नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम आईसीसी वीमेंस वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गई है. गुरुवार (30 अक्टूबर) को ऑस्ट्रेलिया के साथ खेले गए सेमी फाइनल मैच में भारतीय महिलाओं ने 339 रनों का जो विशाल लक्ष्य भेदा, उसकी असली सूत्रधार जेमिमा रोड्रिग्स और कप्तान हरमनप्रीत कौर रहीं.
ये मैच इसलिए भी खास रहा, क्योंकि शायद यह वर्ल्ड कप इतिहास में पहली बार है जब किसी टीम ने नॉकआउट मैच में 339 रनों का लक्ष्य हासिल किया है. ऑस्ट्रेलिया, जो इस टूर्नामेंट में पिछले 16 मैचों से लगातार जीत रही थी, भारत ने उसके सफर पर विराम लगा दिया.
इस मैच में सबसे अधिक रन बनाने वाली और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब जीतने वाली जेमिमा रोड्रिग्स ने 134 गेंदों में 14 चौकों की मदद से नाबाद 127 रन बनाए. वे तीसरे नंबर पर बल्लेबाज़ी करने आईं और मैदान छोड़ते समय सबका दिल जीत ले गईं.
हालांकि, जेमिमा के लिए ये सब बिल्कुल आसान नहीं थ. मैच के बाद जेमिमा जिस तरह से बेहद भावुक हो गईं, ये उनके संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास की कहानी बयां करता है. जेमिमा ने खुद बताया कि ये सब उनके लिए कितना मुश्किल था, वे मानसिक तनाव से गुजर रही थीं, और किस तरह वे एंग्जायटी का सामना कर रही थीं.
जेमिमा का संघर्ष और नफरती ट्रोलर्स
इस समय सोशल मीडिया और चारों ओर जश्न का माहौल है और इन महिलाओं, खासकर रोड्रिग्स को भारत का गौरव, नेशनल सुपरस्टार बताया जा रहा है. ये सच है कि जेमिमा हमें गर्व करने के लिए बहुत कुछ देती हैं.
मालूम हो कि 25 वर्षीय रोड्रिग्स ने 2012-13 सीज़न में महज़ 13 साल की उम्र में मुंबई अंडर-19 क्रिकेट से अपने सफर की शुरुआत की थी. वह राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी भी रही हैं.
2017 में वह स्मृति मंधाना के बाद घरेलू अंडर-19 वनडे ट्रॉफी में दोहरा शतक लगाने वाली दूसरी भारतीय महिला बनीं.
लेकिन ये हमारे देश की विडंबना ही है कि विश्व कप की इस शानदार पारी से पहले जेमिमा नफरती ट्रोलर्स, हिंदुत्ववादी चैनलों, तथाकथित टिप्पणीकारों और एक समाचार एजेंसी के नफरती अभियान का सामना कर रही थीं.
खार जिमखाना ने जेमिमा की सदस्यता रद्द कर दी थी
इस संबंध में द वायर ने तब बताया था कि मुंबई के सबसे पुराने क्लबों में से एक, खार जिमखाना ने उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी, क्योंकि कुछ सदस्यों ने कथित तौर पर उनके पिता इवान द्वारा क्लब परिसर का इस्तेमाल ‘धार्मिक गतिविधियों’ के लिए करने पर आपत्ति जताई थी. ऐसा दावा किया गया कि उनके पिता द्वारा ‘कमज़ोर’ लोगों का ‘धर्मांतरण’ करने के लिए यहां कार्यक्रम आयोजित किए गए थे.
रॉड्रिग्स की सदस्यता मानद थी- यह एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर के रूप में उनकी उपलब्धियों के सम्मान में दी गई थी. लेकिन हिंदुत्ववादी ब्रिगेड ने उन्हें अपने नफरती एजेंडे का निशाना बनाया और यह दावा दोहराया कि रॉड्रिग्स के पिता इवान ने परिसर का इस्तेमाल धर्मांतरण के लिए किया था. कुछ ने तो उनके साथ सामूहिक बलात्कार तक की मांग भी की.
एक समाचार एजेंसी ने जिमखाना के नेताओं के कई साक्षात्कार प्रकाशित किए, जिनमें कहा गया था कि आपत्तियों के बाद उन्होंने स्वतःस्फूर्त रूप से उनकी सदस्यता रद्द करने का फैसला लिया.
