2025 के पूरे होने के साथ हम पीछे लौटकर देख रहे हैं कि देश, समाज और नागरिकों के जीवन ने इस साल ने क्या बदला. इस श्रृंखला का यह दूसरा भाग भारत के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा के बारे में है.
§
नई दिल्ली: ‘सरकार ने बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं के बड़े-बड़े पोस्टर तो लगवा दिए हैं, लेकिन क्या पढ़ने के स्थानों पर सरकार बेटियों को सुरक्षा प्रदान कर पाई है. अगर कैंपस में किसी शोषण-उत्पीड़न के खिलाफ छात्राएं आवाज़ भी उठाएं, तो मंत्री-नेता से लेकर समाज उन्हीं पर उंगली उठाता है.’
ये दिल्ली स्थित साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की एक छात्रा का कहना है, जो इस साल अपनी साथी छात्रा के साथ हुए उत्पीड़न मामले को लेकर कई दिनों तक यूनिवर्सिटी कैंपस में हुए प्रदर्शन का हिस्सा रही थीं.
हालांकि, ऐसे मामले केवल दिल्ली तक सीमित नहीं हैं. ये पश्चिम बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक देशभर के परिसरों की कहानी है. ऐसे में कई सवाल भी उठते हैं. अव्वल तो ये कि क्या शिक्षण परिसरों में छात्राएं सुरक्षित हैं?
एक नज़र साल 2025 में शिक्षण परिसरों में हुए कुछ यौन उत्पीड़न के मामलों पर…
पश्चिम बंगाल: दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा से गैंगरेप का आरोप
इस साल 10 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक निज़ी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस दूसरे वर्ष की छात्रा के साथ कथित तौर पर गैंगरेप का मामला सामने आया.
छात्रा अपने सहपाठी के साथ कुछ खाने के लिए कॉलेज परिसर से बाहर निकली थीं, जब उसके साथ उनके परिचित और कम से कम तीन अन्य लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया.
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी कर, 31 अक्टूबर को छात्रा के सहपाठी समेत छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.
मालूम हो कि इस घटना से पहले भी बंगाल के कई शिक्षण परिसरों – आरजी कर मेडिकल कॉलेज, कस्बा लॉ कॉलेज और आईआईएम कलकत्ता से ऐसे रेप के मामले सामने आए हैं.
साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की एक स्नातक छात्रा से गैंगरेप की कोशिश
अक्टूबर में ही दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके में स्थित साउथ एशियन यूनिवर्सिटी की एक स्नातक छात्रा से गैंगरेप की कोशिश के आरोप सामने आए थे. चौतरफा विरोध औऱ छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन को महिला छात्रावास की वॉर्डन को उनके पद से हटाना पड़ा.
मालूम हो कि इस घटना के सामने आने के बाद छात्र लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. हॉस्टल वॉर्डन और केयरटेकर दोनों पर छात्रों ने परिसर में कथित सामूहिक बलात्कार के प्रयास के बाद लापरवाही बरतने और पीड़िता को दोषी ठहराने का आरोप लगाया था.
इस मामले में पीड़िता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी. हालांकि, किसी की गिरफ्तारी की कोई जानकारी नहीं है.
महाराष्ट्र: गुरुकुल प्रमुख पर यौन उत्पीड़न का आरोप
महाराष्ट्र के एक गुरुकुल प्रमुख तथाकथित ‘भगवान’ कोकरे महाराज और एक शिक्षक पर भी अक्तूबर में ही परिसर में एक नाबालिग छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा.
बताया गया कि महाराष्ट्र के कई हिस्सों से लड़के-लड़कियां आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए इस गुरुकुल में दाखिला लेते हैं. पीड़िता भी इसी उद्देश्य से यहां आई थीं.
इस मामले के सामने आने के बाद कोकरे महाराज को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया था.
दिल्ली: प्रबंधन संस्थान की छात्राओं से यौन उत्पीड़न
दिल्ली पुलिस ने सितंबर के महीने में स्वयंभू धर्मगुरु स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दक्षिणी दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक प्रबंधन संस्थान की कई छात्राओं से यौन उत्पीड़न के आरोप में आगरा से गिरफ्तार किया.
इस मामले में लिखी गई एफआईआर के अनुसार, प्रबंधन संस्थान के पूर्व अध्यक्ष सरस्वती कथित तौर पर छात्राओं को देर रात अपने आवास पर आने के लिए मजबूर करते थे और उन्हें अश्लील मैसेज भेजते थे. कथित तौर पर वह अपने फोन के ज़रिए छात्राओं की गतिविधियों पर नज़र भी रखते थे.
इस मामले में पुलिस ने स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती को गिरफ्तार कर चुकी है और फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में हैं.
ओडिशा के डिग्री कॉलेज की छात्रा से यौन उत्पीड़न
ओडिशा के बालासोर से जुलाई में एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई, जब यहां के फकीर मोहन ऑटोनोमस महाविद्यालय की 20 वर्षीय छात्रा ने आत्मदाह का प्रयास किया और आखिर में एम्स भुवनेश्वर में दम तोड़ दिया.
छात्रा ने अपने कॉलेज के एक प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, छात्रा ने अपने साथ हुए अत्याचार के खिलाफ कैंपस में धरना भी दिया, लेकिन अंत में आरोपी के खिलाफ किसी कार्रवाई को न होता देख छात्रा ने आत्मदाह कर लिया.
इस मामले में क्राइम ब्रांच ने एबीवीपी सचिव समेत दो युवाओं को लड़की को आत्मदाह करने के लिए उकसाने संबंधित मामले में गिरफ्तार किया है.
जेएनयू: जापानी दूतावास के अधिकारी द्वारा यौन उत्पीड़न
राष्ट्रीय राजधानी के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने जापानी दूतावास के एक अधिकारी द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद जुलाई में स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के एक प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया था.
बताया गया कि प्रोफेसर स्वर्ण सिंह की सेवाओं को समाप्त करने का फैसला विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) द्वारा की गई जांच के निष्कर्षों के बाद लिया गया, जिसे जेएनयू की कार्यकारी परिषद की बैठक में प्रस्तुत किया गया था.
आईआईटी मद्रास में महिला इंटर्न के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप
जुलाई में ही आईआईटी मद्रास में एक 20 वर्षीय महिला इंटर्न की कैंटीन के एक कर्मचारी द्वारा कथित यौन उत्पीड़न की ख़बर भी आई. इस घटना में राष्ट्रीय महिला आयोग के हस्तक्षेप के बाद गिरफ़्तारी हुई.
एनआईटी सिलचर के प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न के आरोप
असम के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी), सिलचर के एक सहायक प्रोफेसर को एक मार्च में छात्रा द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत के बाद कछार पुलिस ने गिरफ्तार किया.
छात्रा ने संस्थान में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोपी शिक्षक राजू पर छेड़छाड़ और मानसिक व यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है. छात्रा ने आरोप लगाया था कि राजू ने उन्हें उनके अंकों पर चर्चा करने के बहाने कक्षा के बाद अपने कक्ष में बुलाया और दरवाजा बंद करने के लिए कहने के बाद उन्हें अनुचित तरीके से छुआ.
आरोपों के बाद छात्रों ने राजू को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू हुए. अधिकारियों द्वारा राजू को निलंबित करने का आश्वासन देने के बाद ये प्रदर्शन खत्म हुए.
इस मामले में प्रोफेसर राजू को गिरफ्तार कर लिया गया है. साथ ही संस्थान के प्रशासन द्वारा उन्हें उनके पद से निलंबित भी कर दिया गया है.
(सोनिया यादव के इनपुट के साथ)
