नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के रायपुर में सरकारी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आजीकेवी) ने 7 अगस्त को हुई बीएससी एग्रीकल्चर फर्स्ट ईयर की ‘प्लांट पैथोलॉजी’ परीक्षा रद्द कर दी है. अधिकारियों ने सोमवार (24 अगस्त) को बताया कि एक अलग प्रश्नपत्र लीक मामले की पुलिस जांच के दौरान इस परीक्षा का प्रश्नपत्र भी लीक होने की पुष्टि हुई.
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आईजीकेवी के कुलपति गिरीश चंदेल ने आपात बैठक के दौरान परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया. यह निर्णय 20 अगस्त को बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के कीट विज्ञान (Entomology) के प्रश्नपत्र लीक होने और दुर्ग के एक निजी कॉलेज में एक प्रोफेसर और पांच छात्रों की गिरफ्तारी के बाद लिया गया.
20 अगस्त को हुए लीक की पुलिस जांच में पता चला कि ‘प्लांट पैथोलॉजी’ का प्रश्न पत्र भी लीक हो गया था. अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा सितंबर के पहले हफ्ते में दोबारा कराई जाएगी. लीक हुए ‘एंटोमोलॉजी’ पेपर की दोबारा परीक्षा भी इसी दौरान होगी.
ज्ञात हो कि बीते 21 अगस्त को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में द्वितीय वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की एंटोमोलॉजी (कीट विज्ञान) की परीक्षा पेपर लीक होने के आरोपों के चलते रद्द कर दिया गया था. इन आरोपों का मुख्य आधार वॉट्सऐप पर सामने आया एक प्रश्नपत्र था, जिसकी करीब 70 फीसदी सामग्री असली प्रश्नपत्र से मेल खाती थी.
अखबार के अनुसार, विश्वविद्यालय ने दुर्ग कॉलेज को नोटिस जारी किया है और परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में कथित तौर पर नाकाम रहने के लिए उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की है. इसने कॉलेज में ‘एंटोमोलॉजी’ और ‘प्लांट पैथोलॉजी’ परीक्षाओं के लिए नियुक्त ऑब्जर्वर को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया है.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड 38 वर्षीय योगेश सोनकेसरिया, दुर्ग के भारती एग्रीकल्चर कॉलेज में प्रोफेसर हैं, जहां वे 2019 से काम कर रहे हैं. यूनिवर्सिटी के नियमों के तहत प्रोफेसरों की ज़िम्मेदारी होती है कि वे मुख्य एग्रीकल्चर कॉलेज से अपने-अपने कॉलेज तक एग्ज़ाम पेपर ले जाएं और परीक्षा के बाद आंसर शीट जमा करें.
रायपुर पुलिस ने शनिवार को छह लोगों को गिरफ़्तार किया, जिनमें एक प्रोफेसर भी शामिल है जिसे मुख्य आरोपी माना जा रहा है. आरोपियों के ख़िलाफ़ छत्तीसगढ़ पब्लिक एग्ज़ामिनेशन एक्ट, 2008 की धारा 4, 5 और 10 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है.
पेपर लीक होने से तीन दिन पहले 17 अगस्त को वे अपने कॉलेज की आंसर शीट जमा करने के लिए रायपुर के जोरा स्थित एग्रीकल्चर कॉलेज आए थे. उन्हें जमा करने के बाद उन्होंने अगले हफ़्ते होने वाली परीक्षाओं के लिए प्रश्न-पत्र लिए, जिनमें एंटोमोलॉजी का पेपर भी शामिल था. हालांकि, कॉलेज लौटने पर एंटोमोलॉजी का पेपर कॉलेज अधिकारियों को सौंपने के बजाय वे उसे अपने घर ले गए – यह सुरक्षा में एक चूक थी जिसकी पुष्टि पुलिस और यूनिवर्सिटी अधिकारियों दोनों ने की है.
इसके बाद सोनकेसरिया ने एक पतला एंडोस्कोप कैमरा खरीदा, सुई का इस्तेमाल करके सीलबंद लिफ़ाफ़े में एक छोटा सा छेद किया और डिवाइस से दिख रहे शब्दों को पहचानकर और उन्हें सही क्रम में लगाकर लगभग 15 सवालों की नकल की.
परीक्षा से एक दिन पहले उन्होंने अपने कॉलेज के तीन छात्रों- जिनमें अजय नायक भी शामिल था, को 11,000 रुपये में पेपर बेच दिया. आरोप है कि नायक ने इसे त्रिदेव पटेल, नितिन पांडे, अनुज मिंज और आदित्य साहू को आगे दे दिया- ये सभी भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के छात्र हैं. इस मामले में दो और संदिग्धों की तलाश है.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल ज़ोन) तारकेश्वर पटेल ने बताया कि 36 घंटे की लगातार फ़ील्ड और तकनीकी जांच के बाद लीक के स्रोत और सभी आरोपियों की पहचान का पता चला.
उन्होंने कहा, ‘जांच के दौरान हमने दुर्ग के अनुज मिंज का पता लगाया और उसे पकड़ने के लिए एक टीम भेजी. उससे पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आस-पास के जिलों में और टीमें तैनात की गईं.’
पुलिस ने आरोपी के पास से 11,000 रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, एक वीडियो-रिकॉर्डिंग डिवाइस, केबल तार, एक मोबाइल कनेक्टर, एक सुई, एक तेज धार वाला औजार, एक नोटबुक और चिपकाने वाला पदार्थ (एडहेसिव) ज़ब्त किया.
हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, एक अधिकारी ने कहा, ’20 अगस्त को हुए पेपर लीक के सिलसिले में रायपुर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कॉलेज के छात्रों के खिलाफ भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.’
अधिकारियों ने बताया कि विश्वविद्यालय अपनी परीक्षा प्रणाली की गोपनीयता, पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर भी विचार कर रहा है.
विश्वविद्यालय ने भरोसा दिलाया है कि प्रश्न पत्र लीक होने की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.
