रूसी तेल खरीद पर जानकारी विदेश मंत्रालय देगा, अमेरिका से समझौते से भारतीय किसानों को नुकसान नहीं: पीयूष गोयल

डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी एक कार्यकारी आदेश में यह दावा किए जाने के बाद कि भारत ने रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात रोकने की प्रतिबद्धता जताई है, इस पर उठे सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस संबंध में जानकारी विदेश मंत्रालय देगा. गोयल ने यह भी कहा कि डील में ऐसे किसी भी प्रावधान को शामिल नहीं किया जाएगा जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो.

नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में 7 फरवरी 2026 को हाल ही में घोषित भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल. (फोटो: पीटीआई/अतुल यादव)

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी एक कार्यकारी आदेश में यह दावा किए जाने के बाद कि भारत ने रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात रोकने की प्रतिबद्धता जताई है, इस पर उठे सवालों के जवाब में केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार (7 फरवरी) को कहा कि इस संबंध में जानकारी विदेश मंत्रालय (एमईए) देगा.

गोयल ने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में ऐसे किसी भी प्रावधान को शामिल नहीं किया जाएगा जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो, और भारत के डेयरी क्षेत्र में कोई ‘रियायत’ नहीं दी गई है. 

भारत-अमेरिका द्वारा संयुक्त बयान जारी किए जाने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोयल ने ह्वाइट हाउस के उस कार्यकारी आदेश पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया, जिसमें कहा गया है कि अगर भारत रूसी तेल की खरीद ‘दोबारा शुरू करता है,’ तब अमेरिका 25% टैरिफ फिर से लगा देगा. 

ह्वाइट हाउस के कार्यकारी आदेश में बताई गई कथित प्रतिबद्धता को लेकर कम से कम दो सवालों के जवाब में गोयल ने कहा, ‘इस जानकारी को विदेश मंत्रालय ही दे पाएगा.’ 

इससे पहले, गुरुवार (5 फरवरी) को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जब विदेश मंत्रालय से पूछा गया था कि क्या भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा, तब मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, ‘जहां तक भारत के ऊर्जा स्रोतों का सवाल है, सरकार कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से कह चुकी है कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना इसी रणनीति का मूल है. भारत के सभी फैसले इसी सोच के साथ लिए गए हैं और आगे भी लिए जाएंगे.’

वहीं, ट्रंप द्वारा जारी कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि भारत ने अमेरिकी अधिकारियों को बताया है कि वह न सिर्फ रूसी मूल के तेल का आयात पूरी तरह बंद करने पर सहमत हुआ है, बल्कि अपनी ऊर्जा खरीद का एक हिस्सा अमेरिकी आपूर्तिकर्ताओं की ओर मोड़ने को भी तैयार है.

दोनों देशों के संयुक्त बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका एक अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर पहुंचे हैं, जिसके तहत भारत पर लगने वाले टैरिफ घटाकर 18% कर दिए जाएंगे. इसके बदले भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और अमेरिकी कृषि व खाद्य उत्पादों की एक विस्तृत श्रेणी पर टैरिफ कम करेगा या तो हटाएगा. 

गोयल का ‘समझौते’ से इनकार

गोयल ने विपक्षी दलों द्वारा इस समझौते को लेकर इन आरोपों को खारिज किया है जिसमे कहा गया है कि इससे भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्रों से समझौता किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘विपक्ष पूरी तरह बेबस है. देश भी उनके झूठ फैलाने और लोगों को गुमराह करने की कोशिशों पर भरोसा नहीं करता. मैं फिर दोहराता हूं कि भारत के डेयरी सेक्टर में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं हुआ है, न कोई रियायत दी गई है, न ही कुछ खोला गया है.’ 

वाणिज्य मंत्री ने आगे कहा, ‘इसके साथ ही भारत के अहम कृषि क्षेत्र में भी किसी तरह का समझौता नहीं किया गया है, चाहे वह मांस उत्पादन हो, पोल्ट्री, डेयरी, जीएम खाद्य उत्पाद, सोयाबीन, मक्का, अनाज, मिलेट्स, ज्वार, बाजरा, रागी, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, सिट्रस फल, हरी मटर, मूंग, तिलहन, कुछ पशु-बीज उत्पाद, मूंगफली, शहद, गैर-मादक पेय, आटा, स्टार्च, कुछ आवश्यक तेल, एथेनॉल या तंबाकू. आज भारत के किसान जश्न मनाएंगे और पूरी तरह संतुष्ट हैं.’

गोयल ने उन अन्य क्षेत्रों की भी सूची दी जिनके तहत अमेरिका को होने वाले निर्यात पर शुल्क 50% से घटाकर शून्य किया जाएगा. इनमें रत्न और हीरे, फार्मास्यूटिकल उत्पाद, विमान के पुर्जे, मशीनरी पार्ट्स, जेनेरिक दवाएं, कुछ ऑटो पार्ट्स, प्लेटिनम, घड़ियां, आवश्यक तेल, झूमर और लैंप पार्ट्स जैसे होम डेकोर आइटम, कुछ अकार्बनिक रसायन, कागज, प्लास्टिक और लकड़ी से जुड़े उत्पाद शामिल हैं. 

उन्होंने कहा, ‘यह जश्न की बात है, जिस पर पूरे देश में चर्चा हो रही है. अब कितने कृषि उत्पाद अमेरिका में शून्य शुल्क का लाभ उठाएंगे, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा. कुछ लोग, जो भारतीय किसानों और भारत के विरोधी हैं, इससे परेशान हैं.’

गोयल ने यह भी कहा कि भारत ने कुछ ऐसे उत्पादों पर टैरिफ घटाए या हटाए हैं जिनकी उसे जरूरत है. इनमें डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्यूबल्स, वाइन और स्पिरिट्स (न्यूनतम आयात मूल्य के साथ), पिस्ता, अखरोट, बादाम, कुछ औद्योगिक इनपुट, कैंसर, हृदय और न्यूरोलॉजिकल उपचार की कई दवाएं, कुछ कॉस्मेटिक्स, जैविक और अकार्बनिक रसायन तथा कंप्यूटर से जुड़े कई उत्पाद शामिल हैं.

उन्होंने कहा, ‘कुछ उत्पादों पर टैरिफ तुरंत हटाए जाएंगे, कुछ चरणबद्ध तरीके से और कुछ पर कोटा आधारित टैरिफ लागू होंगे.’

गोयल ने यह भी कहा कि स्मार्टफोन्स पर निर्यात शुल्क शून्य होगा, और यह ‘भारत के लिए बड़ी जीत’ है कि अमेरिका ने आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) उत्पाद उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है.

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए हमें कई आईसीटी उत्पादों की जरूरत होगी, जैसे एनवीडिया चिप्स, एआई उपकरण, डेटा सेंटर्स. अगर हमें दुनिया के साथ कदम मिलाकर चलना है और हमारी आईटी कंपनियों को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप ढलना है, तो ये आईसीटी उत्पाद बेहद जरूरी हैं. यह भारत के लिए बड़ी जीत है कि अमेरिका ने हमें ये सभी जरूरी आईसीटी उत्पाद उपलब्ध कराने पर सहमति दी है.’