नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार की प्रमुख योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लड़की बहिन योजना’ के तहत 12,000 से ज़्यादा पुरुषों को लाभ दिया गया है.
मालूम हो कि इस योजना के तहत 21-65 वर्ष की आयु की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, कम से कम 12,431 पुरुषों को यह लाभ मिला, लेकिन सत्यापन के बाद उन्हें लाभार्थियों की सूची से हटा दिया गया.
अखबार द्वारा सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत पूछे गए सवालों के जवाब में, इस योजना को चलाने वाले महिला एवं बाल विकास विभाग ने बताया कि इन पुरुषों के अलावा, 77,980 महिलाओं को भी अपात्र घोषित किया गया है.
आरटीआई के जवाब के अनुसार, 12,431 पुरुषों को 13 महीनों की अवधि के लिए हर महीने 1,500 रुपये की गलत राशि दी गई, जिससे इस योजना के तहत पुरुषों को प्राप्त कुल राशि 24.24 करोड़ रुपये हो गई.
रिपोर्ट के अनुसार, 77,980 अपात्र महिलाओं को 12 महीनों की अवधि में कुल 140.28 करोड़ रुपये दिए गए.
उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले जून 2024 में शुरू की गई इस योजना में लगभग 2.41 करोड़ महिला लाभार्थी हैं, जिससे सरकार को लगभग 3,700 करोड़ रुपये प्रति माह का खर्च आता है.
योजना का नुचित लाभ उठाने वालों में 2,400 सरकारी कर्मचारी शामिल
महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक अलग आरटीआई जवाब में बताया कि इस योजना के तहत अनुचित लाभ उठाने वालों में पुरुषों सहित कम से कम 2,400 सरकारी कर्मचारी शामिल हैं. उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की गई है.
आरटीआई जवाब में यह भी कहा गया है कि गलत तरीके से किए गए वितरण के लिए अब तक कोई कार्रवाई या वसूली प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है.
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक अन्य प्रतिक्रिया में कहा, ‘योजना के तहत, अनुमानित 77,980 महिला लाभार्थियों को अपात्र घोषित किया गया है. उन्हें 28 जून, 3 जुलाई और 12 जुलाई, 2024 के सरकारी प्रस्तावों के आधार पर अपात्र पाया गया है, जिसमें पात्रता और अपात्रता के मानदंड बताए गए हैं. इन लाभार्थियों के खिलाफ कार्रवाई पर राज्य स्तर पर अभी निर्णय लिया जाना बाकी है.’
राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, सत्यापन के दौरान ‘अनियमितताएं’ सामने आईं. मुख्य विसंगतियां गलत आंकड़े प्रस्तुत करने और आय एवं संपत्ति का गलत विवरण देने से संबंधित थीं.
