॉन्फ्रेंस करने या सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने से रोक दिया है. उन्हें दिल्ली न छोड़ने और हर सोमवार और बुधवार को सुबह 10 बजे थाने में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है.

इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (एएसजे) हरदीप कौर ने आजाद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. हाईकोर्ट ने आजाद द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (habeas corpus) को भी खारिज कर दिया था.

आजाद ने अपने अपील में कहा कि वह संसद के अंदर किसी आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने की कथित साजिश का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि वह केवल सामाजिक मुद्दे और बेरोजगारी संकट को उठाना चाहती थीं.

उन्होंने बताया कि वह हरियाणा की एक शिक्षित महिला हैं जो एक निजी स्कूल में शिक्षिका के रूप में काम कर रही थी.

रिपोर्ट के अनुसार, पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने सवाल किया था कि गैर-घातक स्मोक कैनिस्टर के उपयोग को ‘आतंकवादी कृत्य’ कैसे कहा जा सकता है, जिसके लिए यूएपीए के तहत आरोप लगाए जाए.

इसने कहा था कि इस तरह के स्मोक कैन बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं और इसके लिए यूएपीए को लगाया जा सकता है, तो जो लोग होली जैसे त्योहारों को मनाने के लिए या यहां तक ​​कि आईपीएल मैचों के दौरान इनका उपयोग करते हैं, वे भी यूएपीए के दायरे में आएंगे.

यह मामला 2023 की उस घटना से संबंधित है जब साल 2001 में संसद पर हुए हमले की वर्षी के दिन कुछ लोगों ने संसद भवन में प्रवेश किया था और लोकसभा सत्र के दौरान धुआं छोड़ने वाले कैन खोल दिए थे.

13 दिसंबर 2023 की इस घटना को संसद की सुरक्षा में तब गंभीर चूक के रूप में देखा गया था, जब लोकसभा में सागर शर्मा और मनोरंजन डी. ने दर्शक दीर्घा से हॉल में कूदने के बाद गैस कनस्तर खोल दिए थे, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हो गई थी. जबकि नीलम आजाद और अमोल शिंदे ने केंद्र सरकार की कथित ‘अधिनायकवाद’ के खिलाफ संसद के बाहर विरोध में नारे लगाए थे.

बाद में सामने आया था कि मनोरंजन डी. और सागर शर्मा ने भाजपा के तत्कालीन मैसुरु सांसद प्रताप सिम्हा से लोकसभा में दाखिल होने के लिए विजिटर्स पास प्राप्त किए थे.

उन पर आरोप है कि वे भगत सिंह फैन क्लब नामक एक सोशल मीडिया समूह का हिस्सा थे और बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के संकट जैसे प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा करने में राजनीतिक वर्ग की विफलता के विरोध में स्वतंत्रता सेनानी द्वारा केंद्रीय विधानसभा में की गई प्रतीकात्मक बमबारी का अनुकरण करना चाहते थे.

नीलम आजाद, शर्मा, मनोरंजन और शिंदे को सबसे पहले दिल्ली पुलिस ने 13 दिसंबर 2023 को गिरफ्तार किया था. ललित झा और महेश कुमावत को बाद में गिरफ्तार किया गया था.