केंद्र सरकार द्वारा जारी एक अधिसूचना में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल को दूरसंचार अधिनियम के तहत 'राज्य सरकार की शक्तियों का प्रयोग करने और कार्यों का निर्वहन करने' का निर्देश दिया गया है. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के 2019 में लागू होने के बाद से यह दूसरी बार है जब केंद्र सरकार ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए निर्वाचित सरकार की शक्तियों को सीमित किया है.
केंद्र सरकार ने लद्दाख में ज़िलों की संख्या दो से बढ़ाकर सात करने का फैसला किया है, जिससे प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन और पर्यावरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं. नए बंटवारे में मुस्लिम आबादी दो ज़िलों तक सिमट सकती है, जबकि बौद्ध समुदाय पांच में बहुमत में रहेगा. विशेषज्ञों ने इसे विभाजन और केंद्रीकरण बढ़ाने वाला कदम बताया है.
द वायर द्वारा स्वतंत्र रूप से सत्यापित दर्जनों तस्वीरों और वीडियो से पता चलता है कि जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में एक निजी ठेकेदार ने सरकारी मंज़ूरी के बिना संरक्षित वन गलियारे को नुकसान पहुंचाया है. बताया गया है कि ऐसा 384 करोड़ रुपये की बिजली ट्रांसमिशन लाइन की निर्माण सामग्री लाने के उद्देश्य से सड़क बनाने के लिए किया गया.
पहलगाम आतंकी हमले को एक साल बीत चुके हैं. हालांकि अब तक भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने उन 'खामियों' के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दिया है, जिनके चलते यह हमला संभव हो सका था. इस संबध में सरकार ने यह भी नही बताया है कि क्या हमले के बाद कोई सुधारात्मक उपाय किए गए हैं और क्या कोई जवाबदेही तय की गई है.
जम्मू-कश्मीर: रामबन में कथित गोरक्षकों के हमले के बाद एक शख़्स लापता, विरोध प्रदर्शनों से हाईवे बाधित
जम्मू कश्मीर के रामबन में कथित गोरक्षकों के हमले के बाद एक व्यक्ति लापता हैं. इसे लेकर 13 अप्रैल को हज़ारों प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित कर दिया. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाल के दिनों में इस क्षेत्र में हिंदू दक्षिणपंथी समूहों द्वारा मुसलमानों पर अन्य हमले भी किए गए हैं, जिनमें उन पर गोहत्या के आरोप लगाए जाते हैं.
भारतीय सेना ने 31 मार्च और 1 अप्रैल की दरमियानी रात गांदरबल में मुठभेड़ में एक आतंकी को मार जाने का दावा किया था. इस व्यक्ति के परिवार ने आतंकवाद के आरोप का खंडन किया है. 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस ने इस शख़्स के शव को लौटाने की मांग करते हुए सेना के इस दावे का विरोध किया कि वह आतंकी था.
वर्ष 2020 में बांदीपोरा के भाजपा नेता वसीम बारी, उनके पिता और भाई की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में गिरफ़्तार तीन लोगों को बरी करते हुए एनआईए कोर्ट ने कहा कि इस मामले में बयान देने वाले दो पुलिस अधिकारियों के विरोधाभासी बयान अभियोजन की नैरेटिव का सीधा खंडन हैं. इन दो अधिकारियों ने 'गवाहों के बयानों में हेरफेर' से 'सीधे तौर पर' जांचकर्ताओं को फंसाया.
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को दो कश्मीरी युवकों को, क़रीब आठ साल जेल में बिताने के बाद, आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के सभी आरोपों से बरी कर दिया और जांच में ख़ामियों को लेकर दिल्ली पुलिस को कड़ी फटकार लगाई.
जम्मू में एक शादी समारोह के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री फारूक़ अब्दुल्ला पर बेहद क़रीब से गोली चलाने की घटना सामने आई है. आरोपी ने बीते 20 सालों से उन पर हमला करने की मंशा की बात कही है. वहीं, सीएम समेत अन्य दलों के नेताओं ने इस घटना को सुरक्षा में गंभीर चूक का मामला बताते हुए सवाल उठाए हैं.
हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जम्मू में भगवा झंडा लेकर सड़क पर प्रदर्शन किया और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का पुतला जलाया. इस दौरान ‘देश के गद्दारों को गोली मारो’ के नारे लगाए. यह विरोध प्रदर्शन भाजपा विधायक द्वारा जम्मू में ज्यादातर जमीनें कश्मीरियों द्वारा अतिक्रमण करने का आरोप लगाने के बाद हुआ.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद विपक्षी दलों, उद्योग विशेषज्ञों और व्यापारियों ने आशंका जताई है कि आयात शुल्क छूट के बाद आने वाले महीनों में भारतीय बाज़ार सस्ते अमेरिकी सेब से पट जाएंगे, जिससे जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से आने वाले सेबों की क़ीमतें गिर जाएंगी.
हिमाचल प्रदेश के नूरपुर के एक बाज़ार में एक संदिग्ध दक्षिणपंथी कार्यकर्ता द्वारा दो कश्मीरी शॉल विक्रेताओं को परेशान करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है. आरोप है कि पुलिस ने इस संबंध में एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया है.
बीते कुछ समय में उत्तराखंड कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमलों का विशेष केंद्र बनकर उभरा है और हिमाचल प्रदेश में भी इसी तरह के हमले दर्ज किए गए हैं. ताज़ा मामला कुपवाड़ा ज़िले के निवासी दानिश गनई और उनके भाई तबिश राशिद पर हुए हमला का है, जिसमें राशिद को सिर पर गंभीर चोटें आई हैं.
नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के राजनीतिक सलाहकार नासिर असलम वानी को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिए जाने पर जम्मू-कश्मीर में विपक्षी पीडीपी और अन्य दलों ने कड़ी आलोचना की है. पीडीपी ने इस पदन्नोति को लेकर अब्दुल्ला सरकार पर भाई-भाई-भतीजावाद के आरोप लगाए हैं.
कटरा में श्री माता वैष्णो देवी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस का पंजीकरण रद्द किए जाने के बाद भाजपा और उसके सहयोगी दलों अब केंद्र शासित प्रदेश में आगामी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) को कश्मीर घाटी से जम्मू स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं.