मध्य प्रदेश: ज़मीन विवाद में भाजपा नेता ने किसान को थार से कुचला, बेटियों से बदसलूकी

मध्य प्रदेश के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में कथित ज़मीन विवाद को लेकर स्थानीय भाजपा नेता और उनके साथियों ने एक 40 वर्षीय किसान की बेरहमी से पिटाई की और थार गाड़ी से कुचल दिया गया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. मृतक की बेटी ने भाजपा नेता पर मारपीट और निर्वस्त्र करने का आरोप भी लगाया है.

(प्रतीकात्मक फोटो: फेसबुक/@SaranPolice)

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में रविवार (26 अक्टूबर) को एक भयावह घटना में स्थानीय भाजपा नेता महेंद्र नागर और उनके साथियों ने एक 40 वर्षीय किसान की बेरहमी से पिटाई की और थार गाड़ी से कुचल दिया गया, जिसके बाद उनकी मौत हो गई.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना उस समय हुई जब किसान रामस्वरूप धाकड़ अपनी पत्नी के साथ खेत जा रहे थे. उनकी बेटी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, महेंद्र नागर और उनके साथी अपने घरों से निकले और उन पर हमला कर दिया.

उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, ‘हमने शोर सुना और अपने पिता को बचाने के लिए बाहर गए. उन्होंने उन्हें अपनी कार से टक्कर मार दी.’

बेटी ने आरोप लगाया कि जब उसने अपने पिता को बचाने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट की गई. उन्होंने आरोप लगाया, ‘जब मैं अपने पिता को बचाने जा रही थी, तो उन्होंने मुझ पर हमला किया, मेरे ऊपर बैठ गए, मेरे कपड़े फाड़ दिए, मुझे धक्का दिया और पटक दिया. उन्होंने गोली भी चलाई और मेरे बाल खींचे.’

अखबार के अनुसार, हमले के एक प्रत्यक्षदर्शी राम बाबू नागर ने कहा, ‘रामस्वरूप पर 10-15 लोगों ने लकड़ी के डंडों से हमला किया. जब उसकी बेटी ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो महेंद्र उसकी छाती पर बैठ गया. फिर जितेंद्र ने राम स्वरूप के पैरों पर थार गाड़ी चढ़ा दी. उसके दोनों पैर कुचल गए.’

उन्होंने आगे बताया कि दोनों पक्षों के बीच पिछले तीन महीनों से ज़मीन का विवाद चल रहा था.

मृतक के भाई रामकुमार ने आरोप लगाया, ‘उन्होंने दोनों लड़कियों के कपड़े फाड़ दिए. करीब 20 लोगों ने हवा में गोलियां चलाईं, इसलिए हम डर गए. वे करीब एक घंटे तक हमला करते रहे. इसके बाद आरोपियों ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ाया और बाद में कार चढ़ा दी.’

न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि महेंद्र नागर – भाजपा के स्थानीय बूथ समिति प्रमुख और गुना जिले में पार्टी की किसान शाखा के पूर्व पदाधिकारी –  ने फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के गणेशपुरा गांव में लंबे समय से आतंक का राज चलाया हुआ है.

एक ग्रामीण ने बताया, ‘वह सालों से ज़मीन हड़प रहा है. कम से कम 25 किसान अपनी ज़मीन औने-पौने दामों पर बेचकर गांव छोड़ चुके हैं. जिन लोगों ने विरोध करने की हिम्मत की, उन पर या तो हमला किया गया या उन्हें भगा दिया गया. रामस्वरूप ने नागर के आतंक के आगे घुटने टेकने से इनकार कर दिया और गणेशपुरा में अपनी दस बीघा ज़मीन पर कब्ज़ा जमाए रखा, उसके रिश्तेदार राजस्थान के पास के पचलावड़ा गांव में रहते हैं. इसी अवज्ञा के कारण आखिरकार उसकी जान चली गई.’

महेंद्र नागर, उनके बेटों नितेश और देवेंद्र, पत्नी कमलेश बाई नागर, भतीजे जितेंद्र और नागर परिवार की दो अन्य महिलाओं समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक षडयंत्र, मारपीट और महिलाओं का शील भंग करने से जुड़ी बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, एक आरोपी, महेंद्र के बड़े भाई हुकुम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है.

कांग्रेस ने घटना की निंदा की

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, बमोरी से कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल ने घटना की निंदा की और सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया. अग्रवाल ने कहा, ‘मध्य प्रदेश में हिंसा, लूटपाट और बलात्कार के मामले बढ़ रहे हैं. राज्य के मुख्यमंत्री गृह मंत्री भी हैं और यह सब उनकी निगरानी में हो रहा है. पुलिस सत्ता में बैठे लोगों के डर से काम कर रही है.’

भाजपा ने इस बात से इनकार किया है कि आरोपी उनकी पार्टी से जुड़ा है. भाजपा प्रवक्ता शिवम शुक्ला ने कहा, ‘आरोपी इलाके का पूर्व सरपंच बताया जा रहा है. वे किसी पार्टी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ते. इसके अलावा, यह आरोप कि आरोपी भाजपा नेताओं के साथ तस्वीरों में दिखाई दिए, निराधार हैं, क्योंकि कांग्रेस नेता भी हमारी पार्टी के सदस्यों के साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं. वे जनप्रतिनिधि हैं और उन्हें लोगों से मिलना होता है. आरोपी हमारी पार्टी से जुड़े नहीं हैं.’

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बीच, गुना ज़िला भाजपा अध्यक्ष धर्मेंद्र सिकरवार ने नागर के पार्टी से जुड़े होने की पुष्टि करते हुए उन्हें तत्काल निष्कासित करने की मांग की है.

सिकरवार ने कहा, ‘महेंद्र नागर एक पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय बूथ प्रमुख हैं. हमने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखकर उन्हें तत्काल हटाने की मांग की है.’

जानकार सूत्रों के अनुसार, महेंद्र नागर उन कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शामिल थे, जो 2020 में ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके 22 वफादार विधायकों के पार्टी छोड़ने और कमलनाथ के नेतृत्व वाली सरकार गिरने के बाद भाजपा में शामिल हुए थे.

गुना, ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के उन तीन ज़िलों में से एक है, जो गुना लोकसभा क्षेत्र बनाते हैं, जिसका प्रतिनिधित्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया करते हैं.