मेघालय: विधानसभा में कांग्रेस की उपस्थिति शून्य, पार्टी का एकमात्र विधायक सत्तारूढ़ एनपीपी में शामिल

मेघालय विधानसभा में कांग्रेस के एकमात्र विधायक रोनी वी. लिंगदोह अपनी पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी में शामिल हो गए हैं. इसके साथ ही अब विधानसभा में कांग्रेस की कोई प्रतिनिधि नहीं रहा. 1972 में राज्य के गठन के बाद से यहां सबसे ज़्यादा सरकारें कांग्रेस ने बनाई हैं.

मेघालय के एकमात्र कांग्रेस विधायक रोनी वी. लिंगदोह बुधवार, 30 जुलाई, 2025 को सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल होने के लिए राज्य विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा को विलय पत्र सौंपते हुए. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मेघालय के 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के एकमात्र विधायक रोनी वी. लिंगदोह अपनी पार्टी छोड़कर सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) में शामिल हो गए हैं.

लिंगदोह के इस कदम के साथ कांग्रेस, जिसके 2023 के विधानसभा चुनावों के बाद पांच विधायक थे, का अब सदन में एक भी निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं रहा. पार्टी ने 1972 में इसके गठन के बाद से इस पूर्वोत्तर राज्य में सबसे ज़्यादा सरकारें बनाई हैं.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, लिंगदोह ने कहा कि उन्होंने अपने मतदाताओं के लगातार आग्रह के बाद यह बदलाव किया है और उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘यह मेरी व्यक्तिगत इच्छा नहीं है. लोग 2018 से ही मुझसे आग्रह कर रहे थे. मैं कांग्रेस के साथ रहा क्योंकि मैं उसके टिकट पर चुना गया था. लेकिन अब आधे से ज़्यादा कार्यकाल बीत जाने के बाद मेरे मतदाताओं का मानना है कि अब समय आ गया है कि हम स्थिरता और विकास को प्राथमिकता दें.’

उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वे बिना किसी पूर्व शर्त के एनपीपी में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री से मेरा बस यही अनुरोध है कि लोगों के लिए स्थिरता और विकास सुनिश्चित करें.’

एनपीपी 2018 के विधानसभा चुनावों में लगातार दो बार सत्ता में रही कांग्रेस को हराकर सत्ता में आई थी. उन चुनावों में सदन में कांग्रेस के विधायकों की संख्या 21 से घटकर पांच रह गई थी.

इन विधायकों में से एक ने 2024 के संसदीय चुनावों में लोकसभा जाने के बाद इस्तीफा दे दिया था, जबकि पिछले कुछ महीनों में तीन अन्य एनपीपी में शामिल हो गए, जिससे सदन में पार्टी में लिंगदोह अकेले रह गए.

इस राजनीतिक घटनाक्रम के साथ एनपीपी के विधायकों की संख्या अब 33 हो गई है. हालांकि पार्टी 2018 से राज्य में एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी शामिल है.

कांग्रेस के विधायकों के इसमें शामिल होने के बाद एनपीपी ने अब 60 सदस्यीय सदन में अकेले बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है.

इस बीच, कांग्रेस के संयुक्त सचिव और मेघालय प्रभारी मैथ्यू एंटनी ने एक बयान में कहा कि कांग्रेस को लिंगदोह के इस कदम का पहले से ही अनुमान था. एंटनी ने कहा, ‘रोनी वी. लिंगदोह का इस्तीफा कोई आश्चर्य की बात नहीं है (पार्टी को अभी तक कोई आधिकारिक इस्तीफा नहीं मिला है), क्योंकि सत्तारूढ़ एनपीपी भ्रष्टाचार और मेघालय के लोगों की लूट से जुटाए गए धन से खरीदारी का सिलसिला जारी रखे हुए है.’