श्रीनगर/जम्मू: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक वरिष्ठ नेता के यह आरोप लगाने के बाद कि जम्मू में ज़्यादातर ज़मीन पर कब्ज़ा करने वाले कश्मीर के हैं, हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार (16 फरवरी) को ‘देश के गद्दारों को गोली मारो’ के नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया.
दर्जनों कार्यकर्ता भगवा झंडे लेकर सड़कों पर उतरे और जम्मू में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला जलाया. उन्होंने भाजपा के बहु विधानसभा क्षेत्र से विधायक विक्रम रंधावा की उस मांग को दोहराया, जिसमें भूमि अतिक्रमण की जांच के लिए टास्क फोर्स गठित करने की बात कही गई थी.
पिछले सप्ताह रंधावा ने विधानसभा में कहा था कि जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) की 16,212 कनाल भूमि पर अतिक्रमण हुआ है और ‘इसमें 90 प्रतिशत अतिक्रमण कश्मीरियों द्वारा किया गया है.’ इस बयान पर सदन में हंगामा हुआ था.
प्रदर्शनकारियों ने ‘जेडीए की जमीन खाली करो’ और ‘सरकारी जमीन खाली करो’ जैसे नारे लगाए. यह प्रदर्शन राष्ट्रीय बजरंग दल (आरबीडी) के प्रदेश अध्यक्ष राकेश बजरंगी के नेतृत्व में हुआ. उन्होंने सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार पर भूमि अतिक्रमण के मुद्दे पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया.
प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने ‘देश के गद्दारों को गोली मारो’, ‘एनसी सरकार हाय-हाय’ और ‘यूटी सरकार हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए.
भाजपा नेताओं के ‘गद्दारों को गोली मारो’ के नारों की वजह से कथित तौर पर 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में तीन दिनों तक चले दंगों में कम से कम 52 लोग मारे गए थे, जिनमें ज़्यादातर मुस्लिम थे.
राकेश बजरंगी, जो पिछले महीने जम्मू स्थित श्री माता वैष्णो देवी (एसएमवीडी) मेडिकल कॉलेज की मान्यता समाप्त किए जाने के खिलाफ आंदोलन में भी सक्रिय रहे थे, ने आरोप लगाया कि 2008 से जम्मू में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हो रहा है.
उन्होंने कहा, ‘चाहे जेडीए की जमीन हो, राज्य की जमीन हो या अन्य कोई भूमि, सरकार को टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए, वरना हम खुद कार्रवाई करेंगे.’
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुनजवां, भटिंडी और अन्य इलाकों में, जहां कई कश्मीरी मुसलमानों के आवासीय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, अवैध निर्माण हो रहे हैं और सरकार इन्हें रोकने में रुचि नहीं दिखा रही.
प्रदर्शन में कुछ कार्यकर्ता अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के झंडे भी लहराते दिखे. यह संगठन 2018 में पूर्व विश्व हिंदू परिषद नेता प्रवीण तोगड़िया द्वारा स्थापित किया गया था.
बजरंगी ने चेतावनी दी, ‘हम विधानसभा में दिए रंधावा जी के बयान का समर्थन करते हैं. हम पहले भी सड़कों पर उतरे हैं और हम इसे फिर से करेंगे.’
इस बीच, सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस की वरिष्ठ नेता और मंत्री सकीना इत्तू तथा विपक्षी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के पुलवामा विधायक वहीद परा ने रंधावा की टिप्पणी को ‘सांप्रदायिक’ बताते हुए आलोचना की है.
रिपोर्टों के अनुसार, 2021 में रंधावा को जम्मू के चेक गणेशु गांव में कथित भूमि अतिक्रमण को लेकर जेडीए द्वारा निष्कासन नोटिस भी जारी किया गया था, हालांकि उन्होंने इन आरोपों से इनकार किया है.
हाल के महीनों में जम्मू क्षेत्र में भाजपा से जुड़े दक्षिणपंथी संगठनों के सरकार-विरोधी प्रदर्शन तेज हुए हैं. ये प्रदर्शन श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज में मुस्लिम और अन्य गैर-हिंदू छात्रों के प्रवेश के विरोध से भी जुड़े रहे हैं.
जनवरी में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा ‘न्यूनतम मानकों के अनुपालन न होने’ के आधार पर कॉलेज की मान्यता समाप्त किए जाने की खबरों के बाद इन संगठनों ने विभिन्न मुद्दों पर अपने आंदोलन तेज कर दिए हैं. जम्मू के गीता भवन में कई बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें विपक्ष के नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा भी शामिल हुए.
हाल के सप्ताहों में ये संगठन जम्मू को कश्मीर से अलग करने की मांग, जम्मू में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना तथा वैलेंटाइन डे समारोहों के विरोध जैसे मुद्दों पर भी सक्रिय रहे हैं.
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