नई दिल्ली: असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बुधवार (4 फरवरी) को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा के परिवार ने पूरे राज्य में लगभग 12,000 बीघा ज़मीन हड़प ली है. यह रकबा 3,960 एकड़ से भी अधिक बैठता है.
हाल के दिनों में धार्मिक आधार पर अलगाव जैसी व्यवस्था की बात कहने को लेकर पूर्व सुप्रीम कोर्ट जजों से लेकर नागरिक समाज तक की आलोचना झेल चुके शर्मा एक बार फिर आरोपों के केंद्र में आ गए हैं.
इसके बाद मुख्यमंत्री ने कहा है कि वह कांग्रेस नेताओं, जिनमें गोगोई भी शामिल हैं, के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करेंगे.
वहीं, गोगोई ने कहा कि शर्मा की प्रतिक्रिया से साफ है कि वह घबराए हुए हैं. उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘अगर उनमें हिम्मत है तो शरण लेने के बजाय जनता की अदालत में हमसे मुकाबला करें.’
ज़मीन घोटाला
गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री ज़मीन घोटाले से ध्यान भटकाने के लिए गोगोई पर पाकिस्तान से संबंध होने जैसे आरोप लगा रहे हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोगोई ने कहा कि पार्टी मुख्यमंत्री द्वारा ‘ज़मीन हड़पने’ की जांच कर रही है और आरोप लगाया कि उन्हें राज्य के अलग-अलग हिस्सों में उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर नियमों का उल्लंघन करते हुए 12,000 बीघा ज़मीन हड़पे जाने के सबूत मिले हैं.
पीटीआई के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने जांच की है और उसमें कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. पूरे राज्य में लगभग 12,000 बीघा ज़मीन पर मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने कब्ज़ा किया है.’
कांग्रेस ने ‘www.whoishbs.com’ नाम से एक वेबसाइट भी लॉन्च की है, जिसमें शर्मा पर भ्रष्टाचार और ज़मीन हड़पने से जुड़े आरोपों का ब्योरा दिया गया है. भाजपा की असम इकाई के एक्स अकाउंट ने पहले इस लिंक को साझा किया था, लेकिन बाद में पोस्ट हटा ली गई. वेबसाइट पर एक फोन नंबर भी दिया गया है, जिसके ज़रिए लोग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, ‘हू इज़ एचबीएस’ वेबसाइट लॉन्च करते हुए उन्होंने कहा, ‘आज हम अपनी आंतरिक टीम के ज़रिए और जनता से बात करके यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर कितनी बीघा ज़मीन है. लेकिन हमें अभी इसकी पूरी सीमा नहीं पता है. इसलिए हमने एक वेबसाइट शुरू की है… अगर आपके इलाके में हिमंता बिस्वा शर्मा द्वारा खरीदी गई किसी संपत्ति से जुड़ी कोई जानकारी, वीडियो या शिकायत है, तो वेबसाइट पर जाकर उसे जमा करें. हम उसे लेंगे और खुद जाकर जांच करेंगे. हम इसे जनता के हिस्से के तौर पर जांचेंगे.’
पीटीआई के अनुसार, गोगोई ने कहा, ‘उन्होंने कृषि भूमि पर कब्ज़ा किया और फिर उसका दर्जा बदलकर औद्योगिक भूमि कर दिया. इस विधानसभा चुनाव के बाद जब कांग्रेस की सरकार बनेगी, तो हम इन सभी मामलों की जांच कराएंगे.’
गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शर्मा ने ‘असम को बेचना एक पारिवारिक धंधा बना दिया है.’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘उनके परिवार के स्वामित्व वाली 17 कंपनियां हैं. उन्होंने अडानी, अंबानी और पतंजलि को 40,000 बीघा ज़मीन दी है. ठेकेदारों से परियोजनाएं दिलाने के बदले हर सामान और हर आइटम पर ‘एचबीएस टैक्स’ वसूला जाता है.’
गोगोई की इस प्रेस वार्ता में असम विधानसभा में विपक्ष के नेता देबब्रत सैकिया, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव (असम प्रभारी) जितेंद्र सिंह और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद थे.
पीटीआई के मुताबिक, बघेल ने आरोप लगाया कि शर्मा ने पिछले पांच साल में राज्य की जनता को सिर्फ धोखा ही दिया है. उन्होंने कहा, ‘जो (नरेंद्र) मोदी दिल्ली में कर रहे हैं, वही हिमंता बिस्वा शर्मा यहां कर रहे हैं. वे सारी संपत्तियां अडानी और अंबानी को सौंप रहे हैं और जनता के लिए मुश्किलें पैदा कर रहे हैं.’
सैकिया ने कहा कि उन्हें असम का सबसे सफल मुख्यमंत्री बताए जाने के प्रचार के बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य और पीडब्ल्यूडी जैसे वे सभी विभाग, जिन्हें शर्मा अपने कांग्रेस कार्यकाल से संभालते आए हैं, सबसे खराब प्रदर्शन कर रहे हैं.
‘मानहानि’
जवाब में शर्मा ने आरोपों के विवरण पर कुछ नहीं कहा, लेकिन सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वह शीर्ष कांग्रेस नेताओं के खिलाफ ‘झूठे और दुर्भावनापूर्ण बयान देने’ के लिए मानहानि का मुकदमा करेंगे.
एक्स पर पोस्ट करते हुए शर्मा ने कहा, ‘मैं 9 फरवरी को जितेंद्र अलवर, भूपेश बघेल, गौरव गोगोई और देबब्रत सैकिया के खिलाफ आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में मेरे खिलाफ दिए गए झूठे, दुर्भावनापूर्ण और मानहानिकारक बयानों के लिए दीवानी और आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू कर रहा हूं.’
उन्होंने कहा, ‘हिट-एंड-रन राजनीति का दौर खत्म हो चुका है. अगर उनमें ज़रा-सी भी हिम्मत या सबूत है, तो वे हर आरोप को अदालत में साबित करें.’
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं तथाकथित गांधी परिवार के गुलामों के प्रचार, समन्वित बदनामी या राजनीतिक नाटकों से डरने वाला नहीं हूं.’
गोगोई ने भी एक्स पर जवाब दिया. उन्होंने लिखा, ‘यह साफ दिख रहा है कि आज की हमारी प्रेस कॉन्फ्रेंस से हिमंता बिस्वा शर्मा डर गए हैं. जल्द ही उनके भ्रष्टाचार और संपत्ति का ब्योरा असम के हर गांव में सार्वजनिक किया जाएगा. अगर उनमें हिम्मत है, तो शरण लेने के बजाय जनता की अदालत में हमसे लड़ें.’
उन्होंने जोड़ा, ‘पी.एस. मैं हिट एंड रन पर टिप्पणी नहीं करना चाहता.’
