ओडिशा: एक और कॉलेज छात्रा ने आत्मदाह किया, एक महीने में दूसरी घटना

ओडिशा के केंद्रपाड़ा ज़िले में एक छात्रा अपने घर के अंदर गंभीर रूप से जलने के बाद मृत पाई गई. छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि वह एक व्यक्ति के साथ रिश्ते में थी, पर वह उन्हें ब्लैकमेल करने लगा. छह महीने पहले उनकी बेटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई.

(इलस्ट्रेशन: परिप्लब चक्रबर्ती/द वायर)

नई दिल्ली: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में बुधवार (6 जुलाई) सुबह एक 20 वर्षीय स्नातक अंतिम वर्ष की छात्रा अपने घर के अंदर गंभीर रूप से जलने के बाद मृत पाई गई.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि कॉलेज छात्रा ने अपने बॉयफ्रेंड द्वारा ब्लैकमेल किए जाने के कारण कथित तौर पर खुद को आग लगा ली.

बीते 12 जुलाई के बाद से यह आत्मदाह का दूसरा और राज्य में जलने से महिलाओं की मौत का तीसरा मामला है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, केंद्रपाड़ा की यह घटना बुधवार सुबह पट्टामुंडई (ग्रामीण) थाना क्षेत्र के काठियापाड़ा गांव में हुई.

पीड़ित छात्रा के पिता ने दावा किया कि वह अपने घर में अकेली थी और खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर खुद को आग लगा ली.

उन्होंने कहा, ‘वह एक आदमी के साथ रिश्ते में थी और वह उसे ब्लैकमेल करने लगा था.’ उन्होंने आगे बताया कि छह महीने पहले उनकी बेटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

पिता ने दावा किया कि पुलिस ने उनकी बेटी से कहा था कि ‘अगर वह उसे परेशान कर रहा है तो वह उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दे.’

केंद्रपाड़ा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कटारिया घटनास्थल पर पहुंचे और कहा, ‘मैंने शव देखा है. उसके पिता ने दावा किया है कि उसने आत्महत्या की है. मामले की जांच की जाएगी.’

इस बीच, ओडिशा पुलिस ने गुरुवार (7 अगस्त) को एक एएसआई का तबादला कर दिया ताकि आत्मदाह पीड़िता के पिता के उन आरोपों की पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जा सके जिसमें उन्होंने कहा था कि एएसआई ने मृतका के पूर्व बॉयफ्रेंड द्वारा उसकी अंतरंग तस्वीरें सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी देने के मामले में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया था.

केंद्रपाड़ा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ कटारिया ने बताया कि पीड़िता के पिता द्वारा लगाए गए आरोपों की पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर शैलेंद्र मोहन पालेई को पट्टामुंडई (ग्रामीण) पुलिस स्टेशन से पुलिस जिला मुख्यालय तबादला कर दिया गया है.

पिछले महीने ऐसी दो घटनाएं हुईं

19 जुलाई को एक 15 वर्षीय लड़की को तीन अज्ञात युवकों ने उस समय आग लगा दी जब वह पुरी जिले में एक दोस्त के घर जा रही थी. पुलिस ने बताया कि लड़की अपनी दोस्त को किताब देने वहां जा रही थी.

जब वह रास्ते में थी, तभी तीन अज्ञात युवक मोटरसाइकिल पर आए और उसके चेहरे पर रुमाल रखकर उसे बेहोश कर दिया. फिर, वे उसे पास के एक नदी किनारे ले गए और लड़की पर पेट्रोल डालकर उसे आग लगाने की कोशिश की.

उसे एक ग्रामीण ने बचाया, उसे कपड़े पहनाए और पिपली सीएचसी ले गए. बाद में उसकी हालत बिगड़ने पर उसे एम्स भुवनेश्वर ले जाया गया. एम्स के अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता लगभग 70 प्रतिशत तक जल गई थी और उसके निचले हिस्से पर सबसे ज़्यादा चोटें आई थीं. इलाज के दौरान 2 अगस्त को उसकी मौत हो गई.

इससे पहले बीते 12 जुलाई को ओडिशा के बालासोर के फकीर मोहन ऑटोनोमस महाविद्यालय की 20 वर्षीय छात्रा ने एक प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत पर कार्रवाई न होने के बाद आत्मदाह का प्रयास किया था, वह 90 प्रतिशत जल चुकी थी और 14 जुलाई को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.

छात्रा द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने के कुछ ही घंटों बाद पुलिस ने बालासोर कॉलेज के शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर समीर कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया.

छात्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि साहू उससे ‘यौन संबंध’ की मांग रहा था और धमकी दे रहा था कि अगर उसने ऐसा नहीं किया तो वह उसका शैक्षणिक करियर बर्बाद कर देगा. हालांकि आंतरिक शिकायत समिति ने उसे सात दिनों के भीतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ. उसने स्थानीय पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई.

मामले में कार्रवाई न करने पर उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज के प्रिंसिपल को भी निलंबित कर दिया.

इस आत्मदाह की घटना ने राज्य में राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया था और विपक्ष ऐसी लगातार हो रही घटनाओं के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर हमला बोल रहा है.

(अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं– दोस्त या परिजन– जो मानसिक रूप से परेशान हैं और आत्महत्या का जोखिम है, तो कृपया उनसे संपर्क करें. सुसाइड प्रिवेंशन इंडिया फाउंडेशन के पास उन फोन नंबरों की एक सूची है जिन पर कॉल करके वे गोपनीयता से बात कर सकते हैं. टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज द्वारा संचालित परामर्श सेवा, आईकॉल ने देश भर के चिकित्सकों/थेरेपिस्ट की एक क्राउडसोर्स्ड सूची तैयार की है. आप उन्हें नज़दीकी अस्पताल भी ले जा सकते हैं.)