नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के छात्र कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे लद्दाख के जलवायु कार्यकर्ता और इनोवेटर सोनम वांगचुक को शनिवार (18 जुलाई) को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन अस्पताल ले जाने की कार्रवाई पर विपक्षी दलों ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की कड़ी आलोचना की है.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के महासचिव एमए बेबी ने कहा कि यह घटना मोदी सरकार के तानाशाही रवैये को दर्शाती है.
उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक और अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करता हूं. जिस शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसा गंभीर घोटाला हुआ, उन्हें बर्खास्त करने और लाखों छात्रों का भविष्य बर्बाद कर रही व्यवस्था को खत्म करने के बजाय सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दमन कर रही है. यह मोदी सरकार के तानाशाही रवैये को दिखाता है.’
Strongly condemn the detention of Sonam Wangchuk and Abhijeet Dipke by the Delhi Police. Instead of sacking the Education Minister under whose nose the scandalous leak of papers happened and dismantling the system that continues to ruin the future of lakhs of students, the…
— M A Baby (@MABABYCPIM) July 18, 2026
बेबी ने आगे कहा कि असहमति की आवाज़ को दबाना जवाबदेही का विकल्प नहीं हो सकता.
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने एक्स पर लिखा, ‘सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है. भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं, यह तानाशाही है.’
ज्ञात हो इसी हफ्ते यादव, अपनी पार्टी के अन्य नेताओं के साथ सोनम से जंतर-मंतर पर मिलने पहुंची थीं.
सोनम वांगचुक जी को जबरन हटाना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को कुचलना है।
भाजपा सरकार को अब शांतिपूर्ण विरोध भी बर्दाश्त नहीं – यह तानाशाही है।— Dimple Yadav (@dimpleyadav) July 18, 2026
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह एहसास हो गया था कि 20 जुलाई को संसद मार्च के आह्वान के बाद यह आंदोलन और बड़ा होने जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इसी वजह से दिल्ली पुलिस आयुक्त को बदला गया और सोनम वांगचुक को अस्पताल भेजा गया.
एक्स पर साझा किए गए वीडियो संदेश में सिंह ने कहा, ‘ये नौजवान आपके सत्ता के घमंड को खत्म करेंगे. मैं देश के सभी युवाओं से अपील करता हूं कि सोनम वांगचुक का समर्थन करें और इस आंदोलन को कमजोर न पड़ने दें.’
मोदी सरकार के अहंकार का अंत निकट है।
– @SanjayAzadSln जी, राज्यसभा सांसद, AAP pic.twitter.com/WucKfW3pMA
— AAP (@AamAadmiParty) July 18, 2026
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि उन्हें पहले से ही आशंका थी कि वांगचुक को अस्पताल ले जाया जाएगा.
उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘मेरा अनुमान सही निकला. मैंने कल जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक और गीतांजलि से कहा था कि जल्द ही उन्हें अस्पताल ले जाया जा सकता है. इसकी पहली तैयारी दिल्ली पुलिस आयुक्त का बदला जाना था. सोनम, जो हमेशा सकारात्मक सोच रखने वाले व्यक्ति हैं, उन्हें उम्मीद थी कि 20 जुलाई तक सरकार कोई समाधान निकाल लेगी.’
ज्ञात हो कि शुक्रवार को कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा समेत कई नेता भी जंतर-मंतर पहुंचे थे.
My hunch was correct ; told #SonamWanchuk & Gitanjali at Jantar Mantar yesterday to expect Sonam’s evacuation to hospital soon. The 1 sign of preparation was change of Police Commissioner. Sonam like an eternal good person was hopeful that Govt will find a solution by 20 th.
— Vivek Tankha (@VTankha) July 18, 2026
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने पुलिस की कार्रवाई को ‘चौंकाने वाला’ बताया.
उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘यह किस तरह की चौंकाने वाली राज्य की जबरदस्ती और हिंसा है? नैतिक रूप से दिवालिया हो चुकी नरेंद्र मोदी सरकार केवल डंडे का इस्तेमाल करना जानती है. यह पूरी तरह अस्वीकार्य है.’
What sort of shocking coercive state violence is this? The morally bankrupt @narendramodi regime only knows how to use the danda. UNACCEPTABLE https://t.co/TMdI2htVX1
— Sagarika Ghose (@sagarikaghose) July 18, 2026
तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा ने दिल्ली पुलिस के इस कदम को ‘किडनैपिंग’ क़रार दिया.
This is a @DelhiPolice kidnap of @Wangchuk66 . Anyone who can’t see this is either blind or a Sanghi. Govt terrified of July 20th march & needed to stop it at all costs.
— Mahua Moitra (@MahuaMoitra) July 18, 2026
कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने लिखा, ‘धर्मेंद्र प्रधान को उनके पद से हटाने की बजाय सोनम वांगचुक को धरनास्थल से हटा दिया गया है.’
Instead of removing Dharmendra Pradhan from his post, they removed Sonam Wangchuk ji from his protest site.
There was need for compassion and humanity on part of the Government, but in true fascist fashion, they chose to break a peaceful protest because the public pressure was…
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) July 18, 2026
समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने लिखा, ‘सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है.’
श्री सोनम वांगचुक जी को ‘बल-प्रयोग’ करके, ज़बरदस्ती उनके आमरण अनशन स्थल से उठाकर ले जाना अत्यंत निंदनीय समाचार है। आज सुबह घटी ये घटना थोड़ी ही देर में पूरे देश और संपूर्ण विश्व में फैल चुकी है। सारी दुनिया और देशभर में श्री सोनम वांगचुक जी को लेकर गहरी चिंता है और भाजपा सरकार के…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 18, 2026
सीपीआई के जनरल सेक्रेटरी डी. राजा ने लिखा, ‘अगर सरकार वास्तव में सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है, तो उसे दमन का सहारा लेने के बजाय प्रदर्शनकारियों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी जायज़ मांगों पर ध्यान देना चाहिए.’
The Delhi Police’s assault on a peaceful democratic protest and forcible removal of Sonam Wangchuk @Wangchuk66 from Jantar Mantar is utterly condemnable. The assault on CJP founder Abhijeet Dipke @abhijeet_dipke and fellow protesters reflects a mentality that prefers to use force… pic.twitter.com/oIAi3JvyOa
— D. Raja (@ComradeDRaja) July 18, 2026
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लिखा, ‘जनता का भरोसा पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान से हासिल होता है, न कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शनों को दबाने या संवाद से इनकार करने से.’
Deeply concerned about Sonam Wangchuk’s health and well-being. He asked only for dialogue, yet his appeal has been met with silence for weeks. In a democracy, peaceful dissent deserves engagement, not silence.
His voice has been ignored, just as the voices of countless young…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) July 18, 2026
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर लिखा, ‘जंतर-मंतर पर आज जो हुआ वह लोकतंत्र और संविधान के ऊपर एक और काला धब्बा है.’
111 दिन तक माँ गंगा को बचाने के लिए आमरण अनशन पर बैठे प्रो॰ जी डी अग्रवाल हों या हरियाणा की ओलिंपिक रेसलर हों,
हमारे 750 अन्नदाता किसान हों, दलित-आदिवासी हों, या फ़िर पेपर लीक की बलि चढ़े 25 बच्चे और उनके परिजन,
इस तानाशाह सरकार ने किसी को नहीं बख़्शा…
इनकी नज़र में कोई भी…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 18, 2026
आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने लिखा, ‘इतना अहंकार ठीक नहीं है. उन्हें जबरन उठाने की बजाय, मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी.’
इतना अहंकार ठीक नहीं है।
उन्हें जबरन उठाने की बजाय, मोदी सरकार को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी।
कॉकरोच आंदोलन को कुचलने की बजाय, देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था सुधारो
सोनम वांगचुक के साथ ज़बरदस्ती मोदी सरकार की हार है।
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 18, 2026
कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने लिखा, ‘लीक-प्रधान अपनी गद्दी से चिपके हुए हैं और उनका इस्तीफ़ा मांग रहे लोगों को जंतर-मंतर से ज़बरदस्ती उठाया जा रहा है जैसे कि ये विरोध प्रदर्शन करने की जगह नहीं बल्कि इनका प्राइवेट-गार्डेन हो.’
लीक-प्रधान अपनी गद्दी से चिपके हुए हैं और उनका इस्तीफ़ा माँग रहे लोगों को जंतर-मंतर से ज़बरदस्ती उठाया जा रहा है। जैसे कि ये विरोध प्रदर्शन करने की जगह नहीं बल्कि इनका प्राइवेट-गार्डेन हो।
एक बार फिर ये साबित हुआ है कि अमित शाह का असली चेहरा क्या है। चोरी ही संस्कार है, इस सरकार…— Kanhaiya Kumar (@kanhaiyakumar) July 18, 2026
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने लिखा, ‘हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज़ उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है. लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है.’
हमारा संविधान हर नागरिक को अपनी आवाज़ उठाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का बुनियादी अधिकार देता है। लेकिन आज गृह मंत्रालय का रवैया देखकर लगता है कि उसने इसी संवैधानिक अधिकार को अपना निशाना बना लिया है।
दिल्ली पुलिस सीधे गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है — और कल ही इसी…
— Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) July 18, 2026
