असम: दिल्ली विस्फोट के बाद बढ़ी सोशल मीडिया निगरानी, पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लिया

असम पुलिस ने मंगलवार को कछार ज़िले के एक सरकारी स्कूल के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य को ऐसी सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में हिरासत में लिया है, जिसमें उन्होंने सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट को कथित तौर पर चुनावों से जोड़ा था.

नई दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद जांच के लिए पुलिस द्वारा घेरा गया इलाका. (फोटो: पीटीआई/कमल किशोर)

नई दिल्ली: असम पुलिस ने मंगलवार (11 नवंबर) को कछार ज़िले के एक सरकारी स्कूल के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य को सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी पोस्ट करने के आरोप में हिरासत में लिया, जिसमें सोमवार को दिल्ली में हुए विस्फोट को कथित तौर पर चुनावों से जोड़ा गया था.

रिपोर्ट के मुताबिक, सिलचर सदर थाना के अंतर्गत आने वाले दुर्गापुर के रोंगपुर निवासी नज़रुल इस्लाम बरभुइया ने राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के पास हुए विस्फोट के बारे में एक फेसबुक पोस्ट पर लिखा था कि ‘चुनाव आ रहे हैं’.

इसके बाद उन्हें पूछताछ के लिए कछार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय ले जाया गया. इस संबंध में कछार के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (अपराध) रजत कुमार पाल ने दावा किया कि बरभुइया इस घटना को ‘राजनीतिक रंग’ देने की कोशिश कर रहे थे.

उन्होंने कहा, ‘कल दिल्ली में एक बहुत बड़ा धमाका हुआ, जिसकी विभिन्न एजेंसियां जांच कर रही हैं. यह राष्ट्रीय खबर है. कुछ लोग इस खबर का दुरुपयोग और राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे विभिन्न समुदायों के बीच मतभेद पैदा हो सकते हैं. इससे सांप्रदायिक घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है.’

एएसपी ने बताया कि बरभुइया की गतिविधि को ज़िले के सोशल मीडिया निगरानी प्रकोष्ठ ने चिह्नित किया था.

उल्लेखनीय है कि यह गिरफ्तारी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा की उस घोषणा के तुरंत बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार सोशल मीडिया निगरानी अभियान को फिर से शुरू करेगी, जैसा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद किया गया था.

मालूम हो कि उस दौरान ऑनलाइन पोस्ट के लिए लगभग 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.

नए सिरे से निगरानी अभियान का ज़िक्र करते हुए शर्मा ने मंगलवार को कहा कि अधिकारी उन लोगों की पहचान कर रहे हैं जो ‘आतंकवाद’ का जश्न मनाते हुए सामग्री पोस्ट कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘पहलगाम की घटना के बाद और कल (सोमवार) भी, हमने कुछ लोगों को या तो इस घटना की सराहना करते या खुशी से भरे कुछ इमोजी पोस्ट करते देखा. ये लोग आतंकवाद के समर्थक हैं. हम कल रात से ही इन लोगों की पृष्ठभूमि की जांच कर रहे हैं. हमारी पुलिस किसी भी कीमत पर इन्हें पकड़ने में लगी हुई है… और ज़रूरत पड़ने पर हम कुछ लोगों को गिरफ़्तार भी करेंगे… मैंने डीजीपी को निर्देश दिया है कि वे जांच करें कि ये लोग कौन हैं और कहां से हैं. अगर वे असम से हैं, तो हमें उन्हें गिरफ़्तार करना होगा.’

गौरतलब है कि दिल्ली में हुए कार विस्फोट में कम से कम 13 लोगों के मारे गए हैं और कई घायल अस्पतालों में इलाजरत हैं. इस संबंध में बुधवार रात पारित एक प्रस्ताव में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे ‘आतंकवादी घटना’ बताया. विस्फोट की जांच अभी भी जारी है.