नई दिल्ली: ढाई साल से अधिक समय से हिंसा से जूझ रहे मणिपुर के कांगपोकपी ज़िले में सोमवार (26 जनवरी) को एक नगा उग्रवादी संगठन के संदिग्ध सदस्यों ने कुकी-जो समुदाय के कुछ घरों में आग लगा दी.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि यह घटना कांगचुप थाना क्षेत्र के अंतर्गत के सॉन्गलुंग-II गांव में हुई. इस दौरान तीन घरों और एक एसयूवी को आग के हवाले कर दिया गया. हालांकि, किसी के घायल होने की सूचना नहीं है.
सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें पहाड़ी इलाके में घरों में आग लगी दिखाई दे रही है.
इस बीच, सशस्त्र उग्रवादी संगठन ज़ेलियानग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेडयूएफ) के एक गुट ने इस घटना की जिम्मेदारी ली है. वहीं, एक कुकी-जो संगठन ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर राष्ट्रीय राजमार्गों को बंद कर दिया जाएगा.
मालूम हो कि जेडयूएफ राज्य के तामेंगलोंग और नोनी ज़िलों के साथ-साथ कांगपोकपी ज़िले के कुछ हिस्सों में सक्रिय एक उग्रवादी संगठन है. यह संगठन ज़ेलियानग्रोंग नगा लोगों के अधिकारों और उनकी ज़मीन की रक्षा के लिए संघर्ष करने का दावा करता है.
बिना हस्ताक्षर वाले एक बयान में कथित तौर पर कामसन के नेतृत्व वाले जेडयूएफ ने कहा, ‘जेडयूएफ ने ज़ेलियानग्रोंग इनपुई नगा लोगों के पैतृक, प्रथागत और ऐतिहासिक क्षेत्रों में अवैध अफीम की खेती, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध घुसपैठ के खिलाफ अपना निर्णायक अभियान तेज कर दिया है.’
बयान में आगे कहा गया, ‘बार-बार सार्वजनिक चेतावनियों और शांतिपूर्ण अनुपालन के लिए समय दिए जाने के बाद, दोपहर 12.15 बजे कार्रवाई की गई… सॉन्गनुंग सदार हिल्स के वाफोंग क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती और अनधिकृत ढांचों के खिलाफ फार्म हाउसों और खेतों को जलाया गया तथा अन्य आवश्यक सामग्री को नष्ट किया गया.’
गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में अफीम की खेती के मुद्दे को लेकर नगा संगठन और एक सशस्त्र कुकी उग्रवादी समूह के बीच कथित तौर पर गोलीबारी की घटना भी सामने आई थी.
कुकी-जो समुदाय के कई नागरिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. इनमें इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ), सदार हिल्स चीफ एसोसिएशन (साहिल्का) और कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) शामिल हैं.
कुकी-जो संगठनों का कहना है कि के सॉन्गलुंग-II गांव में कभी अफीम की खेती नहीं हुई है और जिन इमारतों को जलाए जाने का दावा किया जा रहा है, वे अस्थायी फार्म हाउस नहीं बल्कि स्थायी आवासीय मकान हैं.
कांगपोकपी स्थित कुकी-जो संगठन कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (सीओटीयू) ने मणिपुर सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की है.
संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर 27 जनवरी की मध्यरात्रि से 28 जनवरी की मध्यरात्रि तक राज्य की दो प्रमुख जीवनरेखाओं- राष्ट्रीय राजमार्ग-2 और राष्ट्रीय राजमार्ग-37 को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा. सीओटीयू ने अपने बयान में कहा है कि इस नाकेबंदी से उत्पन्न किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी संगठन की नहीं होगी.
