राजस्थान: स्कूल का गेट गिरने से छात्र की मौत, हफ्तेभर में ऐसी दूसरी घटना

राजस्थान के झालावाड़ में एक स्कूल की इमारत गिरने से सात बच्चों की मौत के कुछ ही दिनों बाद सोमवार (28 जुलाई) को राज्य के जैसलमेर ज़िले में एक सरकारी स्कूल के गेट गिरने से एक छात्र की मौत हो गई.

शुक्रवार, 25 जुलाई को राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक सरकारी स्कूल की इमारत का एक हिस्सा गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई और 27 घायल हो गए, जिसके बाद बचाव अभियान में लोगों ने मदद की. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: राजस्थान के झालावाड़ में एक स्कूल की इमारत गिरने से सात बच्चों की मौत के कुछ ही दिनों बाद सोमवार (28 जुलाई) को राज्य के जैसलमेर ज़िले में एक सरकारी स्कूल के गेट के गिरने से एक छात्र की मौत हो गई.

अधिकारियों ने बताया कि मुख्य द्वार का एक खंभा गिरने से अरबाज़ खान नाम के छात्र की मौके पर ही मौत हो गई.

समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में शिक्षक अशोक कुमार सोनी भी घायल हो गए और उन्हें ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

इस घटना के बाद पीड़ित के गुस्साए परिजन बच्चे के शव के साथ स्कूल के बाहर धरने पर बैठ गए. परिजनों का आरोप है कि स्कूल का मेन गेट काफी समय से जर्जर हालत में था, फिर इसे ठीक क्यों नहीं करवाया गया.

इस हादसे की जानकारी मिलने पर प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंचा. वहीं, प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घटना पर दुख जाहिर करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है.

पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिकारियों के अनुसार, प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह हिस्सा तेज़ हवाओं के कारण ढह गया.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘जैसलमेर में स्कूल का गेट गिरने से एक मासूम छात्र की मौत बेहद दुखद है. झालावाड़ त्रासदी के बाद इस तरह से एक छात्र की मौत राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय होनी चाहिए. बारिश का मौसम है. मैं मुख्यमंत्री से तत्काल कदम उठाने का अनुरोध करता हूं ताकि किसी और मासूम बच्चे की जान न जाए. शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है.’

मालूम हो कि बीते 25 जुलाई को ही राज्य के झालवाड़ में एक स्कूल की इमारत गिरने से सात बच्चों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे. इस घटना के बाद राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कड़ी आलोचना हुई थी, जो जर्जर स्कूल भवनों की खराब स्थिति को लेकर विपक्ष के निशाने पर है.