बलात्कार के दोषी गुरमीत राम रहीम को फिर मिली 40 दिन की पैरोल, 15वीं अस्थायी रिहाई

रोहतक की सुनारिया जेल में बंद बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को फिर से 40 दिन की पैरोल दे दी गई है. यह 2020 के बाद से जेल से उसकी 15वीं अस्थायी रिहाई है. वह बीते साल 2025 में तीन बार जेल से बाहर आया है.

गुरमीत राम रहीम. (फोटो साभार: फेसबुक/डेरा सच्चा सौदा)

नई दिल्ली: रोहतक की सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख बलात्कार और हत्या के मामलों में दोषी गुरमीत राम रहीम को फिर से 40 दिन की पैरोल दे दी गई है.

द हिंदू की खबर के मुताबिक, उनकी यह ताज़ा पैरोल पिछले साल अगस्त में उन्हें दी गई 40 दिन की पैरोल के कुछ महीनों बाद आई है.

मालूम हो कि यह 2020 के बाद से जेल से उनकी 15वीं अस्थायी रिहाई है. वे बीते साल 2025 में तीन बार जेल से बाहर आए थे.

अगस्त 2025 से पहले अप्रैल में राज्य सरकार ने उन्हें 21 दिन की फर्लो पर रिहा किया था. गुरमीत राम रहीम को 2025 में ही जनवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक सप्ताह पहले भी 30 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था और वे सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में रुके थे.

गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम को ज्यादातर राज्य या अन्य चुनावों के दौरान पैरोल और फरलो मिलते आए हैं. बताया जाता है कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई निर्वाचन क्षेत्रों में डेरा के अनुयायियों की अच्छी खासी संख्या है.

2017 में पंचकुला की एक अदालत ने गुरमीत राम रहीम को अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार के लिए 20 साल की सजा सुनाई थी. वह 2017 से हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल में बंद हैं. न्यायाधीश ने उन्हें प्रत्येक पीड़िता को 15 लाख रुपये का जुर्माना भरने का भी आदेश दिया था.

डेरा प्रमुख और तीन अन्य को एक पत्रकार की हत्या मामले में भी 2019 में दोषी ठहराया गया था. जबकि उच्च न्यायालय ने सिंह और चार अन्य को 2002 में संप्रदाय के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में ‘दागी और संदिग्ध’ जांच का हवाला देते हुए बरी कर दिया था.

मालूम हो कि साल 2021 में पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने गुरमीत राम रहीम सिंह, कृष्ण लाल, जसबीर सिंह, इंदर सेन और सबदिल सिंह को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत दोषी ठहराया था. इन सभी को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई थी.

जनवरी 2019 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी. हालांकि, इसके बाद भी वो कई बार पैरोल पर बाहर आते रहे हैं, जिसे लेकर पत्रकार छत्रपति के बेटे नाराज़गी जाहिर करते रहे हैं.

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी जैसे सिख संगठनों ने अतीत में सिंह को दी गई राहत की आलोचना की है.

मालूम हो कि सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं.