नई दिल्ली: पाकिस्तानी मूल के चार अमेरिकी क्रिकेटर- अली खान, शयान जहांगीर, मोहम्मद मोहसिन और एहसान आदिल तथा इंग्लैंड के आदिल राशिद और रेहान अहमद को आगामी आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप के लिए भारत आने के लिए वीज़ा मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहे हैं.
अमेरिकी खिलाड़ी कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग में मंगलवार (13 जनवरी) को निर्धारित समय पर वीज़ा अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं.
ये सभी खिलाड़ी इस समय अमेरिका की टीम के साथ श्रीलंका में हैं, जहां वे फरवरी में होने वाले टूर्नामेंट की अंतिम तैयारियों में जुटे हुए हैं.
टी-20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में आयोजित होना है.
आईसीसी से जुड़े सूत्रों ने स्पोर्ट्स वेबसाइट क्रिकबज़ को बताया कि अपॉइंटमेंट से पहले सभी ज़रूरी दस्तावेज़ तय नियमों के मुताबिक जमा कर दिए गए थे.
सूत्र ने कहा, ‘आज सुबह खिलाड़ियों का श्रीलंका स्थित भारतीय दूतावास में अपॉइंटमेंट था. आईसीसी द्वारा पहले से बताए गए सभी दस्तावेज़ उन्होंने जमा किए. अपॉइंटमेंट के दौरान खिलाड़ियों को बताया गया कि इस चरण में वीज़ा जारी नहीं किया जा सकता. बाद में शाम को अमेरिकी टीम प्रबंधन को दूतावास से कॉल आया, जिसमें कहा गया कि कुछ आवश्यक जानकारी मिल चुकी है, जबकि कुछ अतिरिक्त इनपुट विदेश मंत्रालय से आना बाकी है. प्रक्रिया पूरी होते ही आगे की कार्रवाई के लिए संपर्क किया जाएगा.’
मामले से जुड़े अधिकारियों ने क्रिकबज़ को बताया कि विशेष श्रेणी के मामलों में इस तरह की समीक्षा एक सामान्य प्रक्रिया है और इसे भारत सरकार के तय प्रोटोकॉल के अनुसार निपटाया जा रहा है.
अमेरिकी खिलाड़ी अली खान द्वारा इंस्टाग्राम स्टोरी में ‘वीज़ा मिलने से इनकार’ का ज़िक्र किए जाने के बाद यह मामला प्रकाश में आया. इसके बाद सोशल मीडिया पर अटकलें तेज़ हो गईं.
वहीं इंग्लिश खिलाड़ी आदिल राशिद और रेहान अहमद वीज़ा न मिलने के कारण इस हफ़्ते अपनी टीम के सदस्यों के साथ विश्व कप की तैयारियों के लिए भारत नहीं आ पाएंगे.
द गार्डियन की रिपोर्ट के अनुसार, ईसीबी को भारत सरकार की ओर से यह आश्वासन मिला है कि दोनों खिलाड़ियों के वीज़ा आवेदनों पर कोई आपत्ति नहीं है. हालांकि, वीज़ा जारी होने के समय को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है. प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए ईसीबी ने ब्रिटेन सरकार की मदद भी ली है.
पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों के वीज़ा मामलों में परंपरागत रूप से अतिरिक्त प्रशासनिक प्रक्रियाएं लागू होती रही हैं, चाहे उनकी नागरिकता या टीम कोई भी हो. इससे पहले मोईन अली, शोएब बशीर और उस्मान ख्वाजा जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को भी भारत यात्रा के दौरान इसी तरह की प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ा है.
क्रिकबज़ ने सूत्रों के हवाले से लिखा है कि मौजूदा आवेदन अभी विचाराधीन हैं और ऐसे मामलों में शुरुआती अपॉइंटमेंट के बाद समय लगना आम बात है.
आमतौर पर इन मामलों में कई विभागों से मंज़ूरी लेनी होती है और अंतिम फैसला भारत के विदेश मंत्रालय द्वारा किया जाता है.
बताया जा रहा है कि यह प्रोटोकॉल विश्व कप में भाग लेने वाली सभी टीमों के पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ीयों के साथ अपनाया जाएगा.
अड़चनों से घिरा विश्व कप
यह वीज़ा मामला फ़रवरी में भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले टी-20 विश्व कप से पहले सामने आई दूसरी बड़ी प्रशासनिक अड़चन है. इससे पहले, भारत में होने वाले बांग्लादेश के मैचों को श्रीलंका में स्थानांतरित करने को लेकर बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और आईसीसी के बीच गतिरोध बना हुआ है.
बीसीबी और आईसीसी के बीच यह टकराव तब शुरू हुआ, जब कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने आईपीएल 2026 से पहले बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफ़िज़ुर रहमान को टीम से रिलीज़ कर दिया. बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इस फैसले के पीछे बांग्लादेश की ‘मौजूदा स्थिति’ को वजह बताया था.
इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत में होने वाले अपने मैचों को श्रीलंका में कराने की मांग को लेकर आईसीसी को अब तक दो बार पत्र भेज चुका है.
