नई दिल्ली: केरल में नए साल की शुरुआत एक अप्रत्याशित घटनाक्रम के साथ हुई, जब मलयालम दैनिक ‘जन्मभूमि’, जो केरल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुखपत्र माना जाता है, ने अपने अख़बार में प्रतिद्वंद्वी अख़बार ‘चंद्रिका’ का संपादकीय पेज छाप दिया. ‘चंद्रिका’ भारतीय यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) का आधिकारिक मुखपत्र है.
बताया गया है कि यह गड़बड़ी जन्मभूमि के कन्नूर–कासरगोड संस्करण में हुई. जन्मभूमि के कन्नूर ब्यूरो प्रमुख गणेश मोहन ने कहा, ‘यह प्रिंटिंग प्रक्रिया के दौरान हुई तकनीकी गड़बड़ी थी.’
द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों अख़बारों का प्रसंस्करण कन्नूर के एक ही निजी कंप्यूटर-टू-प्लेट (सीटीपी) केंद्र में होता है. यहीं पर गलती से चंद्रिका के संपादकीय पेज की प्लेटें जन्मभूमि की प्लेटों के साथ मिल गईं और प्रिंटर तक पहुंच गईं.
यह त्रुटि प्रतीक्षा प्रिंटर्स में भी पकड़ में नहीं आई, जहां मध्यामम, सुप्रभातम और वीक्षणम जैसे अन्य स्थानीय अख़बार भी छापे जाते हैं.
भाजपा के मुखपत्र ने अपने चौथे पन्ने पर ‘चंद्रिका’ का मास्टहेड के साथ आईयूएमएल के राज्य अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल, एमके मुनीर और मोहम्मद शाह के तीन विचार लेख भी छाप दिए. कासरगोड के एक भाजपा कार्यकर्ता ने द हिंदू को बताया, ‘सौभाग्य से उस दिन चंद्रिका के संपादकीय पेज पर भाजपा को सीधे निशाना बनाती कोई सामग्री नहीं थी.’
गलती से प्रकाशित अन्य लेखों में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के कार्यों पर एक लेख और येलेहंका हादसे पर एक रिपोर्ट भी शामिल थी.
थंगल ने इस घटना पर कहा, ‘बड़े पाठक वर्ग तक पहुंचने से ज्यादा मुझे खुशी है कि मैं अलग तरह के पाठकों तक भी पहुंचा. यह सचमुच नए साल का सरप्राइज़ था, और मैं इसे याद रखूंगा.’
चंद्रिका के संपादक कमल वराडूर ने भी इस ‘गड़बड़ी’ और अतिरिक्त प्रचार पर प्रसन्नता जताते हुए कहा, ‘नए साल के दिन हमारे संपादकीय पृष्ठ का व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचना शुभ संकेत है. यह दिखाता है कि आने वाले दिन और बेहतर होंगे.’
ज्ञात हो कि भाजपा का यह मुखपत्र इससे पहले तब चर्चा में आया था, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने जन्मभूमि और केरल के दो न्यूज़ चैनलों – कर्मा न्यूज़ और जन्म टीवी – को पत्रकार धन्या राजेन्द्रन के खिलाफ मानहानिकारक सामग्री हटाने का आदेश दिया था.
