नई दिल्ली: लद्दाख पुलिस ने जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक को गिरफ्तार कर लिया है. यह गिरफ्तारी गृह मंत्रालय द्वारा लेह में हुए प्रदर्शनों के लिए वांगचुक को जिम्मेदार ठहराने के दो दिन बाद हुई, जिनमें सुरक्षा बलों की कथित गोलीबारी में चार नागरिकों की मौत हो गई थी.
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, डीजीपी एसडी सिंह जामवाल के नेतृत्व में लद्दाख पुलिस की एक टीम ने वांगचुक को गिरफ्तार किया है.
ज्ञात हो कि एक दिन पहले, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वांगचुक के संगठन स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (एसईसीएमओएल) का विदेशी योगदान (नियमन) अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस रद्द कर दिया था.
गृह मंत्रालय ने कहा था कि वांगचुक के ‘उत्तेजक बयानों’ के कारण ‘लोग भड़के’ थे.
मालूम हो कि वांगचुक और अन्य कार्यकर्ता 10 सितंबर से उपवास पर थे. 24 सितंबर को लेह शहर में हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा होने के बाद वांगचुक ने अपना उपवास रोक दिया था.
वांगचुक ने इस संकट के लिए सीधे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को दोषी ठहराया था. उन्होंने कहा था कि गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय समिति (एचपीसी) ने लद्दाख में जनता की भावनाओं और गुस्से को नजरअंदाज किया, जिसके कारण बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए.
गौरतलब है कि लद्दाख के लोग लंबे समय से विशेष संवैधानिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं. जनवरी 2023 में गृह मंत्रालय ने चार बिंदुओं के मांग पत्र पर चर्चा के लिए समिति का गठन किया था, जिसमें राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग शामिल थी.
समिति ने लद्दाख के नागरिक समाज के सदस्यों के साथ इस पर विचार किया, लेकिन इसकी प्रगति धीमी रही. वांगचुक ने 24 सितंबर को कहा था कि लोगों का धैर्य अब समाप्त हो गया है.
