उच्च शिक्षा सचिव बनाए जाने के कुछ ही दिन बाद नरेश पाल गंगवार हटाए गए, सरकार ने नए अधिकारी को दी जिम्मेदारी

केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव की नियुक्ति में बदलाव करते हुए दीप्ति गौड़ मुखर्जी को इस पद पर नियुक्त किया है. 23 जुलाई को नरेश पाल गंगवार को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन उनके परिवार को सरकारी योजना के तहत 1.16 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मिलने को लेकर विवाद के बीच यह फैसला बदला गया.

नरेश पाल गंगवार. (फोटो साभार: इंस्टाग्राम/ bureaucratsmagazine)

नई दिल्ली: कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने उच्च शिक्षा सचिव की नियुक्ति को संशोधित करते हुए आईएएस अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को इस पद पर नियुक्त किया है. इससे पहले 23 जुलाई को पशुपालन विभाग के सचिव नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त करने का फैसला किया गया था.

मालूम हो कि राजस्थान कैडर के 1994 बैच के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार के परिवार (मां, पत्नी और बेटे) को उनके ही विभाग से ‘कमर्शियल फसलों’ – खासकर खीरे की खेती – को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की एक सरकारी योजना के तहत 1.16 करोड़ रुपये से अधिक की सरकारी सब्सिडी मिली थी.

यह योजना व्यावसायिक फसलों को बढ़ावा देने, मुख्य रूप से खीरे (ककड़ी) की खेती के लिए संचालित की जाती है. यह राशि उनके परिवार को पांच साल के दौरान मिली थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, डीओपीटी के ताज़ा आदेश के अनुसार, यह फैसला 23 जुलाई के आदेश में ‘आंशिक संशोधन’ के तहत लिया गया है. मुखर्जी उच्च शिक्षा सचिव के पद पर विनीत जोशी की जगह लेंगी. हालांकि, जोशी ने अब तक यह पद नहीं छोड़ा है, इसलिए गंगवार ने भी उच्च शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारी के तौर पर कार्यभार नहीं संभाला था. वह पशुपालन विभाग के सचिव बने रहेंगे.

गौरतलब है कि पेपर लीक और परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन के बीच कैबिनेट की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने  23 जुलाई को नरेश पाल गंगवार को शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग में विनीत जोशी की जगह नियुक्त किया था. हालांकि उनकी नियुक्ति के बाद से ही विवाद देखने को मिला था. विपक्ष दलों की ओर से उन्हें लेकर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे थे.

इस दौरान इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी रिपोर्ट में गंगवार के परिवार द्वारा 1.16 करोड़ रुपये की सब्सिडी हासिल करने का मामला उजागर किया था. यह सब्सिडी उसी पशुपालन विभाग के माध्यम से दी गई थी, जिसके सचिव गंगवार हैं.

द वायर ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया था कि कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जो राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के अध्यक्ष हैं, ने भी 2026 में इसी योजना के तहत 99.6 लाख रुपये की ’50 प्रतिशत’ सब्सिडी हासिल की थी. हालांकि, चौधरी ने पिछले महीने यह राशि वापस कर दी थी.

गौरतलब है कि नई उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त की गईं दीप्ति गौड़ मुखर्जी, 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी हैं. वे इससे पहले कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय में सचिव थीं.

सरकार ने गंगवार के उत्तराधिकारी के तौर पर ओडिशा कैडर के आईएएस अधिकारी सुशील कुमार लोहानी को भी नियुक्त किया था. अब लोहानी को भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्लूएआई) का अध्यक्ष बनाया गया है. आईडब्लूएआई के मौजूदा अध्यक्ष सुनील पालिवाल को युवा मामले विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है.

प्रशासनिक फेरबदल के तहत युवा मामले विभाग से हटाई गईं आईएएस अधिकारी पल्लवी जैन गोविल को कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय का सचिव बनाया गया है. वह मुखर्जी की जगह लेंगी.