नई दिल्ली: लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक समूहों ने सोमवार (17 नवंबर) को गृह मंत्रालय (एमएचए) को 29 पृष्ठों का एक मसौदा प्रस्ताव सौंपा.
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के बैनर तले प्रस्तुत इस प्रस्ताव में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सहित हिरासत में लिए गए लद्दाख के स्थानीय लोगों की रिहाई की भी मांग की गई है.
लद्दाख बौद्ध संघ (एलबीए) के अध्यक्ष और एलएबी के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे लकरूक ने कहा, ‘हमने गृह मंत्रालय को 29 पृष्ठों का एक मसौदा प्रस्ताव सौंपा है. हमने राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांगों पर ज़ोर दिया है.’
लकरूक ने आगे कहा कि मसौदा प्रस्ताव में 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा के बाद गिरफ़्तार किए गए या जिन पर मुक़दमा चलाया गया, उन सभी के लिए सामान्य माफ़ी की भी मांग की गई है.
उन्होंने आगे कहा, ‘हमारे देश में दंगों में शामिल या हथियार उठाने वाले लोगों को सामान्य माफ़ी दी गई है. हम 24 सितंबर की घटना के बाद गिरफ़्तार किए गए लोगों के मामले में भी यही उम्मीद करते हैं.’
लकरूक ने कहा कि मसौदा प्रस्ताव में 59 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता वांगचुक की रिहाई की भी मांग की गई है.
मालूम हो कि सोनम वांगचुक को सितंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया था. तबसे वे जेल में हैं.
इससे पहले सितंबर में लद्दाख-गृह मंत्रालय वार्ता गतिरोध पर पहुंच गई थी. सोनम वांगचुक ने राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची पर बातचीत जल्द शुरू करने की मांग को लेकर तीन हफ़्ते की भूख हड़ताल की थी.
वांगचुक के समर्थकों सहित स्थानीय निवासियों ने 24 सितंबर को गृह मंत्रालय द्वारा वार्ता की घोषणा में देरी के विरोध में विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद हुई हिंसा में चार स्थानीय लोगों की मौत हो गई और लगभग 90 लोग घायल हो गए थे.
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने बीते महीने 29 अक्टूबर को केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन से हिरासत में लिए गए जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर दस दिनों के भीतर जवाब देने को कहा था.
गौरतलब है कि एलएबी और करगिल डेमोक्रेटिक एलायंस (केडीए) ने राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांगों पर 22 अक्टूबर को गृह मंत्रालय के साथ बातचीत फिर से शुरू की.
अखबार के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने एलएबी के अध्यक्ष थुपस्तान छेवांग और केडीए के कमर अली अखून, असगर अली करबलाई और सज्जाद कारगिली की अध्यक्षता वाली उप-समिति के अलावा लद्दाख के सांसद हाजी हनीफा के साथ बातचीत की है.
