नई दिल्ली: ओडिशा के बालासोर स्थित एक प्रमुख सरकारी कॉलेज की छात्रा ने अपने कॉलेज के प्रोफेसर द्वारा कथित यौन उत्पीड़न के कारण खुद को आग लगाने से कुछ दिन पहले संस्थान के अधिकारियों को पत्र लिखकर बताया था कि वह मानसिक तनाव में है और कोई बड़ा कदम उठा सकती है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, छात्रा ने 1 जुलाई को अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और उसे कुछ विषयों में फेल करने तथा एक साल दोबारा परीक्षा देने की धमकी भी दी. छात्रा ने आरोप लगाया था कि जब से उसने यौन संबंध बनाने की उसकी मांग ठुकरा दी है, तब से आरोपी उसे परेशान कर रहा है.
सूत्रों ने बताया कि बालासोर ज़िले की रहने वाली इंटीग्रेटेड बीएड द्वितीय वर्ष की 20 वर्षीय छात्रा ने कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप घोष के पास सहायक प्रोफेसर समीरा कुमार साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी और मामला आंतरिक शिकायत समिति को भेज दिया गया था.
शनिवार (12 जुलाई) को परिसर में धरना दे रही छात्रा ने प्राचार्य से उनके कक्ष में मिलने के कुछ ही देर बाद खुद को आग लगा ली. सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, छात्रों के एक समूह ने उन्हें बचाने की कोशिश की. वह गंभीर रूप से झुलस गईं.
हालत बेहद गंभीर होने के कारण एम्स भुवनेश्वर ने उनके इलाज की निगरानी के लिए आठ सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है. एम्स के निदेशक आशुतोष बिस्वास ने कहा कि वह 90-95 प्रतिशत तक जल चुकी हैं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं.
इस बीच, आरोपी सहायक प्रोफेसर को गिरफ्तार कर निलंबित कर दिया गया है तथा राज्य सरकार ने कॉलेज के प्रिंसिपल को भी निलंबित कर दिया है.
विपक्षी बीजद और कांग्रेस द्वारा सत्तारूढ़ भाजपा पर आरोप लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने एम्स भुवनेश्वर का दौरा किया, जहां छात्र भर्ती है, और हरसंभव मदद का वादा किया.
संस्थान के अधिकारियों को पत्र लिखने के बाद छात्र ने पुलिस से भी संपर्क किया, जिसने संस्थान से जवाब मांगा था.
बालासोर के पुलिस अधीक्षक राज प्रसाद ने शनिवार (12 जुलाई) को बताया कि पुलिस ने संस्थान से इस मामले पर संपर्क किया है और संस्थान ने कहा है कि वह पांच दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंप देगा. प्रसाद ने बताया कि जब पांच दिनों में रिपोर्ट नहीं आई, तो पुलिस ने संस्थान से दोबारा संपर्क किया और उन्हें बताया गया कि रिपोर्ट जल्द से जल्द सौंप दी जाएगी.
पिता का आरोप- कॉलेज प्रशासन छात्रा पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा था
रविवार को छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन उस पर अपनी शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहा था. उन्होंने कहा कि जनवरी में आरोपी शिक्षक द्वारा उनकी बेटी को कक्षाओं में आने से रोकने के बाद उन्होंने उनसे मुलाकात की थी और उनसे बेटी को परेशान न करने का अनुरोध किया था.
उन्होंने कहा, ‘उसे इस हालत में देखना दिल दहला देने वाला है. वह पढ़ाई और सांस्कृतिक गतिविधियों में अच्छी थी.’
विपक्षी दल बीजद और कांग्रेस के सड़कों पर उतरने के बीच पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की.
अस्पताल का दौरा करने पहुंचे मुख्यमंत्री माझी ने अधिकारियों से कहा कि ज़रूरत पड़ने पर उन्हें इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा सकता है. हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि वह अभी दिल्ली ले जाने लायक स्थिति में नहीं हैं.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और ओडिशा के पुलिस महानिदेशक को ‘निष्पक्ष और समयबद्ध जांच’ सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.
विरोध प्रदर्शन
शनिवार को कॉलेज परिसर में छात्रा द्वारा खुद को आग लगाने की खबर भुवनेश्वर पहुंचने के बाद दोनों प्रमुख विपक्षी दल – बीजू जनता दल (बीजद) और कांग्रेस – सड़कों पर उतर आए.
रिपोर्ट के अनुसार, बीजद ने जहां मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की कोशिश की, वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजधानी के कई इलाकों में प्रदर्शन किया.
राज्य के विभिन्न हिस्सों में बलात्कार की दो बड़ी घटनाओं के बाद सामने आए इस मामले ने भाजपा सरकार के लिए भारी शर्मिंदगी पैदा कर दी है. विपक्ष उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज के तत्काल इस्तीफे की मांग कर रहा है, जिन्होंने इस घटना की जांच के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है.
मंत्री ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘हमने इस मामले को गंभीरता से लिया है और न केवल दोषियों को उचित सजा सुनिश्चित करने के लिए, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए भी कदम उठाएंगे.’
संयोग से बालासोर की यह चौंकाने वाली घटना शुक्रवार को भुवनेश्वर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘संविधान बचाओ’ रैली के ठीक एक दिन बाद आई, जहां मुख्य रूप से राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अत्याचारों पर ध्यान केंद्रित किया गया था.
बालासोर की घटना की निंदा करते हुए कांग्रेस के ओडिशा अध्यक्ष भक्त चरण दास ने एक्स पर लिखा, ‘राहुल गांधी जी द्वारा यह कहने के एक दिन बाद कि ओडिशा में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, बालासोर के एफएम कॉलेज में एक चौंकाने वाली घटना घटी, जहां एक युवती ने आत्मदाह का प्रयास किया और न्याय न मिलने पर जीवन-मरण से जूझ रही है. अधिकारियों को प्रोफेसर द्वारा यौन शोषण की मांग और उत्पीड़न की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने लड़की की सुरक्षा या उसे न्याय दिलाने के लिए समय पर कोई कार्रवाई नहीं की.’
राज्य कांग्रेस बलात्कार, अपहरण और यौन उत्पीड़न के बढ़ते मामलों के बीच महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने में भाजपा सरकार की कथित विफलता के खिलाफ अभियान चला रही है.
पिछले एक महीने में राज्य में सामूहिक बलात्कार के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पर हुआ.
