ओडिशा: सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने पांव न छूने पर 31 छात्रों को बेरहमी से पीटा, निलंबित

ओडिशा के मयूरभंज ज़िले में एक सरकारी स्कूल की शिक्षिका को 31 छात्रों की पिटाई करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. आरोप है कि शिक्षिका ने सुबह की प्रार्थना के बाद बच्चों को इसलिए पीटा क्योंकि विद्यार्थियों ने उनके पैर नहीं छुए थे.

(प्रतीकात्मक फोटो साभार: Pixabay)

नई दिल्ली: ओडिशा के मयूरभंज ज़िले में एक सरकारी स्कूल की महिला शिक्षिका को 31 छात्रों की पिटाई करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है. आरोप है कि शिक्षिका ने सुबह की प्रार्थना के बाद बच्चों को इसलिए पीटा क्योंकि उन्होंने उनके पैर नहीं छुए.

यह घटना शुक्रवार (12 सितंबर) को बेटनोटी ब्लॉक के खंडदेउला सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में हुई, जहां निलंबित शिक्षिका सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत थीं.

हिंदुस्तान टाइम्स ने अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि सहायक शिक्षिका सुकांति कर उस दिन देर से स्कूल पहुंची थी. कक्षा 6, 7 और 8 के छात्रों को पढ़ाते समय उन्होंने बच्चों से पूछा कि सुबह की प्रार्थना के बाद उन्होंने उनके पैर क्यों नहीं छुए. जब कुछ छात्रों ने स्वीकार किया कि उन्होंने ऐसा नहीं किया, तब शिक्षिका ने कथित तौर पर उन्हें बांस की छड़ी से बेरहमी से पीटा.

इस दौरान कई छात्रों को चोटें आईं, जबकि एक बच्चे का हाथ भी टूट गया. घायल छात्रों को इलाज के लिए बेतनोटी अस्पताल ले जाया गया.

मामले की जानकारी मिलते ही अभिभावक स्कूल पहुंचे और शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

अभिभावकों की शिकायत पर स्थानीय शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस मामले की जांच की. छात्रों से बातचीत के बाद शिक्षिका को दोषी पाया गया.

जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षिका को निलंबित कर दिया गया है. एक अधिकारी ने कहा, ‘स्कूलों में शारीरिक दंड पूरी तरह से प्रतिबंधित है. हम सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में किसी भी स्कूल में ऐसी घटना दोबारा न हो.’