नई दिल्ली: उद्योगपति अनिल अंबानी ने एनडीटीवी पर मानहानि का मुकदमा दायर किया है. यह मुकदमा मीडिया संस्थान द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जुड़े मामलों में अंबानी की कंपनियों पर की गई रिपोर्टिंग को लेकर दायर किया गया है.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, अंबानी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार (7 मई) को एनडीटीवी के साथ-साथ उसके सीईओ और एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल को नोटिस जारी किया.
अंबानी की ओर से पेश वकील ने हाईकोर्ट से कहा कि अडानी समूह, जो एनडीटीवी का बहुसंख्यक शेयरधारक है, अनिल अंबानी की कंपनियों पर कब्ज़ा करना चाहता है.
अनिल अंबानी ने यह भी आरोप लगाया कि एनडीटीवी ने पिछले कुछ महीनों में उनको ‘निशाना बनाते हुए’ 72 लेख प्रकाशित किए हैं, ताकि उसके वास्तविक मालिकों की ‘कब्ज़ाने वाली रणनीतियों’ को आगे बढ़ाया जा सके. उन्होंने कहा कि रिलायंस से जुड़े मामलों में जब भी किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी होती है, एनडीटीवी उसमें अंबानी का नाम जोड़ता है.
मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने एनडीटीवी को कथित मानहानिकारक ख़बरों के प्रकाशन पर अंतरिम रोक लगाने की अंबानी की मांग पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई के लिए सूचीबद्ध की.
अंबानी ने एनडीटीवी से 2 करोड़ रुपये से अधिक के हर्जाने की भी मांग की है. उन्होंने कहा है कि इस राशि को दान कर दिया जाएगा.
अधिवक्ता हसन मुर्तज़ा के माध्यम से दायर इस मानहानि मुकदमे में आईएएनएस (जिसका स्वामित्व भी अडानी समूह के पास है), एनडीटीवी के मैनेजिंग एडिटर मनोरंजन भारती, एनडीटीवी प्रॉफिट की मैनेजिंग एडिटर तमन्ना इनामदार और आईएएनएस के एडिटर आशीष मनचंदा को भी प्रतिवादी बनाया गया है.
मुकदमे में कहा गया है, ‘वादी का कहना है कि प्रतिवादी संख्या 1 से 3 (एनडीटीवी, एनडीटीवी कन्वर्जेंस और आईएएनएस) के असली मालिकों ने वादी के खिलाफ एक सुनियोजित, लक्षित और निरंतर दुष्प्रचार अभियान शुरू किया है, ताकि वादी की प्रतिष्ठा, सद्भावना और कल्याण, साथ ही रिलायंस एडीए समूह की प्रतिष्ठा और सद्भावना को नुकसान पहुंचाकर अनुचित लाभ प्राप्त किया जा सके.’
अनिल अंबानी ने यह भी आरोप लगाया कि बाजार में घबराहट पैदा करने, रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर जनता की धारणा को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने तथा बाजार की भावना को प्रभावित करने की कोशिश करके एनडीटीवी, अडानी समूह के निहित स्वार्थों की सेवा कर रहा है.
अनिल अंबानी की ओर से पेश अधिवक्ता वेंकटेश ने कहा, ‘मेरे खिलाफ 72 लक्षित लेख प्रकाशित किए गए हैं. हर बार जब किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाता है… मैं उस इकाई (रिलायंस) से अलग हूं, और जिन लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है वे उसी इकाई से जुड़े हैं.’
सुनवाई के बाद जस्टिस प्रसाद ने कहा कि चूंकि यह मामला अनुच्छेद 19 (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) से जुड़े अधिकारों से संबंधित है, इसलिए अंतरिम रोक की मांग पर विचार करने से पहले मीडिया संस्थान को नोटिस जारी किया जाएगा.
