नई दिल्ली: दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में स्थित साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की एक स्नातक छात्रा से गैंगरेप की कोशिश के आरोप और छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गुरुवार (16 अक्टूबर) को महिला छात्रावास की वॉर्डन को उनके पद से हटा दिया. इसके अलावा एक छात्रावास केयरटेकर को भी निलंबित कर दिया गया है, जिनकी नियुक्ति आउटसोर्स के जरिए की गई थी.
मालूम हो कि इस घटना के सामने आने के बाद छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. हॉस्टल वॉर्डन और केयरटेकर दोनों पर छात्रों ने परिसर में कथित सामूहिक बलात्कार के प्रयास के बाद लापरवाही बरतने और पीड़िता को दोषी ठहराने का आरोप लगाया था.
प्रदर्शनकारी छात्र इन दोनों को पद से हटाने की मांग कर रहे थे, जिसे आखिरकार प्रशासन द्वारा स्वीकार कर लिया गया.
उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक में छात्रों के लगातार धरने के चौथे दिन की गई.
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गुरुवार को जारी दो अलग-अलग कार्यालय आदेशों के अनुसार, रिंकू देवी गुप्ता को ‘तत्काल प्रभाव से वॉर्डनशिप की ज़िम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है.’
हालांकि, वह विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर बनी रहेंगी.
एक अन्य आदेश में महिला छात्रावास में आउटसोर्स ‘सहायक द्वितीय’ अनुपमा अरोड़ा को ‘जांच रिपोर्ट प्रस्तुत होने तक निलंबित’ कर दिया गया है.
उक्त निष्कासन और निलंबन सीधे तौर पर छात्रों की प्रमुख मांग से जुड़ा है, जो सोमवार से दोनों अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे थे.
छात्रों ने आरोप लगाया था कि 12 अक्टूबर की घटना के बाद रिंकू देवी गुप्ता और अनुपमा अरोड़ा ने समय पर मदद नहीं की और पीड़िता के प्रति असंवेदनशील टिप्पणियां कीं, जिसमें उन पर अपने कपड़े फाड़ने का आरोप लगाना भी शामिल था.
इन दोनों अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर पीड़िता को घटना के बाद ‘नहाने’ के लिए कहा गया, जो उनके अनुसार सबूत मिटाने का एक प्रयास था. फिलहाल विश्वविद्यालय ने सहायक प्रोफेसर काजोरी भटनागर को वॉर्डन का कार्यभार संभालने के लिए नियुक्त किया है.
गौरतलब है कि इस घटना के बाद से प्रशासन पर छात्र लगातार अपने प्रदर्शन के जरिए कार्रवाई का दबाव बना रहे थे, जिसके चलते प्रशासन ने उनकी दो प्रमुख मांगों में से एक को मान लिया.
हॉस्टल अधिकारियों पर कार्रवाई के अलावा प्रदर्शनकारी छात्रों ने कथित तौर पर पीड़ित छात्रा पर हमला करने वाले चार लोगों की पहचान के लिए फास्ट ट्रैक पुलिस जांच की भी मांग की है. इस मामले में छात्र डीन और प्रॉक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफ़े की मांग भी कर रहे हैं.
मालूम हो कि साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की एक स्नातक छात्रा ने आरोप लगाया है कि रविवार (12 अक्टूबर) को चार लोगों ने विश्वविद्यालय परिसर में उनके साथ सामूहिक बलात्कार करने की कोशिश की.
हालांकि, पुलिस ने इस मामले में एफआईआर मंगलवार को दर्ज की.
छात्रा के अनुसार, चार लोगों ने कथित तौर पर रविवार को उनका यौन उत्पीड़न किया, जिसमें विश्वविद्यालय कैंपस के गेट पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल थे.
इस दौरान एफआईआर दर्ज होने में देरी के कारण परिसर में व्यापक आंदोलन देखने को मिला. छात्रों ने हॉस्टल वॉर्डन और कुछ अन्य विश्वविद्यालय कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग की, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया.
मैदानगढ़ी थाने में दर्ज एफआईआर में छात्रा ने कथित घटना का विस्तृत विवरण दिया है.
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