मेघालय: अवैध कोयला खदान में धमाके से 18 मज़दूरों की मौत, कइयों के फंसे होने की आशंका

मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स ज़िले के थांगस्कू इलाके में अवैध कोयला खदान (रैट होल माइन) में हुई इस घटना में 18 मज़दूर मारे गए और एक घायल हुआ. जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका है. उन्हें बचाने के लिए अभियान जारी है. एनजीटी के 2014 के एक आदेश के अनुसार, रैट होल खनन भारत में प्रतिबंधित है.

मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान में शुक्रवार, 6 फरवरी, 2026 को हुए धमाके के बाद कम से कम 18 खनिकों की मौत हो गई और कई अन्य के फंसे होने की आशंका है, जिसके बाद तलाशी और बचाव अभियान जारी है. (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में एक ‘अवैध’ कोयला खदान में गुरुवार (5 फरवरी) को हुए विस्फोट में कम से कम 18 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य के फंसे होने की आशंका है. उन्हें बचाने के लिए अभियान जारी है.

इस बीच, मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने शुक्रवार (6 फरवरी) को कहा कि उनकी सरकार कोयला खदान में विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी.

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, संगमा ने कहा कि पुलिस को इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है और चेतावनी दी है कि अवैध खनन गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 3 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की.

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आई. नोंग्रांग ने गुरुवार को कहा, ‘अब तक हमने 16 शव बरामद कर लिए हैं. विस्फोट के समय खदान के अंदर कितने मजदूर मौजूद थे, इसका अभी पता लगाया जा रहा है. और लोगों के फंसे होने की आशंका है.’

खबरों के अनुसार, बाद में दो और मौतों की पुष्टि हुई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 18 हो गई.

अधिकारी ने बताया कि बचाव दल तलाश अभियान में जुटे हुए हैं. उन्होंने कहा कि यह घटना सुबह थांगस्कू इलाके में उस समय हुई, जब वहां कोयला खनन का काम चल रहा था, जिसे अवैध माना जा रहा है.

पूर्वी जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार ने बताया कि विस्फोट में घायल हुए एक व्यक्ति को पहले सुतंगा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे शिलांग के एक अस्पताल में रेफर किया गया.

जब उनसे पूछा गया कि क्या खदान अवैध रूप से चल रही थी, तो कुमार ने कहा, ‘हां, ऐसा ही लगता है.’ उन्होंने बताया कि विस्फोट के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच की जाएगी.

इस बीच, मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों से घटनास्थल का दौरा करने, अधिकारियों से मिलने और बचाव, राहत और कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा गया है.

दो खदान मालिक गिरफ्तार; बचाव अभियान जारी

अवैध रूप से संचालित कोयला खदान में हुए विस्फोट के बाद फंसे हुए माने जा रहे मजदूरों को निकालने के लिए जारी बचाव अभियान के बीच शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को दो खदान मालिकों को गिरफ्तार किया गया.

मुख्यमंत्री संगमा ने कहा कि सरकार अवैध रैट-होल खदानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा, ‘अब तक 1,000 से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है.’

ज्ञात हो कि रैट-होल खनन – खदान में संकरी सुरंगों के जरिये कोयला निकालने की एक विधि है. राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के 2014 के आदेश के अनुसार यह भारत में प्रतिबंधित है, क्योंकि इसमें शामिल जोखिमों के कारण खनिकों की मौत हो रही है.

मुख्यमंत्री ने विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है. उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के लिए दो कैबिनेट मंत्रियों को भी मौके पर भेजा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों से कहा गया है कि वे घटनास्थल का दौरा करें, अधिकारियों से मुलाकात करें और बचाव, राहत तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करें.

बता दें कि पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में अवैध खनन के दौरान हादसे की ये पहली घटना नहीं है. जनवरी 2021 में जिले में एक कोयला खदान के अंदर काम करने के दौरान छह लोगों की मौत हो गई थी.

इससे पहले दिसंबर 2018 में राज्य के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के कसन क्षेत्र में इसी तरह की एक खनन दुर्घटना में 15 लोगों की मौत हो गई थी. तब खदान में पास की नदी का पानी भर गया था, जिसकी वजह से खदान में काम कर रहे मजदूर अंदर ही फंस गए थे. करीब सात महीने के बचाव अभियान के बाद केवल तीन शव बरामद किए गए थे.

इस दुर्घटना से पता चला था कि मेघालय में एनजीटी द्वारा साल 2014 में प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भी रैट होल खदानों में खनन जारी है. रैट होल खदान चूहों के बिल जैसी होती है, जिसमें संकरी सुरंगें खोदी जाती हैं, जिसके भीतर मजदूर जाते हैं और कोयला निकालकर लाते हैं.

मेघालय हाईकोर्ट द्वारा गठित एक सदस्यीय समिति ने फरवरी 2025 में कहा था कि राज्य के छह कोयला समृद्ध जिलों में ऐसी गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं.

मेघालय हाईकोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया था कि राज्य में अवैध कोयला खनन बेरोकटोक जारी है, जिसमें 1.69 लाख मीट्रिक टन (एमटी) अवैध रूप से खनन किए गए कोयले का पता चला है.

समिति ने कहा था कि राज्य सरकार ने सितंबर 2022 के अदालती आदेश का अनुपालन करते हुए बताया कि मई और अगस्त 2022 के बीच पूर्वी जयंतिया हिल्स, दक्षिण गारो हिल्स और पश्चिम खासी हिल्स जिलों में 92,268.43 मीट्रिक टन (एमटी) कोयला जब्त किया गया. राज्य सरकार द्वारा नियोजित निजी फर्म ने इन जिलों में अतिरिक्त 41,477.54 मीट्रिक टन कोयला दर्ज किया.