हालांकि, ज़्यादातर ने यही कहा कि इवान ने समारोहों के लिए सामुदायिक हॉल बुक किया था – यह दर्शाता है कि यह प्रक्रिया जिमखाना के नियमों के अनुसार हुई.
इस मामले को लेकर फ़ैक्ट-चेकर और ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद ज़ुबैर ने पोस्ट किया कि इस विवाद के चरम पर भी, टाइम्स ऑफ इंडिया ने बताया था कि कैसे क्लब के अध्यक्ष विवेक देवनानी ने इन आरोपों का खंडन किया था और कहा था कि यह क्लब के एक गुट द्वारा आगामी चुनावों से पहले राजनीति का परिणाम है.
#WATCH | On Khar Gymkhana revoking Indian cricketer Jemimah Rodrigues’s membership, Madhvi Ashar, Vice President Khar Gymkhana, says, “When the motion came up for hearing and when it was explained to the members, our President was charing the meeting the house was really upset to… pic.twitter.com/Htob2sRuH5
— ANI (@ANI) October 22, 2024
Hello @smitaprakash, Why didn’t you get a statement from Khar Gymkhana president Vivek Devnani who denied the allegations and accused rivals of indulging in politics ahead of the club’s upcoming elections. pic.twitter.com/iI9lgaG5NM
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) October 22, 2024
Social media RW IT handles have hounded Jemimah and her family in the past for their religious faith. I hope some of them bury their faces in a hole tonight. She is a proud daughter of India who has shone on the biggest stage. Way to go girl! @JemiRodrigues ⭐️⭐️
— Rajdeep Sardesai (@sardesairajdeep) October 30, 2025
Not too long ago, Mufaddal Vohra spread FAKE news about Jemimah Rodrigues and threw her in way of unreal hatred and abuse. There were literal calls to gangrape her in full public view all because Mufaddal peddled fake news. Mufaddal deleted his tweet but the damage was done. https://t.co/j4CW4NpfFO pic.twitter.com/BYrXR8pwQC
— Saif (@isaifpatel) October 30, 2025
STAND UP AND SALUTE JEMIMAH RODRIGUES. pic.twitter.com/aaUM53D9Rr
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) October 30, 2025
Congratulations to Jemimah Rodrigues for staying the course and making us all proud. She said it clearly- sometimes we need to stand still & God will fight for us. Bless you Jemimah. Love and all happiness.
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) October 31, 2025
अब, जब रोड्रिग्स अपने खेल को लेकर चर्चा का विषय बन गई हैं, तो विडंबना यह है कि रोड्रिग्स के खिलाफ पहले चलाए गए नफरती अभियान को रिकॉर्ड करने वाले कुछ लोग ही इस विडंबना को नज़रअंदाज़ कर गए.
उस समय, रोड्रिग्स पत्रकारों से बात नहीं करती थीं. एक साल बाद गुरुवार को हुए मैच के बाद दिए गए अपने साक्षात्कार में रोड्रिग्स बहुत भावुक, लेकिन दृढ़ नज़र आईं. उन्होंने कहा, ‘मैं जीसस का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं – मैं यह अकेले नहीं कर सकती थी. मैं अपनी मां, पिता, कोच और हर उस व्यक्ति का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं जिसने मुझ पर भरोसा किया.’
उन्होंने उन दर्शकों का भी शुक्रिया अदा किया जिन्होंने मैच के दौरान उनका हौसला बढ़ाया और उन्हें प्रोत्साहित किया. इस महत्वपूर्ण मैच के दौरान गुरुवार को रोड्रिग्स ने को लगा था कि वह पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करेंगी, लेकिन उन्हें मैच शुरू होने से कुछ समय पहले ही पता चला कि वह वास्तव में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने जा रही हैं.
ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, रोड्रिग्स इस कठिन मैच के दौरान खुद को हौसला देती रहीं.
उन्होंने बताया, ‘शुरू में मैं बस खेल रही थी, खुद से बातें कर रही थी. लेकिन आख़िर में जब थक गई, एनर्जी खत्म हो गई, तब मैं बाइबिल की एक पंक्ति दोहरा रही थी. ‘बस तुम खड़े रहो, ऊपरवाला तुम्हारे लिए खड़ा होगा’ और वही हुआ, उन्होंने मेरे लिए लड़ाई लड़ी.
