नई दिल्ली: जब लोकसभा में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर विशेष बहस चल रही है, तब पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने सोमवार (8 दिसंबर) को कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा उभरते मुद्दों, जिनमें इंडिगो एयरलाइंस में मचे उथल-पुथल से पैदा हुआ संकट भी शामिल है, को सुलझाने के बजाय ‘खोखले प्रतीकवाद’ में व्यस्त है.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर बहस की शुरुआत की, जिससे राष्ट्रीय गीत से जुड़े कई महत्वपूर्ण और पहले कम ज्ञात पहलुओं के सामने आने की उम्मीद है.
Parliament is busy sparring over a two hundred year old Vande Mataram even as IndiGo passengers are left stranded and desperate for answers. Instead of confronting the crises hurting people right now BJP seems intent on indulging in empty symbolism. How will this political…
— Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) December 8, 2025
वहीं, महबूबा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘संसद दो सौ साल पुराने वंदे मातरम् पर बहस में व्यस्त है, जबकि इंडिगो के यात्री फंसे हुए हैं और जवाबों के लिए परेशान हैं. लोगों को अभी प्रभावित कर रहे संकटों का सामना करने के बजाय भाजपा ‘खोखले प्रतीकवाद’ में लिप्त नजर आ रही है.’
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री इंडिगो द्वारा 2 दिसंबर से सैकड़ों उड़ानों को रद्द किए जाने की ओर इशारा कर रही थीं, जिनका कारण पायलटों की उड़ान ड्यूटी और नियामक मानकों में बदलाव बताया गया है. इन व्यवधानों के कारण देशभर के हवाई अड्डों पर लाखों यात्री फंसे रह गए हैं.
उन्होंने सवाल किया, ‘यह राजनीतिक ड्रामा नौकरियां कैसे पैदा करेगा, बढ़ती महंगाई को कैसे नियंत्रित करेगा या करोड़ों भारतीयों पर बोझ डाल रही वास्तविक और तात्कालिक समस्याओं से कैसे निपटेगा?’
समाचार एजेंसी एनडीटीवी के मुताबिक, इससे पहले शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले एक राजनीतिक टकराव भी हुआ था, जब राज्यसभा सचिवालय ने यह दोहराया कि सांसदों को संसद के भीतर मर्यादा बनाए रखने के लिए ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ जैसे शब्दों के प्रयोग से बचना चाहिए.
विपक्ष ने भाजपा-नेतृत्व वाले एनडीए पर भारत की स्वतंत्रता और एकता के प्रतीकों से असहज होने का आरोप लगाया था.
